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भारत बंद कल, किसान निर्णायक लड़ाई के लिए तैयार
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मऊ। अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय महासचिव अतुल कुमार अनजान ने कहा है कि देश के किसानों के विभिन्न संगठनों से केंद्र सरकार के मंत्रियों, अधिकारियों की तीन खुली बैठकों के बाद अभी तक कोई नतीजा नहीं निकला है। 8 दिसंबर को किसान संगठनों ने देश की जनता से अपनी न्यायिक और देशहित मांगों तीन किसान कानूनों सहित बिजली कानून के खिलाफ जारी संघर्ष में भारत बंद का ऐलान किया है। देश के किसान संगठन तमाम श्रमिक किसान , नौजवान , महिला, बुद्धिजीवियों , कलाकारों,लेखकों ,फिल्मअभिनेता, फिल्म उद्योग, ट्रांसपोर्ट संगठनों सहित दुनिया के विभिन्न देशों में भारतीय समूह तथा कनाडा के प्रधानमंत्री का खुला समर्थन हासिल कर चुके हैं।
अनजान ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस बात को समझना चाहिए कि मात्र विपक्षी दलों पर आरोप लगा देने से यह आंदोलन कमजोर नहीं होगा। विपक्षी दलों का समर्थन इस आंदोलन को है। पूरे आंदोलन की कमान किसान संगठनों के पास है। अनजान ने कहा है कि देश के किसान पूरी तरह से इस बात को समझ गए हैं कि अगर तीन कानून सहित बिजली कानून वापस नहीं लिया जाता तो खेती किसानी उनके हाथ से निकलकर कारपोरेट घरानों के हाथों में कैद हो जाएगी। दिल्ली में धरने पर बैठे हुए किसानों में 4 किसान अपनी शहादत दे चुके हैं। लेकिन सरकार को यह समझना चाहिए कि किसान चारों कानूनों को बगैर वापस कराए बिना अपनी जगह हिलने वाले नहीं है। किसान सभा नेता ने आगे बताया कि देश के 22 राज्यों में भारत बंद की तैयारी हो चुकी है। किसान नेता ने कहा है कि 7 दिसंबर को भारत बंद की तैयारी में कई राज्यों में मशाल जुलूस निकाले जाएंगे और केंद्र सरकार के अहंकार का पुतला का पुतला दहन किया जाएगा।
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अनजान ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस बात को समझना चाहिए कि मात्र विपक्षी दलों पर आरोप लगा देने से यह आंदोलन कमजोर नहीं होगा। विपक्षी दलों का समर्थन इस आंदोलन को है। पूरे आंदोलन की कमान किसान संगठनों के पास है। अनजान ने कहा है कि देश के किसान पूरी तरह से इस बात को समझ गए हैं कि अगर तीन कानून सहित बिजली कानून वापस नहीं लिया जाता तो खेती किसानी उनके हाथ से निकलकर कारपोरेट घरानों के हाथों में कैद हो जाएगी। दिल्ली में धरने पर बैठे हुए किसानों में 4 किसान अपनी शहादत दे चुके हैं। लेकिन सरकार को यह समझना चाहिए कि किसान चारों कानूनों को बगैर वापस कराए बिना अपनी जगह हिलने वाले नहीं है। किसान सभा नेता ने आगे बताया कि देश के 22 राज्यों में भारत बंद की तैयारी हो चुकी है। किसान नेता ने कहा है कि 7 दिसंबर को भारत बंद की तैयारी में कई राज्यों में मशाल जुलूस निकाले जाएंगे और केंद्र सरकार के अहंकार का पुतला का पुतला दहन किया जाएगा।
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