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खेती को दिया जाए उद्योग का दर्जा

Sun, 26 Apr 2015 11:30 PM IST
ब्यूरो, मऊ, अमर उजाला
ब्यूरो, मऊ, अमर उजाला Updated Sun, 26 Apr 2015 11:30 PM IST
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Given the status of the farming industry
नगर क्षेत्र के हिंदी भवन सभागार में रविवार को विश्व हिंदू परिषद के तत्वावधान में किसान चिंतन शिविर का आयोजन हुआ। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे किसानों ने अपनी पीड़ा का बयान किया। साथ ही खेती को उद्योग का दर्जा देने की जोरशोर से मांग हुई।
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किसान चिंतन शिविर को संबोधित करते हुए सांसद हरिनरायन राजभर ने कहा कि बड़े दुर्भाग्य की बात है कि देश के मालिक और अन्नदाता किसानों को मुआवजे के लिए तरसना पड़ रहा।
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 उन्हाेंने किसानों को अपने उत्पादन का बाजार मूल्य स्वंय निर्धारित करने की बात कही। किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए सड़क से संसद तक संघर्ष करने का वादा किया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि संसद के इसी सत्र में खेती को उद्योग का दर्जा देने संबधी बिल लोकसभा के पटल पर प्रस्तुत करेंगे।
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विश्व हिंदू परिषद के संरक्षक और प्रगतिशील किसान सुरेश राय शर्मा ने कहा कि कि सानों को भीख नही अधिकार चाहिए।  इस लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाले के लिए अपनों को भी दंड देना पड़े तो किसान तैयार हैं।


 भूतपूर्व सैनिक  एवं किसान नागेन्द्र सिंह ने किसानों की व्यवहारिक समस्याओं का जिक्र करते हुए केंद्र और प्रदेश सरकार से किसान हित में कदम उठाने की मांग की।



विहिप जिलाध्यक्ष और संचालन कर रहे रामअशीष राय ने किसान आयोग गठन करने की मांग की। किसान चिंतन शिविर का मुख्य रूप ये भाजपा जिलाध्यक्ष विजय नारायण शर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष मुन्ना दूबे, भाजपा नेता अरिजीत सिंह, दीनबंधु राय, राकेश सिंह,डा.अलका राय आदि मौजूद रहे। 
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