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Mau News: नाम और जन्मतिथि बदलकर दो पासपोर्ट बनवाए, दो भाइयों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज
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नाम और जन्मतिथि बदलकर दो पासपोर्ट बनवाने के आरोप में घोसी कोतवाली पुलिस ने मुहम्मदपुर हसनपुर निवासी दुर्गेश कुमार यादव और दिनेश यादव के विरुद्ध रविवार की रात प्राथमिकी दर्ज की है।
घोसी सीओ की जांच में आरोप सत्य पाए जाने के बाद उपनिरीक्षक लालमोहन की तहरीर पर यह कार्रवाई की गई है। प्राथमिकी के अनुसार, बीते 28 अप्रैल को लखनऊ से एसपी को इस फर्जीवाड़े की जांच के लिए पत्र भेजा गया था। एसपी ने 5 मई को घोसी सीओ को जांच सौंपी थी।
जांच और साक्ष्यों के अवलोकन में पाया गया कि कोतवाली क्षेत्र के मुहम्मदपुर हसनपुर निवासी दुर्गेश कुमार ने वर्ष 2016 में पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था, जिसमें उसका नाम दुर्गेश कुमार और जन्मतिथि 10 जुलाई 1997 अंकित थी। सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद 18 फरवरी 2016 को पासपोर्ट जारी हुआ था, जिसकी वैधता 17 फरवरी को समाप्त हो चुकी है।
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इसी बीच दुर्गेश कुमार ने वर्ष 2018 में पुनः पासपोर्ट के लिए आवेदन किया, जिसमें उसने अपना नाम ‘दुरागेश यादव’ और जन्मतिथि 3 अप्रैल 1995 दर्ज कराई थी।
इसी प्रकार उसके भाई दिनेश यादव ने वर्ष 2017 में पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था, जिसकी वैधता 9 अक्टूबर 2027 तक है। आरोप है कि वैध पासपोर्ट होने के बावजूद दिनेश कुमार ने नाम और जन्मतिथि बदलकर दूसरा पासपोर्ट बनवा लिया।
सीओ जितेंद्र सिंह ने बताया कि जांच में दोनों दोषी पाए गए हैं। रिपोर्ट के आधार पर दोनों के विरुद्ध जालसाजी की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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घोसी सीओ की जांच में आरोप सत्य पाए जाने के बाद उपनिरीक्षक लालमोहन की तहरीर पर यह कार्रवाई की गई है। प्राथमिकी के अनुसार, बीते 28 अप्रैल को लखनऊ से एसपी को इस फर्जीवाड़े की जांच के लिए पत्र भेजा गया था। एसपी ने 5 मई को घोसी सीओ को जांच सौंपी थी।
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जांच और साक्ष्यों के अवलोकन में पाया गया कि कोतवाली क्षेत्र के मुहम्मदपुर हसनपुर निवासी दुर्गेश कुमार ने वर्ष 2016 में पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था, जिसमें उसका नाम दुर्गेश कुमार और जन्मतिथि 10 जुलाई 1997 अंकित थी। सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद 18 फरवरी 2016 को पासपोर्ट जारी हुआ था, जिसकी वैधता 17 फरवरी को समाप्त हो चुकी है।
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इसी बीच दुर्गेश कुमार ने वर्ष 2018 में पुनः पासपोर्ट के लिए आवेदन किया, जिसमें उसने अपना नाम ‘दुरागेश यादव’ और जन्मतिथि 3 अप्रैल 1995 दर्ज कराई थी।
इसी प्रकार उसके भाई दिनेश यादव ने वर्ष 2017 में पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था, जिसकी वैधता 9 अक्टूबर 2027 तक है। आरोप है कि वैध पासपोर्ट होने के बावजूद दिनेश कुमार ने नाम और जन्मतिथि बदलकर दूसरा पासपोर्ट बनवा लिया।
सीओ जितेंद्र सिंह ने बताया कि जांच में दोनों दोषी पाए गए हैं। रिपोर्ट के आधार पर दोनों के विरुद्ध जालसाजी की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है।