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प्रोत्साहन राशि न देने पर 25 को शासनादेश की प्रतियां जलाएंगे चिकित्सा स्वास्थ्यकर्मी:

Sat, 22 May 2021 11:45 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 22 May 2021 11:45 PM IST
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Medical health workers will burn copies of the mandate on 25 if the incentive amount is not given
मऊ। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रांतीय शनिवार को वर्चुअल बैठक हुई। इसमें प्रदेश के समस्त जिले के मंत्री शामिल हुए। सभी ने सरकार से सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों को प्रोत्साहन राशि दिए जाने, उनके परिवारजनों को प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीनेशन कराए जाने और कोविड से मृत होने की दशा में उनके आश्रितों को 50 लाख की धनराशि के लिए समय सीमा तय कर तत्काल सहायता उपलब्ध कराए जाने की मांग की गई।
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इस मौके पर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिला मंत्री अविनाश सिसोदिया ने कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों की मृत्यु के उपरांत उनके आश्रितों को दिए जाने वाली धनराशि के लिए समय सीमा तय की जाए। 25 मई को जनपद के सभी चिकित्सालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं फील्ड के सभी स्वास्थ्य कर्मी काला फीता बांधकर कार्य करेंगे एवं अपने-अपने चिकित्सालयों में कोविड-19 प्रोटोकाल का पालन करते हुए शासनादेश की प्रतियां जलाएंगे।
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शासन द्वारा वैश्विक महामारी कोविड-19 के संक्रमित मरीजों के उपचार के लिए केवल कोविड चिकित्सालयों में तैनात चिकित्सकों, नर्सों, पैरामेडिकल स्टाफ एवं सफाई कर्मियों को मूल वेतन नियत मानदेय पर 25 प्रतिशत तथा कोविड-19 सैंपल की जांच के लिए जांच लैब एवं उनसे संबंधित क्षेत्रों में तैनात लैब टेक्नीशियन, डाटा एंट्री ऑपरेटर, लैब अटेंडेंट को मूल वेतन मानदेय की धनराशि पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन धनराशि भुगतान किए जाने का शासनादेश निर्गत किया गया है।
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जबकि नॉन कोविड चिकित्सालयों के कर्मचारी तथा ग्रामीण टीमों के कर्मचारी कोविड से ज्यादा असुरक्षित हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर जिला चिकित्सालय तक जिन्हें नान कोविड चिकित्सालय कहा जाता है, वहां पर कोरोना मरीज लगातार आ रहे हैं, उनकी जांच कराए जाने पर ज्यादातर मरीज पॉजिटिव आ जाते हैं। औषधि काउंटर पर भी फीवर ओपीडी के मरीजों को दवाएं प्रदान प्रदान की जा रही हैं। एआरवी इंजेक्शन नियमित लग रहे हैं। इससे संक्रमण का ज्यादा खतरा रहता है और यही कारण है कि नान कोविड अस्पतालों में संक्रमित होने वाले कर्मचारियों की संख्या कोविड चिकित्सालयों से ज्यादा है। रैपिड रिस्पांस टीम में एएनएम और एनएमएस को भी लगाया गया है। सभी चिकित्सा कर्मचारी के परिजनों का प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण कराया जाना चाहिए।
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