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फोरलेन निर्माण में बाधा
mau
Updated Mon, 07 May 2018 12:05 AM IST
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नगर से सटे बढुआ गोदाम में रुका फोरलेन निर्माण कार्य।
- फोटो : mau
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वाराणसी-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के फोरलेन का निर्माण को लेकर बढ़ुआगोदाम बाजार सहित कई इलाकों में मालियत को लेकर मामला फंस गया है। इसके चलते निर्माण कार्य रुका पड़ा है। किसान, व्यापारी उचित मालियत लगाकर मुआवजा देनेे की मांग पर अड़े हैं। जबकि प्रशासन की तरफ से कम मालियत लगाई गई है। मामला जिलाधिकारी कार्यालय में लंबित चल रहा है। फोरलेन निर्माण के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग 29 वाराणसी से गोरखपुर सड़क निर्माण कार्य के लिए किसानों की जमीनों का अधिग्रहण तो कर लिया गया है, लेकिन लोगों को वाजिब सर्किल रेट नहीं दिया जा रहा। बढुआगोदाम बाजार सहित जिले के किसानो की जमीनों का अधिग्रहण करने के लिए एनएचएआई द्वारा वर्ष 2015 में जारी पहली अधिसूचना में किसानों को जमीन का मुआवजा सर्किल रेट का चार गुना देने की घोषणा की गई। लेकिन अब सर्किल रेट तीन हजार कर दिया गया है। किसानों का आरोप हैं कि वर्ष 2015 में 20 हजार वर्गमीटर सर्किल रेट था।
ऐसे में एनएचएआई द्वारा किसानों को तीन हजार रुपए से भी कम सर्किल रेट पर मुआवजे की रकम देने में विभागीय अधिकारी खेल कर रहे हैं। नाराज किसानों ने वास्तविक सर्किल रेट से मुआवजे की मांग करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय में एनएचएआई पर मुकदमा दर्ज कराया है। गांव बचाओ मोर्चा के तत्वावधान में किसानों ने धरना प्रदर्शन भी किया था। शहरोज क्षेत्र के किसानों ने भी निर्माण कार्य रोक रखा है।
बढुआ गोदाम गांव के किसान जगन्नाथ सिंह, राजू सिंह, कन्हैया यादव, विजय नारायण, विरेंद्र, प्रेम ने बताया कि जिला प्रशासन तथा एनएचआई के अधिकारियों की मिलीभगत से किसानों को मुआवजा देने में खेल किया जा रहा है। वर्ष 2015 में जारी अधिसूचना में सर्किल रेट 20 हजार वर्ग मीटर का चार गुना से मुआवजा देने की घोषा हुई थी। लेकिन अब तीन हजार किया जाना समझ से परे है।
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इस दौरान उन्होंने सभी को चेताया कि यदि जिला प्रशासन की तरफ से न्याय नहीं किया गया तो वह आंदोलन तो करेंगे ही फिलहाल मुआवजा सर्किल रेट के हिसाब से नही मिलने तक फोरलेन निर्माण कार्य भी नही होने देंगे । इसे लेकर 30 किसानो ने सर्किट रेट के हिसाब से मुआवजे की मांग करते हुए एनएचएआई विभाग के खिलाफ डीएम कार्यालय में आपत्ति दर्ज कर न्याय की मांग की हैं । इस बावत अपर जिलाधिकारी देवी प्रसाद पाल ने बताया कि मामला विचाराधीन है। सभ्ाी किसानों की समस्या का समाधान कराया जाएगा।
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ऐसे में एनएचएआई द्वारा किसानों को तीन हजार रुपए से भी कम सर्किल रेट पर मुआवजे की रकम देने में विभागीय अधिकारी खेल कर रहे हैं। नाराज किसानों ने वास्तविक सर्किल रेट से मुआवजे की मांग करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय में एनएचएआई पर मुकदमा दर्ज कराया है। गांव बचाओ मोर्चा के तत्वावधान में किसानों ने धरना प्रदर्शन भी किया था। शहरोज क्षेत्र के किसानों ने भी निर्माण कार्य रोक रखा है।
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बढुआ गोदाम गांव के किसान जगन्नाथ सिंह, राजू सिंह, कन्हैया यादव, विजय नारायण, विरेंद्र, प्रेम ने बताया कि जिला प्रशासन तथा एनएचआई के अधिकारियों की मिलीभगत से किसानों को मुआवजा देने में खेल किया जा रहा है। वर्ष 2015 में जारी अधिसूचना में सर्किल रेट 20 हजार वर्ग मीटर का चार गुना से मुआवजा देने की घोषा हुई थी। लेकिन अब तीन हजार किया जाना समझ से परे है।
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इस दौरान उन्होंने सभी को चेताया कि यदि जिला प्रशासन की तरफ से न्याय नहीं किया गया तो वह आंदोलन तो करेंगे ही फिलहाल मुआवजा सर्किल रेट के हिसाब से नही मिलने तक फोरलेन निर्माण कार्य भी नही होने देंगे । इसे लेकर 30 किसानो ने सर्किट रेट के हिसाब से मुआवजे की मांग करते हुए एनएचएआई विभाग के खिलाफ डीएम कार्यालय में आपत्ति दर्ज कर न्याय की मांग की हैं । इस बावत अपर जिलाधिकारी देवी प्रसाद पाल ने बताया कि मामला विचाराधीन है। सभ्ाी किसानों की समस्या का समाधान कराया जाएगा।