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Mau News: पांच साल बाद उफनाई तमसा, डेढ़ मीटर बढ़ा, तीन घाटों की सीढि़यां डूबीं
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नगर में तमसा नदी का जलस्तर बढ़ने पर डूबा मऊ महादेव मंदिर का आरती स्थल। संवाद
मऊ। उत्तर भारत और पूर्वांचल के कैचमेंट एरिया में हो रही निरंतर बारिश से तमसा नदी का जलस्तर बीते पांच साल बाद बढ़ा है। नदी के जलस्तर में बीते 72 घंटे लगभग डेढ़ मीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। बुधवार सुबह तमसा नदी का जलस्तर 63 मीटर दर्ज किया गया। बुधवार को तमसा नदी खतरे के निशान 67.36 मीटर से 4.36 मीटर नीचे बह रही है। नदी के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी के कारण तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
तमसा नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे बने मऊ महादेव घाट और विसर्जन घाट सहित तीन घाटों की सीढि़यां आधी डूब गईं हैं। बढ़े जलस्तर को लेकर सिंचाई विभाग के कर्मचारी नगर के बंधा रोड पर जलस्तर की निगरानी कर रहे हैं। वहीं, नगर पालिका की टीम लगातार नगर क्षेत्र में पेट्रोलिंग करते हुए तमसा नदी के बढ़ते जलस्तर पर नजर बनाए हुए है। नपा कर्मचारी नालों के फाटकों पर भी नजर रखे हुए हैं।
बुधवार सुबह तक नगर के ऐतिहासिक मऊ महादेव घाट का मुख्य आरती स्थल पूरी तरह नदी के पानी में डूब गया। इसके अतिरिक्त तट के चार से अधिक छोटे-बड़े घाट भी आंशिक रूप से जलमग्न हो चुके हैं। बढ़ते खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस की टीम ने घाट की सुरक्षा के लिए त्वरित कदम उठाए हैं। आम श्रद्धालुओं और नागरिकों की सुरक्षा के मद्देनजर मऊ महादेव घाट पर जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। घाट के प्रवेश मार्गों और एक मुख्य छोर को पुलिस बल द्वारा रेड टेप और लोहे के बैरिकेड लगाकर बंद कर दिया गया है।
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तमसा नदी के तेज बहाव और जलकुंभी के प्रवाह को देखते हुए मोटरबोट एवं सामान्य नावों के संचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। प्रशासन ने नदी किनारे बसे इलाकों के लिए अलर्ट जारी किया है। आपदा प्रबंधन टीम और राजस्व कर्मियों को 24 घंटे निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि जलस्तर सामान्य होने तक नदी और घाटों से दूरी बनाए रखें तथा बच्चों को घाटों के आसपास न जाने दें।
हनुमान घाट पर बने पीपा पुल को कुछ दिनों पूर्व खोल दिया गया था। इसके बाद उसे नदी किनारे बांधकर रखा गया था। बीते 48 घंटों में तमसा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से पीपा पुल के हिस्से पर दबाव बना और उसकी रस्सी खुल गई। इसकी जानकारी तुरंत सिंचाई विभाग को हुई। इसके बाद वहां पहुंचे कर्मचारियों ने रस्सी से पीपा पुल के हिस्से को मजबूती के साथ बांधा।
तमसा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर पर विभाग के अधिकारी नजर बनाए हुए हैं। सिंचाई विभाग लगातार शहर के बंधा रोड पर निगरानी कर रहा है। फिलहाल अभी कोई चिंता की बात नहीं है, क्योंकि तमसा नदी खतरे के निशान से 4.36 मीटर नीचे बह रही है।-संजय मातरे, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग
बंधे पर बने रेगुलेटर तक पहुंचा पानी
