{"_id":"5d4b19698ebc3e6ce97eb6ab","slug":"mau-news-crime-mau-news-vns4772436137","type":"story","status":"publish","title_hn":"कार्रवाई से बचने को फाड़े रजिस्टर के पन्ने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कार्रवाई से बचने को फाड़े रजिस्टर के पन्ने
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मऊ। जिला अस्पताल में संचालित हो रही एनसीडी क्लीनिक के कर्मचारियों के कार्रवाई से बचने के लिए उपिस्थति रजिस्टर के पन्नों को फाड़ने का मामला प्रकाश में आया है। मामला संज्ञान में आते ही सीएमएस ने क्लीनिक के चिकित्सकों और कर्मचारियों पर कार्रवाई के लिए सीएमओं को पत्र लिखा है। बीते दिनों मंडलायुक्त और जिलाधिकारी के निर्देश पर संयुक्त विकास आयुक्त ने अस्पताल का निरीक्षण किया था। जिसमें क्लीनिक के चिकित्सक और कर्मचारियों के गैरहाजिर रहने पर अनुपस्थित करते हुए कार्रवाई की संस्तुति की थी। कार्रवाई से बचने के लिए कुछ लोगाें ने उपस्थिति पंजिका के दो पन्नों को फाड़ दिया। सीएमएस डॉ. बृजकुमार ने पत्र में लिखा है कि जिला अस्पताल में गैर संचारी बीमारियों के इलाज के लिए सीएमओ कार्यालय से संचालित हो रहे एनसीडी क्लीनिक में तैनात चिकित्साधिकारी तथा स्वास्थ्य कर्मचारी समय से नहीं बैठ रहे। इसके चलते अन्य चिकित्सकों का सहारा लेना पड़ता है। निर्देश के बाद भी कार्यप्रणाली में कोई सुुधार नहीं आ रहा है। आरोप लगाया कि दो अगस्त को मंडलायुक्त कनक त्रिपाठी के निर्देश पर 12 अधिकारियों द्वारा जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए सरकारी अस्पतालों का निरीक्षण किया गया था। जहां संयुक्त विकास आयुक्त प्रभुनाथ वर्मा की टीम ने जिला अस्पताल, महिला जिला अस्पताल, फतहपुर मंडाव, कोपागंज, घोसी, बड़राव सीएचसी का निरीक्षण किया था। ऐसे में एनसीडी के चिकित्सकाधिकारी और तीन कर्मचारी अनुपस्थित मिले थे। इसके अलावा अन्य चिकित्सक भी गैरहाजिर थे। सीएमएस ने सीएमओ को बताया कि एनसीडी क्लीनिक के चिकित्सक तथा कर्मचारियों का आचरण तथा कृत्य मरीज की सेवा योग्य नहीं है, ऐसे में इनसे काम लेना उनके बस का नहीं है। इस स्थिति में सीएमओ एनसीडी क्लीनिक का दायत्वि खुद ले तथा इनके वेतन आदि का भुगतान अपने स्तर से कराने का कष्ट करे।
कोट
मामले की जानकारी उनके संज्ञान में है। लेकिन पत्र अभी उन्हें नहीं मिला है। इस संबंध में मामले की पूरी जांच कराने के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. सतीशचंद्र सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी
विज्ञापन
कोट
मामले की जानकारी उनके संज्ञान में है। लेकिन पत्र अभी उन्हें नहीं मिला है। इस संबंध में मामले की पूरी जांच कराने के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. सतीशचंद्र सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी
विज्ञापन