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Mau News: बारिश के दो दिन बाद अधिकतम और न्यूनतम तापमान में एक-एक डिग्री सेल्सियस की वृद्धि

Thu, 02 Jul 2026 11:43 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 02 Jul 2026 11:43 PM IST
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Maximum and minimum temperatures rose by one degree Celsius each, two days after the rain.
माँ का आँचल:नगर में बृहस्पतिवार को धूप से बचने के लिए अपनी माँ का आँचल से सिर ढक कर जाता बालक।स
गत सोमवार को जिले के विभिन्न इलाकों में हुई बारिश के दो दिन बाद तापमान बढ़ने लगा है। बृहस्पतिवार को अधिकतम और न्यूनतम तापमान में एक-एक डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई।
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दोपहर के समय तेज धूप होने से लोगों को आना-जाना मुश्किल हो रहा था। मौसम बार-बार बदलने के चलते लोग विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं।
बृहस्पतिवार को सुबह से ही आसमान में हल्के बादल छाए रहे। सुबह लगभग सात बजे ही धूप असहनीय हो रही थी। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, वैसे-वैसे धूप तेज होती गई और दिनभर धूप-छांव का क्रम बना रहा।
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दोपहर के समय नगर सहित जिले के प्रमुख मार्गों पर लोगों की आवाजाही कम रही। गर्मी और उमस के चलते लोगों को एक-एक पल बिताना मुश्किल हो रहा था। बाहर निकलने वाले लोग सिर पर टोपी और गमछा लगाकर जाते देखे गए।
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तापमान की स्थिति देखें तो बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहा। आर्द्रता 67 प्रतिशत रही, जबकि 10 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल रही थी।
बुधवार को अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम में बदलाव के चलते लोग बुखार, उल्टी-दस्त, डिहाइड्रेशन, वायरल संक्रमण और पेट संबंधी बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं।
इस संबंध में कृषि विज्ञान केंद्र पिलखी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विनय कुमार सिंह ने बताया कि मौसम विभाग की ओर से तीन से पांच जुलाई के बीच बारिश होने की संभावना जताई गई है।
किसानों को धान की रोपाई के 25 दिन बाद खरपतवार नाशी दवा का छिड़काव करना चाहिए। मौसम में बदलाव के चलते लोग बुखार, उल्टी-दस्त, डिहाइड्रेशन, वायरल संक्रमण और पेट संबंधी बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं।

कृषि विज्ञान केंद्र पिलखी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विनय कुमार सिंह ने बताया कि मौसम विभाग की ओर से तीन से पांच जुलाई के बीच बारिश होने की संभावना जताई गई है। किसानों को धान की रोपाई के 25 दिन बाद खरपतवार नाशी दवा का छिड़काव करना चाहिए।
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