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11 बजे तक पहुंचे आधे अधिकारी

Sat, 03 Oct 2020 11:03 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 03 Oct 2020 11:03 PM IST
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Half the officers arrived by 11 o'clock
मऊ। शासन के निर्देशानुसार समय से अधिकारियों कर्मचारियों को समय से दफ्तर पहुंचने का पालन नहीं हो रहा है। जिला पंचायत कार्यालय में अमर उजाला ने बीस दिन पहले लाइव रिपोर्टिंग किया था। उस दिन भी कोई अधिकारी कर्मचारी समय से दफ्तर नहीं पहुंचे थे। बीस दिन बाद शनिवार को अमर उजाला की टीम ने जिला पंचायत कार्यालय में अफसरों और कर्मचारियों के समय से पहुंचने का जायजा लिया। कार्यालय में एक भी अधिकारी नहीं आए थे। जबकि लगभग आधे कर्मचारी 11 बजे तक अपनी सीटों पर नहीं पहुंचे थे।
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अमर उजाला की टीम सुबह 10.25 बजे जिला पंचायत कार्यालय पहुंची। वहां नीचे अवर अभियंताओं और लिपिकों को बैठने के लिए बने दस काउंटरों में से सिर्फ एक कर्मचारी बैठा था। वह भी मेज पर कोई फाइल देख रहा था। 10.30 बजे प्रशासनिक अधिकारी दीनबंधु गुप्ता अपनी सीट पर बैठे कुछ काम कर रहे थे। 10.32 बजे आशुलिपिक की कुर्सी खाली रही। बताया गया कि आशुलिपिक विनोद कुमार विभागीय काम से बैंक गए थे। वित्तीय परामर्शदाता अजय कुमार यादव ट्रेजरी गए हुए थे। जिला पंचायत अध्यक्ष के दफ्तर का कर्मचारी धीरज सिंह आस पास से टहलता हुआ आ गया।
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एकाउंटेंट जेपी मिश्रा की कुर्सी खाली थी बताया गया कि उनकी मूल तैनाती भदोही जिले में है। मऊ में उनको अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। चूंकि भदोही में शनिवार को जिला पंचायत की बैठक चल रही थी, इसलिए वे भदोही गए हुए हैं। उनके सहायक सुरेश कुमार बगल के कमरे में कुछ कागजातों के फोटो कापी करा रहे थे। सतीश यादव अपनी मेज पर बैठे काम निपटा रहे थे। मुख्य लेखाकार राधामोहन यादव अपनी टेबिल पर बैठे काम काज निपटा रहे थे। अपर मुख्य अधिकारी अरविंद कुमार आनंद का चैंबर खाली था। बगल में स्थित अभियंता एलडीबी सिंह की कुर्सी खाली पड़ी थी।
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बताया गया कि अभियंता और एएमए विभागीय काम से लखनऊ गए हुए हैं। एक महिला चतुर्थ श्रेणी कर्मी अपनी ड्युटी पर तैनात मिली। अभियंता और एएमए के बारे में बताया गया चूंकि दस लाख से अधिक की लागत वाले कार्यों की स्वीकृति निदेशालय से लेनी होती है यहां पर दस लाख से अधिक के बजट वाली 73 फाइलों की स्वीकृति के लिए लखनऊ गए हुए हैं। एएमए से बात करने का प्रयास किया गया लेकिन उन्होंने फोन नहीं रिसीव किया।
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