वलीदपुर। तमसा नदी का जलस्तर बढ़ने से राजघाट और रामघाट पर बनीं सभी सीढ़ियां पानी में डूब गई हैं। वहीं, नदी के बंधे पर बने रेगुलेटर तक भी पानी पहुंच गया है। इससे आसपास के क्षेत्र के लोगों में चिंता बढ़ने लगी है।स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि अगले दो दिनों तक इसी तरह लगातार बारिश होती रही तो तमसा नदी का बढ़ा हुआ पानी कस्बे की ओर बढ़ सकता है। वहीं, नदी किनारे रहने वाले कुछ लोग बढ़े जलस्तर के बावजूद नदी में स्नान करते भी देखे गए।
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तमसा नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे बने मऊ महादेव घाट और विसर्जन घाट सहित तीन घाटों की सीढि़यां आधी डूब गईं हैं। बढ़े जलस्तर को लेकर सिंचाई विभाग के कर्मचारी नगर के बंधा रोड पर जलस्तर की निगरानी कर रहे हैं। वहीं, नगर पालिका की टीम लगातार नगर क्षेत्र में पेट्रोलिंग करते हुए तमसा नदी के बढ़ते जलस्तर पर नजर बनाए हुए है। नपा कर्मचारी नालों के फाटकों पर भी नजर रखे हुए हैं।
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बुधवार सुबह तक नगर के ऐतिहासिक मऊ महादेव घाट का मुख्य आरती स्थल पूरी तरह नदी के पानी में डूब गया। इसके अतिरिक्त तट के चार से अधिक छोटे-बड़े घाट भी आंशिक रूप से जलमग्न हो चुके हैं। बढ़ते खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस की टीम ने घाट की सुरक्षा के लिए त्वरित कदम उठाए हैं। आम श्रद्धालुओं और नागरिकों की सुरक्षा के मद्देनजर मऊ महादेव घाट पर जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। घाट के प्रवेश मार्गों और एक मुख्य छोर को पुलिस बल द्वारा रेड टेप और लोहे के बैरिकेड लगाकर बंद कर दिया गया है।
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तमसा नदी के तेज बहाव और जलकुंभी के प्रवाह को देखते हुए मोटरबोट एवं सामान्य नावों के संचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। प्रशासन ने नदी किनारे बसे इलाकों के लिए अलर्ट जारी किया है। आपदा प्रबंधन टीम और राजस्व कर्मियों को 24 घंटे निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि जलस्तर सामान्य होने तक नदी और घाटों से दूरी बनाए रखें तथा बच्चों को घाटों के आसपास न जाने दें।
हनुमान घाट पर बने पीपा पुल को कुछ दिनों पूर्व खोल दिया गया था। इसके बाद उसे नदी किनारे बांधकर रखा गया था। बीते 48 घंटों में तमसा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से पीपा पुल के हिस्से पर दबाव बना और उसकी रस्सी खुल गई। इसकी जानकारी तुरंत सिंचाई विभाग को हुई। इसके बाद वहां पहुंचे कर्मचारियों ने रस्सी से पीपा पुल के हिस्से को मजबूती के साथ बांधा।
तमसा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर पर विभाग के अधिकारी नजर बनाए हुए हैं। सिंचाई विभाग लगातार शहर के बंधा रोड पर निगरानी कर रहा है। फिलहाल अभी कोई चिंता की बात नहीं है, क्योंकि तमसा नदी खतरे के निशान से 4.36 मीटर नीचे बह रही है।-संजय मातरे, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग
बंधे पर बने रेगुलेटर तक पहुंचा पानी
वलीदपुर। तमसा नदी का जलस्तर बढ़ने से राजघाट और रामघाट पर बनीं सभी सीढ़ियां पानी में डूब गई हैं। वहीं, नदी के बंधे पर बने रेगुलेटर तक भी पानी पहुंच गया है। इससे आसपास के क्षेत्र के लोगों में चिंता बढ़ने लगी है।स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि अगले दो दिनों तक इसी तरह लगातार बारिश होती रही तो तमसा नदी का बढ़ा हुआ पानी कस्बे की ओर बढ़ सकता है। वहीं, नदी किनारे रहने वाले कुछ लोग बढ़े जलस्तर के बावजूद नदी में स्नान करते भी देखे गए।