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पत्नी की हत्या में पति को आजीवन कारावास
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मऊ। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर दो आसिफ इकबाल रिजवी ने पत्नी की हत्या के मामले में आरोपी पति को दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद उसे आजीवन कारावास की सजा के साथ ही आठ हजार रुपये का जुर्माना निर्धारित किया। अर्थदंड न देने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामला कोपागंज थाना क्षेत्र का है।
अभियोजन के अनुसार नई बस्ती पारा निवासी मोहम्मद नोमान पुत्र अब्दुल कय्यूम की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई । वादी का कथन है कि उसकी पुत्री नुसरत जहां की शादी एकलाख अहमद के साथ वर्ष 2005 में हुई थी। आरोप है कि एक लाख रूपया और लूम की मांग को लेकर नुसरत जहां को 10 नवंबर 2018 को उसके पति एकलाख अहमद ने रस्सी से गला दबाकर मार डाला। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना आरोपपत्र कोर्ट में प्रेषित किया।
कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी फौजदारी अनिल कुमार पांडेय और अधिवक्ता लल्लन राम ने वादी सहित कुल 11 गवाहों को पेश कर अपना पक्ष रखा। बचाव पक्ष से एक गवाह इरशाद अहमद को पेशकर तर्क दिया कि उसे झूठा फंसाया गया है। एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी एकलाख अहमद को हत्या का दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद उसे आजीवन कारावास की सजा के साथ ही आठ हजार रूपया अर्थदंड निर्धारित किया। अर्थदंड न देने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामले में अभियोजन के गवाहों को कोर्ट में पेश करने में सिपाही अखंड प्रताप गौतम का विशेष योगदान रहा।
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अभियोजन के अनुसार नई बस्ती पारा निवासी मोहम्मद नोमान पुत्र अब्दुल कय्यूम की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई । वादी का कथन है कि उसकी पुत्री नुसरत जहां की शादी एकलाख अहमद के साथ वर्ष 2005 में हुई थी। आरोप है कि एक लाख रूपया और लूम की मांग को लेकर नुसरत जहां को 10 नवंबर 2018 को उसके पति एकलाख अहमद ने रस्सी से गला दबाकर मार डाला। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना आरोपपत्र कोर्ट में प्रेषित किया।
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कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी फौजदारी अनिल कुमार पांडेय और अधिवक्ता लल्लन राम ने वादी सहित कुल 11 गवाहों को पेश कर अपना पक्ष रखा। बचाव पक्ष से एक गवाह इरशाद अहमद को पेशकर तर्क दिया कि उसे झूठा फंसाया गया है। एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी एकलाख अहमद को हत्या का दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद उसे आजीवन कारावास की सजा के साथ ही आठ हजार रूपया अर्थदंड निर्धारित किया। अर्थदंड न देने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामले में अभियोजन के गवाहों को कोर्ट में पेश करने में सिपाही अखंड प्रताप गौतम का विशेष योगदान रहा।
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