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Mau News: मोबाइल से बढ़ी न्यूरो के मरीजों की संख्या, ओपीडी में 23 दिन में 1667 युवा पहुंचे

Fri, 10 Oct 2025 11:18 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 10 Oct 2025 11:18 PM IST
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Mobile phones increased the number of neuro patients, 1667 young people visited the OPD in 23 days.
कल्पनाथराय मेडिकल कालेज में न्यूरो सर्जन डॉक्टर तरुण त्रिपाठी, सोर्स संवाद
मऊ। जिले में मोबाइल का बढ़ता इस्तेमाल युवाओं में न्यूरो की समस्या को बढ़ा रहा है। कल्पनाथ राय मेडिकल कॉलेज में बीते 23 दिन में ही न्यूरो के के 4000 मामले आए। इसमें से 1667 युवा थे। जिनकी उम्र 20 से 32 साल के बीच की है। डॉक्टरों का मानना है कि फोन, कंप्यूटर और टीवी स्क्रीन पर अधिक समय बिताने के चलते युवा पीढ़ी न्यूरो की समस्या की चपेट में आ रही है। ओपीडी में आए 1667 मरीजों में 35 फीसदी मरीज 20 साल से कम उम्र के हैं, वह अनीद्रा की समस्या से परेशान हैं।
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बताते चलें कि अब तक जिले में किसी भी सरकारी अस्पताल में न्यूरो की बीमारी को लेकर सुविधा नहीं थी। 17 सितंबर को कसारा स्थित कल्पनाथ राय मेडिकल कॉलेज के शुरू होने के बाद वहां पर न्यूरो की ओपीडी शुरू हुई है। जिले में पहली बार न्यूरो विभाग की सुविधा होने पर शुक्रवार तक 4500 मरीज ओपीडी में दिखाने पहुंचे है। यानी 23 दिन के अंतराल में हर दिन 150 मरीजों का आंकड़ा रहा। इसमें 822 मरीज जिनकी उम्र 12 से 20 साल के बीच रही, वो नींद न आने, बचैनी की समस्या के लिए परामर्श लेने पहुंचे थे। न्यूरो विशेषज्ञ डॉ. नीतीश राय का मानना है कि फोन, कंप्यूटर और टीवी स्क्रीन पर अधिक समय बिताने के चलते युवा तेजी से न्यूरो संबंधी बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। युवाओं में सिरदर्द, माइग्रेन, एकाग्रता की कमी के अलावा अनीद्रा की समस्या झेल रहे हैं। वहीं 1455 मरीज ऐसे हैं जो कि हाथ पैरों में सूनेपन, झनझनाहट, माइग्रेन, गर्दन में जकड़न की समस्या लेकर पहुंचे। डॉ नीतीश राय ने बताया कि न्यूरो के मरीजों को गर्मी के साथ ही ठंड के मौसम में भी परेशानी बढ़ जाती है। गर्मी में कुछ न्यूरोलॉजिकल स्थितियों और न्यूरोट्रांसमीटर असंतुलन के कारण मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं। इससे चिड़चिड़ापन, गुस्सा, अवसाद और चिंता जैसे लक्षण दिखाई देने लगते हैं। साथ ही गर्मी के कारण माइग्रेन भी बढ़ सकता है। इस दौरान मरीजों को शरीर को ठंडा रखने और हाइड्रेटेड रहने की सलाह दी जाती है। वही, ठंड के मौसम में कुछ तंत्रिका संबंधी स्थितियां जैसे कि परिधीय न्यूरोपैथी, रेडिकुलोपैथी और मल्टीपल स्क्लेरोसिस (एमएस) के लक्षण बढ़ सकते हैं। इस कारण झुनझुनी, जलन और तेज दर्द महसूस हो सकता है। इसके अलावा स्क्लेरोसिस के कारण लोगों में थकान और दर्द की समस्या होने लगती है।
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23 दिन में 33 हजार लोगों ने ओपीडी में कराया रजिस्ट्रेशन
मेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ. मनीष राय ने बताया कि कल्पनाथ राय मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार तक 33 हजार मरीजों का उपचार हुआ है, जबकि 150 मरीजों की सर्जरी हुई। आंकड़ों पर गौर करें मेडिसिन विभाग में 8 हजार, नाक कान गला विभाग में 1 हजार तो नेत्र रोग विभाग में 7 हजार और हड्डीरोग विभाग में 6 हजार और न्यूरो विभाग में 4500, दंत रोग विभाग में 1 हजार से ज्यादा मरीजों का उपचार हुआ है। वहीं विशेष शिविर के तहत 5 हजार महिलाओं का उपचार किया गया।
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