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प्रमाण सहित पूरी जानकारी दे मोर्चा : डीएम
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Thu, 18 Feb 2016 12:14 AM IST
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गांव बचाओ मोर्चा द्वारा गांवों में विकास कार्यों में भ्रष्टाचार की शिकायतों को लेकर चलाए जा रहे आंदोलन के परिप्रेक्ष्य में कराई जांच में कुछ खास हासिल नहीं हुआ है।
डीएम वैभव श्रीवास्तव ने मोर्चा के सदस्यों के सामने प्रेसवार्ता में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करके एक एक बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी देते हुए उन्हें संतुष्ट करने की कोशिश की। डीएम के अनुसार मोरचा के अधिकांश शिकायतें या तो अधूरी रहीं अथवा सही नहीं रहीं।
डीएम ने दावा किया कि गांव बचाओ मोरचा द्वारा शिकायतों का जो पुलिंदा पेश किया गया। उसकी जांच टीम बनाकर कराई गई। जाचं कराने में ग्राम पंचायत चुनाव के चलते विलंब हुआ।
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चुनाव बीतते ही जांच कराकर रिपोर्ट मंगाई गई। शिकायत कर्ताओं और विकास कार्यों में शामिल रहे मनरेगा मजदूरों के सम्मुख कराई गई स्थलीय जांच में अधिकांश सही नहीं पाई गईं।
कुछ शिकायतें सही पाई गईं लेकिन इन प्रकरणों में मामले हाई कोर्ट में विचारधीन हैं। एक बाइक के नंबर पर बोलेरो कार से चलने वाले एक बीडीओ के विरुद्घ एफआईआर कराने की जानकारी डीएम ने दी।
एक एक गांव के प्रत्येक बिंदुओं को पढ़कर डीएम ने मोरचा के सदस्यों को सुनाया और उनके स्पष्टीकरण जाना। कुछ गांवों में शिकायतें सही पाई गईं। उनमें दोषियों से रिकवरी के आदेश दिए गए हैं।
मोरचा की शिकायतों में कई ऐसी हैं जिनमें विकास कार्यों की स्वीकृति तो दी गई लेकिन उनके लिए धन का भुगतान नहीं किया गया है। डीएम ने जांच के साक्ष्य सहित आरटीआई के तहत सारे प्रमाण देने की बात कही।
उन्होंने कहा कि मोरचाके आंदोलन के चलते कई गलत संदेश गए हैं। उन्होंने गांव बचाओ मोरचा के पदाधिकारियों से आंदोलन समाप्त करने का आह्वान किया।
इस बावत मोरचा के सरंक्षक जगन्नाथ सिंह ने कहा कि वे सभी शिकायतों की साक्ष्य सहित जांच रिपोर्ट की प्रति मिलने के बाद ही आंदोलन समाप्त करने पर विचार करेंगे।
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डीएम वैभव श्रीवास्तव ने मोर्चा के सदस्यों के सामने प्रेसवार्ता में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करके एक एक बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी देते हुए उन्हें संतुष्ट करने की कोशिश की। डीएम के अनुसार मोरचा के अधिकांश शिकायतें या तो अधूरी रहीं अथवा सही नहीं रहीं।
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डीएम ने दावा किया कि गांव बचाओ मोरचा द्वारा शिकायतों का जो पुलिंदा पेश किया गया। उसकी जांच टीम बनाकर कराई गई। जाचं कराने में ग्राम पंचायत चुनाव के चलते विलंब हुआ।
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चुनाव बीतते ही जांच कराकर रिपोर्ट मंगाई गई। शिकायत कर्ताओं और विकास कार्यों में शामिल रहे मनरेगा मजदूरों के सम्मुख कराई गई स्थलीय जांच में अधिकांश सही नहीं पाई गईं।
कुछ शिकायतें सही पाई गईं लेकिन इन प्रकरणों में मामले हाई कोर्ट में विचारधीन हैं। एक बाइक के नंबर पर बोलेरो कार से चलने वाले एक बीडीओ के विरुद्घ एफआईआर कराने की जानकारी डीएम ने दी।
एक एक गांव के प्रत्येक बिंदुओं को पढ़कर डीएम ने मोरचा के सदस्यों को सुनाया और उनके स्पष्टीकरण जाना। कुछ गांवों में शिकायतें सही पाई गईं। उनमें दोषियों से रिकवरी के आदेश दिए गए हैं।
मोरचा की शिकायतों में कई ऐसी हैं जिनमें विकास कार्यों की स्वीकृति तो दी गई लेकिन उनके लिए धन का भुगतान नहीं किया गया है। डीएम ने जांच के साक्ष्य सहित आरटीआई के तहत सारे प्रमाण देने की बात कही।
उन्होंने कहा कि मोरचाके आंदोलन के चलते कई गलत संदेश गए हैं। उन्होंने गांव बचाओ मोरचा के पदाधिकारियों से आंदोलन समाप्त करने का आह्वान किया।
इस बावत मोरचा के सरंक्षक जगन्नाथ सिंह ने कहा कि वे सभी शिकायतों की साक्ष्य सहित जांच रिपोर्ट की प्रति मिलने के बाद ही आंदोलन समाप्त करने पर विचार करेंगे।