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Mau News: विकास में अड़चन बनी जांच, एक रुपये भी खर्च नहीं कर पाया दोहरीघाट क्षेत्र पंचायत
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सरकारी धन गबन की शिकायत दोहरीघाट क्षेत्र पंचायत के विकास में बाधा बन रही है। ब्लॉक प्रमुख और क्षेत्र पंचायत सदस्य इस वित्तीय वर्ष में एक रुपये भी खर्च नहीं कर पाए हैं। वर्ष 2023-24 में क्षेत्र पंचायत से 3.54 करोड़ रुपये खर्च किया गया।
इसी वर्ष कराए गए कुछ कार्यों में अनियमितता का किसी ने शासन स्तर पर शिकायत कर दिया था। आजमगढ़ डीडी पंचायत ने जांच कर रिपोर्ट कमिश्नर को सौंप दिया है। जांच में सरकारी धन गबन की पुष्टि हुई है। आदेश के बाद विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित है।
दोहरीघाट क्षेत्र पंचायत को वित्तीय वर्ष 2021-22 में 4.85 करोड़ रुपये धनराशि मिली, इसमें से 1.24 करोड़ रुपये ही खर्च हुए। वर्ष 2022-23 में 6.71 करोड़ रुपये मिले थे, इसमें से 3.44 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे।
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वर्ष 2023-24 में 5.77 करोड़ रुपये मिले थे, इसमें 3.54 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। वर्ष 2024-25 में 4.34 करोड़ रुपये मिले थे, इनमें से 78.29 लाख रुपये ही खर्च किए जा सके थे। वर्ष 2025-26 में 3.56 करोड़ रुपये तो मिले, लेकिन जांच पूरी नहीं हो पाने से एक रुपये खर्च नहीं हो पाए हैं।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार जांच पूरी कर फाइनल रिपोर्ट लग गई है। मिली धनराशि को खर्च करने की अनुमति मिल गई है। प्रस्तावित कार्यों का टेंडर होने वाला है। लेकिन आश्चर्य की बात ये है कि वित्तीय वर्ष बीतने में 50 दिन रह गए हैं। केवल 50 दिन में 3.56 करोड़ रुपये खर्च करना बड़ी चुनौती होगी।
वित्तीय अनियमितता की जांच शासन स्तर पर की गई थी। इसकी जांच डीडी पंचायत आजमगढ़ द्वारा की गई है। फाइनल रिपोर्ट लगा दी गई है। कुछ कार्यों में वित्तीय अनियमितता की पुष्टि हुई है, जिसे मंडलायुक्त को सौंपी गई है। उनके आदेश के अनुसार उच्चाधिकारी विभागीय कार्रवाई करेंगे। - विकास शुक्ला, खंड विकास अधिकारी, दोहरीघाट
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इसी वर्ष कराए गए कुछ कार्यों में अनियमितता का किसी ने शासन स्तर पर शिकायत कर दिया था। आजमगढ़ डीडी पंचायत ने जांच कर रिपोर्ट कमिश्नर को सौंप दिया है। जांच में सरकारी धन गबन की पुष्टि हुई है। आदेश के बाद विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित है।
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दोहरीघाट क्षेत्र पंचायत को वित्तीय वर्ष 2021-22 में 4.85 करोड़ रुपये धनराशि मिली, इसमें से 1.24 करोड़ रुपये ही खर्च हुए। वर्ष 2022-23 में 6.71 करोड़ रुपये मिले थे, इसमें से 3.44 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे।
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वर्ष 2023-24 में 5.77 करोड़ रुपये मिले थे, इसमें 3.54 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। वर्ष 2024-25 में 4.34 करोड़ रुपये मिले थे, इनमें से 78.29 लाख रुपये ही खर्च किए जा सके थे। वर्ष 2025-26 में 3.56 करोड़ रुपये तो मिले, लेकिन जांच पूरी नहीं हो पाने से एक रुपये खर्च नहीं हो पाए हैं।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार जांच पूरी कर फाइनल रिपोर्ट लग गई है। मिली धनराशि को खर्च करने की अनुमति मिल गई है। प्रस्तावित कार्यों का टेंडर होने वाला है। लेकिन आश्चर्य की बात ये है कि वित्तीय वर्ष बीतने में 50 दिन रह गए हैं। केवल 50 दिन में 3.56 करोड़ रुपये खर्च करना बड़ी चुनौती होगी।
वित्तीय अनियमितता की जांच शासन स्तर पर की गई थी। इसकी जांच डीडी पंचायत आजमगढ़ द्वारा की गई है। फाइनल रिपोर्ट लगा दी गई है। कुछ कार्यों में वित्तीय अनियमितता की पुष्टि हुई है, जिसे मंडलायुक्त को सौंपी गई है। उनके आदेश के अनुसार उच्चाधिकारी विभागीय कार्रवाई करेंगे। - विकास शुक्ला, खंड विकास अधिकारी, दोहरीघाट