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अब किसानों को बेमौसम सब्जियों की नर्सरी के लिए नहीं करनी पड़ेगी भागदौड़:

Wed, 22 Jan 2020 10:39 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 22 Jan 2020 10:39 PM IST
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नगर के बलिया मोड़ स्थित रोज गार्डन परिसर में बन रहा सेंटर आफ एक्सीलेंस फार वेजीटेबल। - फोटो : MAU
मऊ। अब पूर्वांचल के किसानों को किसी भी मौसम में सब्जियों के फसल की अच्छी व अगेती नर्सरी के लिए भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। किसान आधुनिक तकनीकी से सब्जियों की खेती कर अधिक मुनाफा कमा सकेंगे। जनपद ही नहीं देश के किसी भी जनपद के किसान यहां से सुविधा हासिल कर सकेंगे। केंद्र सरकार की तरफ से रोज गार्डेन में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत इजराइल की तकनीक आधारित 1.4 करोड़ की लागत सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फार वेजीटेबल केंद का निर्माण कराएगा। सबीज बायोटेक को प्रोजेक्ट तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रोजेक्ट का कार्य शुरू हो गया है। मार्च 2020 तक पूरा हो जाएगा। यहां से किसानों को विभाग की तरफ से उचित सरकारी दर पर सब्जी के तैयार उन्नत पौधों को बेचा जाएगा।
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जनपद के विभिन्न इलाकों में बैगन, लौकी, भिंडी, करैला, गोभी, पत्ता गोभी, टमाटर, खीरा, ककड़ी, तरबूज सहित विभिन्न सब्जी के फसलों की खेती की जाती है। सब्जियों की खेती करने वाले किसानों के सामने पौध की कई बार समस्या आ आती है। महंगे बीज खरीदकर किसान नर्सरी डालते हैं, लेकिन सही तकनीक से न हो पाने से लगभग 33 प्रतिशत नर्सरी नष्ट हो जाती है। वहीं पॉली हाउस से अगेती नर्सरी तैयार कर खेती करने वाले किसान बाजार में अच्छा मुनाफा कमाते हैं, जबकि आम किसानों के लिए यह संभव नहीं हो पाता है। लेकिन अब आम किसानों को किसी भी मौसम में अच्छी नर्सरी के लिए भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। केंद्र सरकार की तरफ से किसानों की आय को दुगुना करने के लिए नगर स्थित रोज गार्डेन में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत इजरायल के तकनीक पर आधारित 1.4 करोड़ की लागत से ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजिटेबल’ का निर्माण कराया जाएगा। प्रोजेक्ट के बन जाने से जनपद ही नहीं पूर्वांचल सहित आसपास के किसानों को इसका फायदा मिलेगा। सेंटर में न सिर्फ किसानों के लिए अच्छी नर्सरी तैयार होगी बल्कि किसानों को ट्रेनिंग भी दी जाएगी। लगभग एक बीघा से अधिक एरिया में हाईटेक नर्सरी बनाई जाएगी। जहां मौसम शुरू होते ही उन्नत सब्जी के पौधे मिलने लगेंगे। किसान से सरकारी लागत ली जाएगी। प्रशिक्षण के साथ ही प्रदर्शन भी किसानों को कराया जाएगा। तकनीकी के सहयोग से किसानों को सब्जियों की खेती करना सिखाया जाएगा। उद्यान विभाग के मुताबिक यहां तैयार होने वाली पौध निरोग और स्वस्थ होंगी, जो कई गुना ज्यादा उत्पादन भी देंगी। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक जो किसान अपना बीज देंगे। विभाग पौध तैयार करेगा और उसको पैक करके वापस देगा। किसान से सरकारी लागत ली जाएगी। इस राशि से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का रखरखाव व देखभाल की जाएगी।
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