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जर्जर हाल में हैं अधिकांश राजकीय नलकूपों की नालियां
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मऊ। जनपद में राजकीय नलकूपों के संचालन की स्थिति बेहद खराब है। ज्यादातर नलकूपों की नालियां जर्जर हैं। नाली क्षतिग्रस्त होने से दूर वाले खेतों में पानी ही नहीं पहुंच पाता है। सरकारी आंकड़ों में मात्र 11 राजकीय नलकूप खराब दिखाए गए हैं। महकमे के आला अधिकारी धन न होने का हवाला दे रहे हैं।
सिंचाई व्यवस्था को चुस्त दरुस्त करने के लिए शासन की ओर से 363 नलकूपों की स्थापना की गई है। शासन प्रशासन की लचर कार्यप्रणाली के चलते किसानों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। महकमे की ओर से नलकूपों की स्थिति में सुधार के लिए जिला योजना में गत वर्ष 168 लाख का प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन सिर्फ 15 लाख ही मिला। अधिकारियों के अनुसार प्रस्ताव तो कई बार भेजा गया, लेकिन मांग के अनुरूप धन नहीं मिला। सिंचाई की सख्त जरूरत है। लेकिन नलकूपों के रख रखाव ठीक न होने तथा और नालियों के जर्जर रहने से किसानों को लाभ नहीं मिल रहा है। मामूली खराबी से 11 नलकूप खराब पड़े हैं।
अधिकांश राजकीय नलकूपों की नालियां क्षतिग्रस्त होने के चलते पानी इधर उधर बह जा रहा है। इसके चलते दूर वाले खेतों में पानी नहीं पहुंच पाता है।
किसान बोले : शिकायत पर भी सुनवाई नहीं होती
इस संबंध में किसान संजय सिंह, श्रीकांत यादव, किसान नेता देव प्रकाश राय, सूर्यभान यादव, जर्नादन राय का कहना था कि राजकीय नलकूपों की नालियां दशकों पूर्व बनी हैं। ऐसे में नालियों के पुनर्निर्माण तथा जर्जर उपकरणों को बदलने के लिए कई बार आला अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया लेकिन सिर्फ आश्वासन मिला। इस बाबत अधिशासी अभियंता नलकूप अच्युतानंद का कहना है कि शीघ्र ही मामूली खराब पड़े नलकूपों का मरम्मत कार्य करा दिया जाएगा। नालियों की मरम्मत के लिए जिला योजना को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
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सिंचाई व्यवस्था को चुस्त दरुस्त करने के लिए शासन की ओर से 363 नलकूपों की स्थापना की गई है। शासन प्रशासन की लचर कार्यप्रणाली के चलते किसानों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। महकमे की ओर से नलकूपों की स्थिति में सुधार के लिए जिला योजना में गत वर्ष 168 लाख का प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन सिर्फ 15 लाख ही मिला। अधिकारियों के अनुसार प्रस्ताव तो कई बार भेजा गया, लेकिन मांग के अनुरूप धन नहीं मिला। सिंचाई की सख्त जरूरत है। लेकिन नलकूपों के रख रखाव ठीक न होने तथा और नालियों के जर्जर रहने से किसानों को लाभ नहीं मिल रहा है। मामूली खराबी से 11 नलकूप खराब पड़े हैं।
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अधिकांश राजकीय नलकूपों की नालियां क्षतिग्रस्त होने के चलते पानी इधर उधर बह जा रहा है। इसके चलते दूर वाले खेतों में पानी नहीं पहुंच पाता है।
किसान बोले : शिकायत पर भी सुनवाई नहीं होती
इस संबंध में किसान संजय सिंह, श्रीकांत यादव, किसान नेता देव प्रकाश राय, सूर्यभान यादव, जर्नादन राय का कहना था कि राजकीय नलकूपों की नालियां दशकों पूर्व बनी हैं। ऐसे में नालियों के पुनर्निर्माण तथा जर्जर उपकरणों को बदलने के लिए कई बार आला अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया लेकिन सिर्फ आश्वासन मिला। इस बाबत अधिशासी अभियंता नलकूप अच्युतानंद का कहना है कि शीघ्र ही मामूली खराब पड़े नलकूपों का मरम्मत कार्य करा दिया जाएगा। नालियों की मरम्मत के लिए जिला योजना को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
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