फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   More than 24 thousand applications hang due to strike of lekhpal

24 हजार से अधिक आवेदन लटके

Fri, 13 Jul 2018 12:02 AM IST
मऊ ब्यूरो
मऊ ब्यूरो Updated Fri, 13 Jul 2018 12:02 AM IST
विज्ञापन
More than 24 thousand applications hang due to strike of lekhpal
कलेक्ट्रेट पर लेखपालों के धरना प्रदर्शन को संबोधित करते बलिया जिले के कोषाध्यक्ष रामवृक्ष। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
लेखपालों की हड़ताल के चलते तहसीलों में कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है। ऐसे में आय, जाति और मूल निवास प्रमाणपत्रों के लिए 24 हजार से अधिक आवेदन लटक गए हैं। साथ ही वृद्धावस्था और विधवा पेंशन का सत्यापन कार्य भी प्रभावित है। श्रावस्ती माडल के तहत चयनित गांवों में राजस्व टीमों के न पहुंच पाने से भूमि विवादों का निपटारा नहीं हो पा रहा। प्रशासन की ओर से कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं किए जाने से आमजन परेशान हैं।
विज्ञापन


आठ सूत्री मांगों को लेकर तीन जुलाई से लेखपाल कलमबंद हड़ताल पर हैं। सात जुलाई तक लेखपालों ने तहसील मुख्यालयों पर धरना देकर विरोध जताया। सोमवार से वह कलक्ट्रेट परिसर में धरना दे रहे हैं। हड़ताल के चलते लेखपालों ने जाति, मूल निवास, आय प्रमाणपत्र सत्यापित करने का कार्य 26 जून से  ही बंद कर दिया था। जिले की चारों तहसीलों के 1613 राजस्व गांवों के 24 हजार 221  लोग आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र के लिए भटक रहे हैं।
विज्ञापन


केवल जाति प्रमाण पत्र के लिए  मुहम्मदाबाद गोहना में 1954 , घोसी में 23 28 सदर तहसील में 2478  और मधुबन में 2078 सहित कुल 8838 आवेदन लटके हैं। इसी प्रकार आय प्रमाण पत्र के मुहम्मदाबाद गोहना में 1870 , घोसी में 2113 सदर में 2397 और मधुबन में 2095 सहित कुल 8475 आनलाइन आवेदन लंबित हैं।  जबकि निवास प्रमाण पत्र के लिए मुहम्मदाबाद गोहना तहसील में  1467 , घोसी में1617 सदर तहसील में 1826 तथा मधुबन तहसील में 1998 आनलाइन आवेदन लेखपालों की सत्यापन रिपोर्ट के अभाव में रुके पड़े हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके अलावा तहसील का राजस्व संबंधी कार्य भी पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है। प्रमाणपत्रों नहीं बनने से जहां छात्रों को प्रवेश लेने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं, वहीं आम आदमी के भी बहुत से जरूरी कार्य अटके पड़े हैं। राजस्व संबधी कार्य प्रभावित होने से किसान भी परेशान हैं।

ग्राम गहनी  निवासी कपिलदेव सिंह ने बताया कि वह राजस्व संबंधी कार्य के लिए चार दिन से तहसील के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन बैरंग घर लौटना पड़ता है। काछी कला गांव निवासी कैलाश ने बताया कि जमीनी विवाद में पैमाईश का कार्य दस दिन से लटका हुआ है।


इसके लिए वह पांच दिन से तहसील के चक्कर लगा रहा है। रइसा गांव निवासी छात्र महेंद्र ने बताया कि बीए में प्रवेश लेने के लिए वह जाति, आय प्रमाणपत्र बनवाने के लिए तीन दिन से तहसील के चक्कर लगा रहा है। आय जाति और निवास प्रमाण पत्रों के लिए सत्यापन रिपोर्ट का दायित्व सेक्रेटरियों को दिया गया है। -डीपी पाल, अपर जिलाधिकारी  
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed