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लापरवाही-लेटलतीफी बनी पिछ़डने की वजह, टॉप 20 से भी हुए बाहर

Wed, 24 Nov 2021 12:03 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 24 Nov 2021 12:03 AM IST
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Negligence-delay became the reason for being left behind, also out of top 20
मऊ। स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 में गत दिवस जारी रैकिंग में नगर पालिका मऊ का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। बीते वर्ष नगर पालिका प्रदेश में 17वीं रैंक पर था, लेकिन इस बार ग्यारह रैंक गिरकर यह रैकिंग 28वीं हो गई। इसके पीछे समय रहते डपिंग ग्राउंड के लिए जमीन चिह्नित न करना, एमआरएफ सेंटर का न होना, एसटीपी प्लांट न होना सबसे महत्वपूर्ण कारण है। इसके चलते नगर पालिका को एक हजार अंकों का नुकसान हुआ। हालांकि नगर पालिका द्वारा कुछ माह पूर्व ही डपिंग्र ग्राउंड के लिए जमीन चिहिन्त की गई है। अगर समय रहते जिम्मेदारों द्वारा इसे चिहिन्त कर लिया गया होता नगर पालिका को 400 अंकों का नुकसान नहीं होता तथा नगर पालिका मऊ टॉप 10 निकाय में शामिल होता।
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गत दिवस नगर विकास मंत्रालय द्वारा स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 का परिणाम घोषित किया गया। इसमें देश के 4 हजार से ज्यादा नगर निगम, पालिका, नगर पंचायतों द्वारा प्रतिभाग किया गया। इसमें नगर पालिका मऊ की देश में 225 वीं रैंक, प्रदेश में 28वीं स्थान रहा। सकारात्मक बात रही नगर पालिका मऊ इस बार भी मंडल में प्रथम स्थान रहा।
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चौकाने वाली बात है कि बीते तीन वर्षो से नगर पालिका की रैकिंग लगातार गिर रही है, बावजूद नगर पालिका के जिम्मेदार इसको लेकर सक्रिय नहीं दिख रहे है। स्वच्छता सर्वेक्षण के आंकड़ों पर गौर करे तो 2020 में मऊ नगर पालिका की स्थित पूरे देश में 140वीं तथा प्रदेश में 17वीं स्थान पर जबकि 2019 में प्रदेश में 11वीं स्थान पर रहे। इस दौरान तीनों बार नगर पालिका मऊ मंडल में प्रथम स्थान पर रहा। लेकिन इस बार काफी अंकों की गिरावट होने से टॉप-20 से नगर पालिका लुढ़क गई। इसके पीछे नगर पालिका के जिम्मेदारों की उदासीनता है।
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सूत्रों की माने तो यह गिरावट एक हजार से ज्यादा अंक कम होने के चलते हुई। यह अंक कम डपिंग्र ग्राउंड न होने, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, एमआरएफ सेंटर न होने पर हुआ। चौकाने वाली बात है कि एनजीटी के निर्देश के बाद नगर पालिका के जिम्मेदार बीते दो वर्ष से अधिक समय से डपिंग ग्राउंड के लिए जमीन चिहिन्त नहीं कर सके थे, अभी कुछ माह पूर्व ही नगर से सात किमी दूर रैनी में डपिंग ग्राउंड के लिए जमीन चिह्नित की गई। लेकिन इस दौरान स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 के तहत दिल्ली से क्यूसीआई टीम द्वारा मूल्याकंन किया जा चुका था।

ईओ दिनेश कुमार ने बताया कि डंपिंग ग्राउंड तथा एसडीपी प्लाट के न होने के कारण अपनी स्वच्छता रैंकिंग में गिरावट आई है। लेकिन सकारात्मक बात रही है कि बीते माह ही डंपिंग ग्राउंड के लिए जमीन चिह्नित करने के साथ ही अन्य खामियों को ठीक किया जा रहा है।
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