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संक्रमित मरीज का उपचार कर रेफर करने पर अस्पताल सील
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नगर के सहादतपुरा स्थित शारदा नारायन अस्पताल के कर्मचारी के कोरोना पाजिटीव मिलने के बाद अस्पताल ?
- फोटो : MAU
मऊ। कोरोना मरीज का उपचार करने हालत में सुधार न होने पर उसे रेफर करने और लखनऊ में जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर देर शाम प्रशासन ने शारदा नारायण अस्पताल को सील करने का आदेश दिया। डीएम के आदेश पर सीएमओ डा. एससी सिंह ने अस्पताल सीज करने की प्रक्रिया शुरू की।
शहर के सहादतपुरा मुहल्ला निवासी पेंट व्यापारी की हालत गंभीर होने पर परिवार के लोग उसे उपचार के लिए शारदा नारायण अस्पताल में भर्ती कराए। जहां युवक की हालत में सुधार नहीं हुुआ। इस दौरान परिवार के सदस्य मरीज को रेफर कराकर लखनऊ ले गए। जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। जांच कराने पर युवक के पिता कोरोना संक्रमित मिले। लखनऊ से आई जांच रिपोर्ट के आधार पर जब स्वास्थ्य विभाग की टीम शारदा नारायण अस्पताल में कर्मचारियों की जांच की, तो इस दौरान दो सफाई कर्मी पॉजिटिव मिले। सीएमओ ने इसकी जानकारी जिलाधिकारी को दिया। डीएम ने मरीज भर्ती करने और इसकी सूचना प्रशासन को न देने पर अस्पताल को सीज करने आदेश दिया। इस आदेश के क्रम में देर शाम सीएमओ अस्पताल सीज करने की कवायद कराने में जुटे। बात करने पर सीएमओ ने बताया कि चूंकि मरीज मिला और इसकी सूचना नहीं उपलब्ध कराई गई। ऐसे में अस्पताल को सैनिटाइज करने और यहां भर्ती होने वाले मरीजों की तथा कर्मचारियों की जांच करने के लिए यह प्रक्रिया अपनाई जा रही।
उधर, शारदा नारायण अस्पताल के संचालक डा. संजय सिंह ने बताया कि हमने कोविड नियम का उल्लंघन नहीं किया। 29 मार्च को मरीज की जांच एंटीजेन कीट से की गई थी। इस दौरान उसकी रिपोर्ट निगेटिव थी। जबकि नियम है कि यदि कोई मरीज पॉजिटिव आए तो उसकी सूचना कोविड कमांड को देनी चाहिए। जब मरीज निगेटिव था तो हम कैसे इसकी सूचना कोविड कमांड को देते। लखनऊ जाने के बाद मरीज कैसे पॉजिटिव हुआ, इस संबंध में मुझे कोई जानकारी नही।
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शहर के सहादतपुरा मुहल्ला निवासी पेंट व्यापारी की हालत गंभीर होने पर परिवार के लोग उसे उपचार के लिए शारदा नारायण अस्पताल में भर्ती कराए। जहां युवक की हालत में सुधार नहीं हुुआ। इस दौरान परिवार के सदस्य मरीज को रेफर कराकर लखनऊ ले गए। जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। जांच कराने पर युवक के पिता कोरोना संक्रमित मिले। लखनऊ से आई जांच रिपोर्ट के आधार पर जब स्वास्थ्य विभाग की टीम शारदा नारायण अस्पताल में कर्मचारियों की जांच की, तो इस दौरान दो सफाई कर्मी पॉजिटिव मिले। सीएमओ ने इसकी जानकारी जिलाधिकारी को दिया। डीएम ने मरीज भर्ती करने और इसकी सूचना प्रशासन को न देने पर अस्पताल को सीज करने आदेश दिया। इस आदेश के क्रम में देर शाम सीएमओ अस्पताल सीज करने की कवायद कराने में जुटे। बात करने पर सीएमओ ने बताया कि चूंकि मरीज मिला और इसकी सूचना नहीं उपलब्ध कराई गई। ऐसे में अस्पताल को सैनिटाइज करने और यहां भर्ती होने वाले मरीजों की तथा कर्मचारियों की जांच करने के लिए यह प्रक्रिया अपनाई जा रही।
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उधर, शारदा नारायण अस्पताल के संचालक डा. संजय सिंह ने बताया कि हमने कोविड नियम का उल्लंघन नहीं किया। 29 मार्च को मरीज की जांच एंटीजेन कीट से की गई थी। इस दौरान उसकी रिपोर्ट निगेटिव थी। जबकि नियम है कि यदि कोई मरीज पॉजिटिव आए तो उसकी सूचना कोविड कमांड को देनी चाहिए। जब मरीज निगेटिव था तो हम कैसे इसकी सूचना कोविड कमांड को देते। लखनऊ जाने के बाद मरीज कैसे पॉजिटिव हुआ, इस संबंध में मुझे कोई जानकारी नही।
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