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लापरवाही-लेटलतीफी बनी पिछ़डने की वजह, टॉप 20 से भी हुए बाहर

Sun, 02 Oct 2022 11:03 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 02 Oct 2022 11:03 PM IST
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Negligence-delay became the reason for being left behind, also out of top 20
मऊ। स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 में जारी रैकिंग में नगर पालिका का प्रदर्शन बीते वर्ष की भांति इस बार भी निराशाजनक रहा। बीते वर्ष वह प्रदेश में 17वीं रैंक पर था, लेकिन इस बार रैंकिंग 39वीं हो गई। इसके पीछे समय रहते डपिंग ग्राउंड का अधूरा कार्य एसटीपी प्लांट न होना सबसे महत्वपूर्ण कारण है। गत दिवस नगर विकास मंत्रालय ने स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 का परिणाम घोषित किया।
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बताते चले कि बीते वर्ष केंद्र की रेटिंग सूची में मऊ नगर पालिका की रेटिंग 225 वीं रैंक थी, जो कि इस बार 210 रैंक रही। जो कि बीते वर्ष की तुलना में बेहतर है, लेकिन प्रदेश में जहां 2021 में रेटिंग 28वीं थी वह गिरकर 39 पहुंच गई। तीन वर्षो से नगर पालिका की रैकिंग लगातार गिर रही है, बावजूद जिम्मेदार इसको लेकर सक्रिय नहीं हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो 2020 में नगर पालिका की स्थित पूरे देश में 140वें तथा प्रदेश में 17वें स्थान पर जबकि 2019 में प्रदेश में 11वें स्थान पर रहे। तीनों बार नगर पालिका मंडल में प्रथम स्थान पर रहा। लेकिन इस बार काफी अंकों की गिरावट होने से टॉप-20 तो छोड़िए टॉप -30 से बाहर होकर नगर पालिका लुढ़क गई। इसके पीछे नगर पालिका के जिम्मेदारों की उदासीनता है। सूत्रों की माने तो यह गिरावट ढाई हजार से ज्यादा अंक कम होने के चलते हुई। यह अंक डंपिंग ग्राउंड, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, एमआरएफ सेंटर न होने पर कम हुआ है। चौंकाने वाली बात है कि एनजीटी के निर्देश के बाद नगर पालिका के जिम्मेदार बीते तीन वर्ष से अधिक समय से डंपिंग ग्राउंड के लिए जमीन चिह्नित नहीं कर सके थे। ईओ दिनेश कुमार ने बताया कि डंपिंग ग्राउंड तथा एसडीपी प्लांट के न होने के कारण अपनी स्वच्छता रैंकिंग में गिरावट आई है। जिले की नगर पंचायत चिरैयाकोट को स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 में बेहतर रहा। निकाय को स्वच्छ भारत मिशन के तहत कार्य करने को लेकर स्वच्छता सर्वेक्षण में इनोवेशन तथा बेस्ट प्रैक्टिस का सम्मान मिला। वहीं इस निकाय की इस बार जोनल रैकिंग 92वीं तथा प्रदेश में 41वीं है। वहीं कोपागंज की प्रदेश में 56वीं, मुहम्मदाबाद गोहना में 132वीं, मधुबन की 83वीं रैकिंग रही। जबकि दोहरीघाट की 118वीं, घोसी की 93वीं, वलीदपुर की 90वीं, अदरी की 176वीं तथा अमिला की 89वीं रैकिंग प्रदेश में रही।
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