{"_id":"69ff7cf6f6367fa98606494b","slug":"monkeys-created-havoc-for-two-and-a-half-hours-in-the-muhammadabad-gohna-tehsil-premises-lawyers-and-employees-hid-in-the-rooms-mau-news-c-295-1-svns1028-145245-2026-05-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mau News: मुहम्मदाबाद गोहना तहसील परिसर में ढाई घंटे बंदरों का उत्पात, कमरों में छिपे अधिवक्ता और कर्मचारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mau News: मुहम्मदाबाद गोहना तहसील परिसर में ढाई घंटे बंदरों का उत्पात, कमरों में छिपे अधिवक्ता और कर्मचारी
विज्ञापन
मुहम्मदाबाद गाेहना तहसील परिसर में अधिकारियों के कार्यालय के सामने बेखौफ घूमते बंदर।संवाद
मुहम्मदाबाद गोहना तहसील परिसर में शनिवार को बंदरों का उत्पात चरम पर रहा। दोपहर करीब ढाई बजे 20 से अधिक बंदर अचानक तहसील परिसर में पहुंच गए और उत्पात मचाने लगे। इससे परिसर में ढाई घंटे तक अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। अधिवक्ता और कर्मचारी कमरों में छिपे रहे।
शनिवार को सेकेंड सैटरडे की छुट्टी होने के कारण भीड़ अपेक्षाकृत कम थी, लेकिन तहसील अधिवक्ता एसोसिएशन चुनाव में नामांकन पत्रों की जांच और पर्चा वापसी का दिन होने के चलते अधिकांश अधिवक्ता कचहरी पहुंचे थे। इसके अलावा जनगणना और अन्य कार्यों में लगे कर्मचारी भी कार्यालयों में मौजूद थे।
इसी दौरान बड़ी संख्या में बंदर परिसर में पहुंचकर इधर-उधर दौड़ने और धमा-चौकड़ी मचाने लगे। बंदरों के डर से अपने चेंबर और गद्दियों पर बैठे अधिवक्ता इधर-उधर भागने लगे। बंदरों ने कुछ अधिवक्ताओं को दौड़ा भी लिया।
विज्ञापन
इस दौरान विभिन्न थाना क्षेत्रों से शांति भंग के आरोप में लाए गए लोगों और उनके साथ मौजूद पुलिसकर्मियों को भी कमरों में भागकर खुद को सुरक्षित करना पड़ा। डर के कारण कई कर्मचारियों ने कमरों के दरवाजे बंद कर लिए।
करीब ढाई घंटे तक बंदरों का उत्पात जारी रहा। स्थिति से बचने के लिए कई कर्मचारी और अधिवक्ता तहसील परिसर छोड़कर चले गए।
विज्ञापन
शनिवार को सेकेंड सैटरडे की छुट्टी होने के कारण भीड़ अपेक्षाकृत कम थी, लेकिन तहसील अधिवक्ता एसोसिएशन चुनाव में नामांकन पत्रों की जांच और पर्चा वापसी का दिन होने के चलते अधिकांश अधिवक्ता कचहरी पहुंचे थे। इसके अलावा जनगणना और अन्य कार्यों में लगे कर्मचारी भी कार्यालयों में मौजूद थे।
विज्ञापन
इसी दौरान बड़ी संख्या में बंदर परिसर में पहुंचकर इधर-उधर दौड़ने और धमा-चौकड़ी मचाने लगे। बंदरों के डर से अपने चेंबर और गद्दियों पर बैठे अधिवक्ता इधर-उधर भागने लगे। बंदरों ने कुछ अधिवक्ताओं को दौड़ा भी लिया।
विज्ञापन
इस दौरान विभिन्न थाना क्षेत्रों से शांति भंग के आरोप में लाए गए लोगों और उनके साथ मौजूद पुलिसकर्मियों को भी कमरों में भागकर खुद को सुरक्षित करना पड़ा। डर के कारण कई कर्मचारियों ने कमरों के दरवाजे बंद कर लिए।
करीब ढाई घंटे तक बंदरों का उत्पात जारी रहा। स्थिति से बचने के लिए कई कर्मचारी और अधिवक्ता तहसील परिसर छोड़कर चले गए।