{"_id":"60fda98f8ebc3e57fd78ca4c","slug":"ghaghra-s-water-level-is-stable-danger-remains-mau-news-vns6024495147","type":"story","status":"publish","title_hn":"घाघरा का जलस्तर स्थितर, खतरा बरकरार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घाघरा का जलस्तर स्थितर, खतरा बरकरार
विज्ञापन
दोहरीघाट (मऊ)। घाघरा का जलस्तर स्थिर रहने के बाद भी नदी के उग्र रूप धारण करने से तटवर्ती इलाके के लोगों की धड़कने बढ़ती ही रही हैं। रविवार को नदी का जलस्तर स्थिर रहने के बाद भी तटवर्ती इलाकों के लोग दहशत में जी रहे हैं। हजारों एकड़ फसल जलमग्न होने से किसानों को फसल नष्ट होने की चिंता सताने लगी है। नदी खतरा निशान से 10 सेमी ऊपर बह रही है। फसलों के डूब जाने से चारे का संकट उत्पन्न हो गया है। नदी की लहरें भारत माता मंदिर की दीवारों पर टकराने से ऐतिहासिक धरोहरों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। खतरे की आशंका से लोग दहशत में जी रहे हैं।
रविवार को नदी का जलस्तर स्थिर रहा। नदी के घटने बढ़ने से लोगों को अनिष्ट की चिंता सताने लगी है। घाघरा के जल स्तर पर नजर डालें तो गौरीशंकर घाट पर रविवार को भी जलस्तर 70 मीटर रहा। शनिवार को जलस्तर 70 मीटर था। नदी अभी भी खतरा बिंदु 69.90 मीटर से दस सेमी ऊपर बह रही है। 24 घंटे में घाघरा के जलस्तर में वृद्धि न होने से तटवर्ती इलाको के लोगों ने राहत की सांस ली है।
हालांकि नदी अभी भी खतरा बिंदु से 10 सेमी ऊपर बह रही है। जिससे बंधों पर नदी का दबाव बढ़ गया है। धनौली लोहड़ा बांध, नौली चिउतीडाड रिंग बंधा तथा बीबीपुर बेलौली बंधों खतरा बढ़ने लगा है। जिससे तटवर्ती गांवों में लोगों की नींद उड़ी गई है। तटवर्ती इलाकों की हजारों एकड़ फसल पानी में डूब गई है।
विज्ञापन
कस्बे में भी नदी का पानी घुसने की आशंका से लोग भयभीत हैं। क्योंकि नदी का जलस्तर खतरा निशान के ऊपर बढ़ता है तो नगर के तीन वार्डों भगवानपुरा, मल्लाहटोला, दलित बस्ती में बाढ़ का पानी घुस सकता है। नगर के रौद्र रुप धारण करने से नगर की ऐतिहासिक धरोहरों मुक्तिधाम, भारत माता मंदिर, दुर्गा मंदिर, खाकी बाबा की कुटी, डीह बाबा का मंदिर, लोक निर्माण का डाक बंगला, हनुमान मंदिर तथा शाही मस्जिद पर खतरा मंडरा रहा है।
वहीं तटवर्ती इलाके धनौली रामपुर, नईबाजार, नवली, चिऊटीडांड, पतनई, सरया, बीबीपुर, गोधनी, ठाकुर गांव, गौरीडीह, कोरौली, बेलौली, पाऊस, महुआ बारी, ठीकरहिया, महुआबारी, रसूलपुर, सूरजपुर आदि गांवों में पानी घुसने की संभावना से लोग दहशत में जी रहे है। वही भारत माता मंदिर पर घाघरा का दबाव बना हुआ है।
विज्ञापन
रविवार को नदी का जलस्तर स्थिर रहा। नदी के घटने बढ़ने से लोगों को अनिष्ट की चिंता सताने लगी है। घाघरा के जल स्तर पर नजर डालें तो गौरीशंकर घाट पर रविवार को भी जलस्तर 70 मीटर रहा। शनिवार को जलस्तर 70 मीटर था। नदी अभी भी खतरा बिंदु 69.90 मीटर से दस सेमी ऊपर बह रही है। 24 घंटे में घाघरा के जलस्तर में वृद्धि न होने से तटवर्ती इलाको के लोगों ने राहत की सांस ली है।
विज्ञापन
हालांकि नदी अभी भी खतरा बिंदु से 10 सेमी ऊपर बह रही है। जिससे बंधों पर नदी का दबाव बढ़ गया है। धनौली लोहड़ा बांध, नौली चिउतीडाड रिंग बंधा तथा बीबीपुर बेलौली बंधों खतरा बढ़ने लगा है। जिससे तटवर्ती गांवों में लोगों की नींद उड़ी गई है। तटवर्ती इलाकों की हजारों एकड़ फसल पानी में डूब गई है।
विज्ञापन
कस्बे में भी नदी का पानी घुसने की आशंका से लोग भयभीत हैं। क्योंकि नदी का जलस्तर खतरा निशान के ऊपर बढ़ता है तो नगर के तीन वार्डों भगवानपुरा, मल्लाहटोला, दलित बस्ती में बाढ़ का पानी घुस सकता है। नगर के रौद्र रुप धारण करने से नगर की ऐतिहासिक धरोहरों मुक्तिधाम, भारत माता मंदिर, दुर्गा मंदिर, खाकी बाबा की कुटी, डीह बाबा का मंदिर, लोक निर्माण का डाक बंगला, हनुमान मंदिर तथा शाही मस्जिद पर खतरा मंडरा रहा है।
वहीं तटवर्ती इलाके धनौली रामपुर, नईबाजार, नवली, चिऊटीडांड, पतनई, सरया, बीबीपुर, गोधनी, ठाकुर गांव, गौरीडीह, कोरौली, बेलौली, पाऊस, महुआ बारी, ठीकरहिया, महुआबारी, रसूलपुर, सूरजपुर आदि गांवों में पानी घुसने की संभावना से लोग दहशत में जी रहे है। वही भारत माता मंदिर पर घाघरा का दबाव बना हुआ है।