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जिला विकास अधिकारी समेत चार धोखाधड़ी का मुकदमा
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वलीदपुर/ कोपागंज। कोपागंज ब्लाक के डंगौली गांव में पोखरा खुदाई के नाम पर पांच लाख 15 हजार 388 रुपये के गोलमाल के आरोप में तत्कालीन प्रभारी कार्यक्रम अधिकारी कोपागंज समेत चार पर पोखरा खुदाई के नाम पर पांच लाख से अधिक रुपयों के हेराफेरी का मुकदमा दर्ज किया गया है। कोपागंज के वर्तमान बीडीओ की तहरीर पर पुलिस ने यह मुकदमा दर्ज किया है।
डंगौली गाँव में मनरेगा के तहत गाटा संख्या 336 में पोखरा खुदाई के नाम पर पांच लाख 15 हजार 388 रुपयों का भुगतान ले लिया गया। इस मामले में मिली शिकायत पर डीएम ने जांच के आदेश दिए थे। पोखरा खुदाई की जांच उपायुक्त श्रम एवं रोजगार मऊ के आदेश पर अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा कोपागंज, सहायक अभियंता डीआरडीए मऊ एवं अधिशासी अभियंता सिंचाई खण्ड मऊ की संयुक्त टीम ने की। जांच में पाया कि इस गाटा में पोखरा नहीं खुदवाया गया है। पोखरा खुदाई के कोई साक्ष्य मौके पर मौजूद नहीं मिले। जांच टीम ने लिखा है कि पोखरे की खुदाई में पांच लाख 15 हजार 388 रुपयों का व्यय दर्शाया गया है। इसकी रिर्पोट जिलाधिकारी को दी गई। जिलाधिकारी ने 26 दिसंबर 2019 को खण्ड विकास अधिकारी कोपागंज को इस रकम को हेराफरी करने वालों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया। डीएम के आदेश के अनुुपालन में खण्ड विकास अधिकारी कोपागंज ने 5 लाख 15 हजार 388 रुपये के दुरु्पयोग करने के संबंध में तहरीर पुलिस को दी। पुलिस ने तहरीर के मुताबिक तत्कालीन प्रभारी कार्यक्रम अधिकारी कोपागंज विजय शंकर राय ( डीडीओ, मऊ), अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी कोपागंज ( एपीओ) अनूप कुमार ,ब्लाक तकनीकी सहायक अनिल कुमार , लेखा सहायक मनरेगा उमेश चन्द्र राय और सहायक विकास अधिकारी विजय कुमार मिश्र के विरूद् धोखाधड़ी और सरकारी धन के गमन की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। इस मामले में प्रभारी निरीक्षक चंद्र भाष्कर द्विवेदी का कहना है कि बीडीओ कोपागंज की तहरीर पर पांच अधिकारियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। इसकी जांच की जा रही है।
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डंगौली गाँव में मनरेगा के तहत गाटा संख्या 336 में पोखरा खुदाई के नाम पर पांच लाख 15 हजार 388 रुपयों का भुगतान ले लिया गया। इस मामले में मिली शिकायत पर डीएम ने जांच के आदेश दिए थे। पोखरा खुदाई की जांच उपायुक्त श्रम एवं रोजगार मऊ के आदेश पर अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा कोपागंज, सहायक अभियंता डीआरडीए मऊ एवं अधिशासी अभियंता सिंचाई खण्ड मऊ की संयुक्त टीम ने की। जांच में पाया कि इस गाटा में पोखरा नहीं खुदवाया गया है। पोखरा खुदाई के कोई साक्ष्य मौके पर मौजूद नहीं मिले। जांच टीम ने लिखा है कि पोखरे की खुदाई में पांच लाख 15 हजार 388 रुपयों का व्यय दर्शाया गया है। इसकी रिर्पोट जिलाधिकारी को दी गई। जिलाधिकारी ने 26 दिसंबर 2019 को खण्ड विकास अधिकारी कोपागंज को इस रकम को हेराफरी करने वालों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया। डीएम के आदेश के अनुुपालन में खण्ड विकास अधिकारी कोपागंज ने 5 लाख 15 हजार 388 रुपये के दुरु्पयोग करने के संबंध में तहरीर पुलिस को दी। पुलिस ने तहरीर के मुताबिक तत्कालीन प्रभारी कार्यक्रम अधिकारी कोपागंज विजय शंकर राय ( डीडीओ, मऊ), अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी कोपागंज ( एपीओ) अनूप कुमार ,ब्लाक तकनीकी सहायक अनिल कुमार , लेखा सहायक मनरेगा उमेश चन्द्र राय और सहायक विकास अधिकारी विजय कुमार मिश्र के विरूद् धोखाधड़ी और सरकारी धन के गमन की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। इस मामले में प्रभारी निरीक्षक चंद्र भाष्कर द्विवेदी का कहना है कि बीडीओ कोपागंज की तहरीर पर पांच अधिकारियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। इसकी जांच की जा रही है।
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