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सुधार में बेतार हुए बिजली के पोल, ट्रांसफार्मर
ब्यूरो, मऊ, अमर उजाला
Updated Sat, 20 Dec 2014 11:32 PM IST
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विद्युतीकरण कार्य को होते हुए एक साल पहले लगा दिए गए खंभों पर तार नहीं खींचे गए है। 34 ट्रांसफार्मर लगाए जाने हैं, पर अब तक केवल दो लगाए गए हैं। उन्हें भी केवल टांग दिया गया है। सप्लाई लाइन से जोड़ा नहीं गया है।
पुराने तारों और ट्रांसफार्मरों के चलते रोजाना फाल्ट से आपूर्ति बाधित रहती है। आठ करोड़ के ठेके में कराए जाने वाले कार्यों में महज दस प्रतिशत ही काम हो सके हैं। जबकि इन्हें छह माह पहले ही पूरा हो जाना चाहिए था।
कोपागंज और आसपास के गांवों में बिजली के तार और ट्रांसफार्मर जर्जर हो गए। आधुनिकीकरण के लिए बिजली विभाग की ओर से कोलकाता की एक फर्म को आठ करोड़ का ठेका दिया गया ।
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इस कंपनी को 33/11 केवी टड़ियांव उपकेंद्र से कोपागंज तक नए बिजली पोल गाड़ने और उन पर तार खींचने थे। इसके अतिरिक्त कस्बे के सभी मुहल्लों और गलियों में नए ख्ंाभों पर एबीसी कंडक्टर केबल लगाना था।
इस पूरे क्षेत्र में 25,63,100,250 और 400 केवी के कुल 34 ट्रांसफार्मर लगाने हैं, इनमें से केवल दो ही लगाए गए हैं। पहला कोपागंज ब्लाक के पास और दूसरा रेलवे स्टेशन के उत्तरी क्रासिंग के पास।
ये दोनों ट्रांसफार्मर भी शोपीस ही बने हुए हैं, क्योंकि इन्हें केवल पोलों पर टांग दिया गया, सप्लाई वाली लाइन से जोड़ा नहीं गया है। चार छह ट्रांसफार्मर ब्लाक के पास रख हुए हैं।
इसी तरह से कं पनी ने टड़ियांव से कोपागंज चुंगी तक पोल तो गाड़ दिए, किंतु उन पर तार नहीं खींचे। इसी प्रकार डांड़ी से कोपागंज तक नई विद्युत लाइन बिछानी है।
लेकिन केवल खुखुंदवा तक पोल गाड़कर छोड़ दिए गए हैं। कस्बे में कहीं भी केबल नहीं लगाया गया है। कार्य मई 2014 तक पूरा हो जाना चाहिए था।
लेकिन निर्धारित समय सीमा से सात माह अधिक बीत चुके है और काम केवल 10 फीसदी ही हुआ है। इस बाबत बिजली विभाग के अपर अभियंता राम चंद्र और अभिनव प्रणव का कहना है कि कंपनी इसकी जवाब देह है।
उधर, ठेका लेने वाली कंपनी प्रभा इंटर प्राइजेज कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर नीरज झा का कहना है कि विभाग की ओर से मार्च तक की समय सीमा बढ़ा दी गई है, इस अवधि में कार्य पूरे करा लिया जाएगा।
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पुराने तारों और ट्रांसफार्मरों के चलते रोजाना फाल्ट से आपूर्ति बाधित रहती है। आठ करोड़ के ठेके में कराए जाने वाले कार्यों में महज दस प्रतिशत ही काम हो सके हैं। जबकि इन्हें छह माह पहले ही पूरा हो जाना चाहिए था।
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कोपागंज और आसपास के गांवों में बिजली के तार और ट्रांसफार्मर जर्जर हो गए। आधुनिकीकरण के लिए बिजली विभाग की ओर से कोलकाता की एक फर्म को आठ करोड़ का ठेका दिया गया ।
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इस कंपनी को 33/11 केवी टड़ियांव उपकेंद्र से कोपागंज तक नए बिजली पोल गाड़ने और उन पर तार खींचने थे। इसके अतिरिक्त कस्बे के सभी मुहल्लों और गलियों में नए ख्ंाभों पर एबीसी कंडक्टर केबल लगाना था।
इस पूरे क्षेत्र में 25,63,100,250 और 400 केवी के कुल 34 ट्रांसफार्मर लगाने हैं, इनमें से केवल दो ही लगाए गए हैं। पहला कोपागंज ब्लाक के पास और दूसरा रेलवे स्टेशन के उत्तरी क्रासिंग के पास।
ये दोनों ट्रांसफार्मर भी शोपीस ही बने हुए हैं, क्योंकि इन्हें केवल पोलों पर टांग दिया गया, सप्लाई वाली लाइन से जोड़ा नहीं गया है। चार छह ट्रांसफार्मर ब्लाक के पास रख हुए हैं।
इसी तरह से कं पनी ने टड़ियांव से कोपागंज चुंगी तक पोल तो गाड़ दिए, किंतु उन पर तार नहीं खींचे। इसी प्रकार डांड़ी से कोपागंज तक नई विद्युत लाइन बिछानी है।
लेकिन केवल खुखुंदवा तक पोल गाड़कर छोड़ दिए गए हैं। कस्बे में कहीं भी केबल नहीं लगाया गया है। कार्य मई 2014 तक पूरा हो जाना चाहिए था।
लेकिन निर्धारित समय सीमा से सात माह अधिक बीत चुके है और काम केवल 10 फीसदी ही हुआ है। इस बाबत बिजली विभाग के अपर अभियंता राम चंद्र और अभिनव प्रणव का कहना है कि कंपनी इसकी जवाब देह है।
उधर, ठेका लेने वाली कंपनी प्रभा इंटर प्राइजेज कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर नीरज झा का कहना है कि विभाग की ओर से मार्च तक की समय सीमा बढ़ा दी गई है, इस अवधि में कार्य पूरे करा लिया जाएगा।