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Mau News: एमआरएफ सेंटर बनाकर शहर के 130 टन कचरे से नगर पालिका प्राप्त करेगी राजस्व

Sun, 26 Nov 2023 11:16 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 26 Nov 2023 11:16 PM IST
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Municipality will get revenue from 130 tons of waste of the city by building MRF center.
मऊ। शहर से निकलने वाले 130 टन कचरे से अब हर माह नगरपालिका लाखों रुपये का राजस्व प्राप्त करेगी। दरअसल नगरपालिका की ओर से मैटिरियल रिकवरी फेसिलेशन (एमआरएफ) सेंटर बनाने की योजना है।एमआरएफ सेंटर पर गीले कचरे से गलनशील पदार्थ अलग किए जाएंगे ताकि उनसे खाद बनाई जा सके।
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सूखे कचरे को रिसाइकिलिंग करने की योजना है। प्रथम चरण में नगरपालिका की ओर से चार वार्डों पर एक एमआरएफ सेंटर बनाए जाने के लिए योजना है। इसके तहत, नगर के कंधेरी में जमीन चिह्नित कर यहां 37 लाख की लागत से एमआरएफ सेंटर बनाने का कार्य शुरू हो चुका है।
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बताते चलें कि नगरपालिका के 45 वार्डो से रोजाना 130 मीट्रिक टन कचरा निकलता है। इसमे करीब 40 फीसदी गीला कचरा होता है। नगरपालिका ने रोजाना एकत्रित होने वाले कचरे के निस्तारण और गीले कचरे से खाद बनाने के लिए योजना तैयार की है। इस योजना के तहत पहले चरण में चार वार्डों में पांच एमआरएफ सेंटर बनाया जाएगा। नगरपालिका ईओ दिनेश कुमार ने बताया कि पहले चरण में पांच वार्डों पर एक एमआरएफ सेंटर बनाया जाएगा। इसके लिए दो से तीन मंडा तक जमीन चिह्नित करने का प्रयास किया जा रहा है।
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बताया कि वर्तमान में पहला एमआरएफ सेंटर बनने के लिए नगर के कंधेरी में जमीन चिह्नित कर यहां कवायद शुरू कर दी गई है। यहां सेंटर बनने के बाद दूसरे सेंटर को बनाने का टेंडर जारी किया जाएगा। खाद्य एवं सफाई निरीक्षक सत्यप्रकाश ने बताया कि एमआरएफ सेंटर में वार्डों से प्रतिदिन निकलने वाले कचरा को डंपिंग ग्राउंड पर अलग अलग किया जाएगा। इसमें गीले कचरे को एमआरएफ सेंटर पर खाद बनाने के साथ सूखा कचरा को रिसाइकिलिंग करने की योजना है।


खुले में डंप कचरे से मिलेगी राहत

मऊ। नगर में नगरपालिका की ओर से खुले में कचरा डंप न हो, उसके लिए चिन्हित बाजार में ही कंटेनर रखा गया है। ऐसे में कूड़ा उठान न होने से लोगों की ओर खुले में कचरा डंप किया जा रहा है, लेकिन एमआरएफ सेंटर बनने के बाद गीला कचरा का प्रयोग होने से इस समस्या से राहत मिलेगी। इससे नगर में स्वच्छता बढ़ेगी, जो अभी एक बड़ी परेशानी है।





सभी घरों में दिए गए दो रंग के डस्टबिन

मऊ। सफाई एवं खाद्य निरीक्षक सत्यप्रकाश ने बताया कि वर्तमान में 42 वार्डों से प्रतिदिन 130 टन कचरा निकलता है। बताया कि इसमें करीब 50 टन तक गीला कचरा तथा 80 टन तक सूखा कचरा होता है। शेष कचरे में बायोमेडिकल वेस्ट सहित दूसरे कचरा शामिल होता है। बताया कि एमआरएफ प्लान से चिह्नित किए स्थान पर कचरे को एकत्र किया जाएगा। इसके बाद प्रशिक्षित श्रमिकों के जरिए कचरे में शामिल पॉलिथीन, प्लास्टिक, कागज समेत कूड़े की चीजों को अलग-अलग कर लिया जाएगा। जिसे बाद में कबाड़ियों से विक्रय किया जाएगा। यह सब प्रक्रिया एमआरएफ सेंटर पर ही होगी।




एजेंसी की मदद भी ले सकते हैं निकाय
मऊ। कचरा प्रबंधन में एमआरएफ सेंटर संचालन में नगर निकाय निजी एजेंसियों की मदद भी ले सकती है। जिसमें कचरा निस्तारण का पूरा काम एजेंसी द्वारा किया जाएगा। इसका इंफास्ट्रक्चर नगर निकायों को ही बनाकर तैयार कर देना होगा।
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