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Mau News: आशिक के साथ रहने के लिए पति को दिखाया मृत, 8 पर प्राथमिकी
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स्थानीय थाना क्षेत्र के कुड़वा निवासी बब्बन चौहान की शिकायत व न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर पुलिस ने प्रधान, ग्राम सचिव, ग्राम रोजगार सेवक, रतनपुरा ब्लॉक के आठ लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की है। आरोप है कि विदेश में रहने के दौरान प्रधान ने बेटे का फर्जी तरीके से जॉब कार्ड बनवाया, बिना काम किए 12 दिन की मजदूरी का भुगतान करा लिया।
बाद में आशिक के साथ निश्चिंत होकर रहने के लिए बहू सरिता चौहान ने मनरेगा अभिलेखों के सहारे बेटे को मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद उसका आधार कार्ड निरस्त हो गया है। इससे विदेश रहने में परेशानी हो रही थी। प्राथमिकी के अनुसार बब्बन चौहान का बेटा विजेंद्र चौहान रोजगार के लिए वर्ष 2008 से दुबई में रहता है और हर दो साल में घर आता जाता रहता है।
दो साल बाद 08 दिसंबर 2025 को विजेंद्र घर आए। 13 दिसंबर 2025 को आधार कार्ड में संशोधन के लिए आधार सेंटर गए तो वहां से पता चला कि उनकी मृत्यु हो जाने के कारण आधार कार्ड निरस्त कर दिया गया है।
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विजेंद्र ने आरटीआई के माध्यम से संबंधित विभाग से सूचना मांगी तो पता चला कि 29 नवंबर 2025 को मनरेगा दस्तावेज के अनुसार आधार कार्ड को निरस्त किया गया है। जब मनरेगा दस्तावेजों को सरकारी सीएससी वेबसाइट से डाउनलोड कर देखा, तो पता चला कि विजेंद्र को मृत दिखाकर 22 अक्तूबर 2023 मनरेगा दस्तावेज से भी निष्क्रीय कर दिया गया है।
आरोप लगाया कि बेटा विजेंद्र चौहान जब वर्ष 2020 में दुबई था तब बहू सरिता चौहान ने 01 अप्रैल 2020 को ग्राम प्रधान कंचन चौहान, प्रधान पति अरविंद चौहान, ग्राम सचिव, ग्राम रोजगार सेवक संतोष चौहान, आदित्य चौहान और रतनपुरा ब्लॉक के मनरेगा विभाग की मिलीभगत से उनका जॉब कार्ड बनाया गया था।
इन लोगों ने 07 अगस्त 2021 से 20 अगस्त 2021 तक 12 दिनों का काम दिखाकर फर्जी तरह से बहू सरिता चौहान के खाता में सरकारी धन का भुगतान कराया और आपस में बांट लिए। आधार कार्ड निरस्त होने से विदेश से आते समय परेशानी उठानी पड़ी थी। बिना आधार कार्ड अब दोबारा नहीं जा पाएंगे। हलधरपुर थानाध्यक्ष जितेंद्र कुमार ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
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बाद में आशिक के साथ निश्चिंत होकर रहने के लिए बहू सरिता चौहान ने मनरेगा अभिलेखों के सहारे बेटे को मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद उसका आधार कार्ड निरस्त हो गया है। इससे विदेश रहने में परेशानी हो रही थी। प्राथमिकी के अनुसार बब्बन चौहान का बेटा विजेंद्र चौहान रोजगार के लिए वर्ष 2008 से दुबई में रहता है और हर दो साल में घर आता जाता रहता है।
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दो साल बाद 08 दिसंबर 2025 को विजेंद्र घर आए। 13 दिसंबर 2025 को आधार कार्ड में संशोधन के लिए आधार सेंटर गए तो वहां से पता चला कि उनकी मृत्यु हो जाने के कारण आधार कार्ड निरस्त कर दिया गया है।
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विजेंद्र ने आरटीआई के माध्यम से संबंधित विभाग से सूचना मांगी तो पता चला कि 29 नवंबर 2025 को मनरेगा दस्तावेज के अनुसार आधार कार्ड को निरस्त किया गया है। जब मनरेगा दस्तावेजों को सरकारी सीएससी वेबसाइट से डाउनलोड कर देखा, तो पता चला कि विजेंद्र को मृत दिखाकर 22 अक्तूबर 2023 मनरेगा दस्तावेज से भी निष्क्रीय कर दिया गया है।
आरोप लगाया कि बेटा विजेंद्र चौहान जब वर्ष 2020 में दुबई था तब बहू सरिता चौहान ने 01 अप्रैल 2020 को ग्राम प्रधान कंचन चौहान, प्रधान पति अरविंद चौहान, ग्राम सचिव, ग्राम रोजगार सेवक संतोष चौहान, आदित्य चौहान और रतनपुरा ब्लॉक के मनरेगा विभाग की मिलीभगत से उनका जॉब कार्ड बनाया गया था।
इन लोगों ने 07 अगस्त 2021 से 20 अगस्त 2021 तक 12 दिनों का काम दिखाकर फर्जी तरह से बहू सरिता चौहान के खाता में सरकारी धन का भुगतान कराया और आपस में बांट लिए। आधार कार्ड निरस्त होने से विदेश से आते समय परेशानी उठानी पड़ी थी। बिना आधार कार्ड अब दोबारा नहीं जा पाएंगे। हलधरपुर थानाध्यक्ष जितेंद्र कुमार ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।