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Mau News: सीआर्म मशीन खराब होने से जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में चार माह से मेजर ऑपरेशन बंद

Sat, 20 Sep 2025 01:05 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 20 Sep 2025 01:05 AM IST
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Major operations have been suspended for four months at the district hospital's trauma center due to a malfunctioning CARM machine.
जिला अस्पताल के ओटी में खराबपड़ी सीआर्म मशीन।संवाद
मऊ। सीआर्म मशीन खराब होने से जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में चार माह से हड्डे के मेजर ऑपरेशन बंद हैं। केवल माइनर ऑपरेशन ही हो रहे हैं। पहले हर महीने आठ से 10 मेजर ऑपरेशन होते थे। ऐसे में ट्रॉमा सेंटर आने वाले मरीजों को दूसरे हायर सेंटर रेफर किया जा रहा है।
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जिले के 52 सरकारी अस्पतालों में सिर्फ जिला अस्पताल में ही हड्डी के ऑपरेशन होते हैं। इसके लिए यहां तीन ऑर्थोपेडिक सर्जन तैनात हैं। सी-आर्म मशीन खराब होने के चलते हड्डी के डॉक्टर पिछले चार माह से कोई मेजर ऑपरेशन नहीं कर पा रहे हैं। सिर्फ दो से तीन माइनर ऑपरेशन ही हो पा रहे हैं। 2015 में आई सीआर्म मशीन से महज ढाई साल ही ऑपरेशन हुए थे, वहीं महज स्टेपलाइजर के बिगड़ जाने से चलते यह मशीन सात साल तक शोपीस बनी रही। उधर जिला अस्पताल के प्रबंधन का दावा है कि इस समस्या को लेकर जिला प्रशासन के साथ शासन को अवगत कराया जा चुका है, उन्होंने जल्द मशीन भेजने का आश्वासन दिया है।
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जिला अस्पताल में हर दिन 900 की ओपीडी
जिला अस्पताल की ओपीडी में हर दिन 800 से 900 से अधिक मरीज पहुंच रहे है, जबकि अस्थि रोग के डॉक्टर के पास हर दिन 100 से अधिक मरीज आते हैं। इनमें दो की हालत गंभीर होती है, इन्हें ऑपरेशन की जरूरत होती है। लेकिन मई से सीआर्म मशीन के खराब हो जाने से उन्हें सिर्फ परामर्श लेकर जाना पड़ रहा है। हर रोज एक से दो गंभीर मरीजों को हायर सेंटर रेफर किया जा रहा है, तो कुछ मरीज मजबूरन निजी अस्पताल पहुंच रहे हैं। इस मशीन के खराब होने के कारण अधिकांश गरीब परिवार के मरीजों को इलाज उपचार में परेशानी होती है।
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केस-1 : दुबारी के धूस का पुरवा निवासी मनमोहन यादव ने बताया कि दुर्घटना में रिश्तेदार के पैर की हड्डी टूट गई थी। वह जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर पहुंचे, लेकिन सीआर्म मशीन खराब होने के कारण ऑपरेशन नहीं हो सका। मजबूरन में निजी अस्पताल में ऑपरेशन कराना पड़ा।
केस-2: गाजीपुर जिले के मरदह निवासी सोनू सिंह ने बताया कि हादसे में रिश्तेदार का पैर कई जगह से फ्रैक्चर हो गया। नजदीक होने के चलते ट्रॉमा सेंटर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने सीआर्म मशीन के खराब होने की बात कहकर बीएचयू रेफर कर दिया।
वर्जन
चार महीने से सी आर्म मशीन खराब है, सूचना शासन को भेजी जा चुकी है। जल्द ही नई मशीन भेजने का आश्वासन दिया है, फिलहाल माइनर ऑपरेशन हो रहे हैं, लेकिन मेजर ऑपरेशन बंद हैं।
डॉ. धनंजय कुमार, सीएमएस
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2015 में आई मशीन, स्टेपलाइजर न होने के अभाव में सात साल तक चली ही नहीं
अस्थि रोग विभाग में हड्डी के मेजर ऑपरेशन के लिए सीआर्म मशीन 2015 में आई थी। लेकिन स्टेपलाइजर न होने के चलते यह सात साल तक चली ही नहीं। सीऑर्म 2022 में शुरू हुई। सीएमएस डॉ. धनंजय कुमार ने बताया कि जब मैंने ज्वाइन किया तो यह मशीन प्रयोग नहीं थी। कारण पता कराया तो तो पता चला कि स्टेपलाइजर के नहीं होने के चलते यह इंस्टॉल नहीं हो सकी। इसके बाद इसे इंस्टॉल कराया। यहां मेजर ऑपरेशन शुरू हुए।

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क्या है सीआर्म मशीन

हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. एसपी नारायण ने बताया कि सीआर्म छोटी एक्स-रे मशीन की तरह काम करती है। इसकी मदद से सर्जन ऑपरेशन करते समय शरीर के अंगों के थ्री-डी इमेज देख सकते हैं। हड्डी को जोड़ते समय प्लेट, रॉड लगाने की सही स्थिति का पता लगाते हैं। बिना सीआर्म मशीन के हड्डी के जटिल ऑपरेशन संभव नहीं है। सीआर्म मशीन की कीमत 12 लाख रुपये होती है।

निजी अस्पतालों में मेजर ऑपरेशन बहुत महंगा
सीएमएस डॉ धनंजय कुमार ने बताया कि जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में आने वाले मरीजों का मेजर ऑपरेशन 267 रुपये में किया जाता है। वहीं माइनर ऑपरेशन 67 रुपये लिया जाता है, निजी अस्पतालों में 40 हजार से शुरू होकर यह खर्च एक लाख रुपये तक जाता है।
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