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विद्युतीकरण में बाधा बना तो तोड़ तो दिया, लेकिन अब बनाना भूले, यात्रियों की बढ़ी परेशानी
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इंदारा (मऊ)। पूर्वोत्तर रेलवे के जिम्मेदारों ने विद्युतीकरण में बाधा बनेे इंदारा जंक्शन के बदहाल फुट ओवरब्रिंज को दो वर्ष पूर्व तोड़कर हटा दिया गया। लेकिन अब विद्युतीकरण का काम पूरा होने के बाद रेलवे के जिम्मेदार नया फुट ओवरब्रिज बनाना भूल गए। फलरूवरूप एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर जाने के लिए कोई पुल न होने से यात्री रेलवे ट्रैक को पार करने को मजबूर हैं। उधर इस समस्या के निदान को लेकर बीते वर्ष वार्षिक निरीक्षण करने आए पूर्वोत्तर के महाप्रबंधक से भी स्थानीय लोगों ने मांग कर चुके है।
इंदारा जंक्शन पर दो दशक पूर्व फुट ओवरब्रिज बनाया गया था। लेकिन इस ओवरब्रिज का एक बार भी मरम्मत कार्य न होने से बदहाल हो गया था। जर्जर पुल की समस्या को लेकर अमर उजाला ने बीते 24 नवंबर 2018 को समाचार भी प्रकाशित किया था। जिसके बाद रेलवे प्रशासन ने विद्युतीकरण का कार्य शुरू होने पर बाधा पहुंचा रहे इस जर्जर पुल को हटा दिया। लेकिन विद्युतीकरण का कार्य पूरा होने के बाद अब तक इंदारा जंक्शन पर नया पुल बनाने का कार्य नहीं हो सका। जबकि जंक्शन होने के चलते कई ट्रेनों का ठहराव यहां होता है।
इतना ही नहीं जंक्शन से रोजाना वाराणसी, मऊ, बलिया, गोरखपुर, सूरत, मुंबई, दिल्ली की ओर यात्रा करने वाले यात्रियों की आवाजाही है। ऐसे में खुला प्लेटफार्म होने से खतरे की संभावना बनी रहती है। प्लेटफार्म दो नंबर पर ट्रेनों का ठहराव होने पर यात्री रेलवे ट्रैक पर जान हथेली पर रखकर पार करते हैं और ट्रेन पकड़ते है।यहीं नहीं बस्ती से यहां ट्रेन आने पर लोग उत्तरी छोर से ही बाहर निकलते व प्रवेश करते हैं। क्षेत्र के समाजसेवी राणा प्रताप यादव, संजय तिवारी, रामप्रताप यादव मिथिलेश मदेशिया ने बताया कि विभाग को कई बार शिकायत की गई। लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया गया। इस संबंध वाराणसी डीआरएम कार्यालय के जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार बताया की वह अवकाश पर है, इस मामले में वापस आने पर जानकारी लेने के बाद कुछ कह पाएंगे।
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इंदारा जंक्शन पर दो दशक पूर्व फुट ओवरब्रिज बनाया गया था। लेकिन इस ओवरब्रिज का एक बार भी मरम्मत कार्य न होने से बदहाल हो गया था। जर्जर पुल की समस्या को लेकर अमर उजाला ने बीते 24 नवंबर 2018 को समाचार भी प्रकाशित किया था। जिसके बाद रेलवे प्रशासन ने विद्युतीकरण का कार्य शुरू होने पर बाधा पहुंचा रहे इस जर्जर पुल को हटा दिया। लेकिन विद्युतीकरण का कार्य पूरा होने के बाद अब तक इंदारा जंक्शन पर नया पुल बनाने का कार्य नहीं हो सका। जबकि जंक्शन होने के चलते कई ट्रेनों का ठहराव यहां होता है।
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इतना ही नहीं जंक्शन से रोजाना वाराणसी, मऊ, बलिया, गोरखपुर, सूरत, मुंबई, दिल्ली की ओर यात्रा करने वाले यात्रियों की आवाजाही है। ऐसे में खुला प्लेटफार्म होने से खतरे की संभावना बनी रहती है। प्लेटफार्म दो नंबर पर ट्रेनों का ठहराव होने पर यात्री रेलवे ट्रैक पर जान हथेली पर रखकर पार करते हैं और ट्रेन पकड़ते है।यहीं नहीं बस्ती से यहां ट्रेन आने पर लोग उत्तरी छोर से ही बाहर निकलते व प्रवेश करते हैं। क्षेत्र के समाजसेवी राणा प्रताप यादव, संजय तिवारी, रामप्रताप यादव मिथिलेश मदेशिया ने बताया कि विभाग को कई बार शिकायत की गई। लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया गया। इस संबंध वाराणसी डीआरएम कार्यालय के जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार बताया की वह अवकाश पर है, इस मामले में वापस आने पर जानकारी लेने के बाद कुछ कह पाएंगे।
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