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बारिश से कई गांवों की बिजली आपूर्ति ठप
ब्यूरो/अमर उजाला,मऊ
Updated Tue, 09 May 2017 11:29 PM IST
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बारिश और तूफान के बाद कोईरियापार क्षेत्र में पड़ा ओला।
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सोमवार की रात अचानक मौसम बदल गया। तेज हवा के साथ बारिश हुई। कई स्थानों पर ओला पड़ा। तेज हवा चलने से कई गांवों में विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। इससे गर्मी व उमस के बीच रात बितानी पड़ी। बारिश के बाद जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली। सुबह से लेकर दोपहर तक आसमान में बादल छाए रहे। कई स्थानों पर तेज हवा के कारण बिजली के खंभे गिर गए। इससे आपूर्ति बाधित रही। वहीं बारिश से धान की अगैती नर्सरी डालने वाले किसानों के चेहरे खिल गए।
कई दिनों से चल रही लू तथा भीषण गर्मी से जनजीवन बेहाल था। सोमवार की रात एकाएक मौसम ने करवट बदली। तेज हवा के साथ कई स्थानों पर बारिश तथा ओला पड़ने से लोगों को गर्मी से राहत मिली। वहीं तेज हवा चलने से पोल उखड़ने तथा फाल्ट से कई गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। मौसम ठंडा होने से गर्मी की बोई गई सब्जियों का उत्पादन बढ़ेगा। मौसम धान की अगैती नर्सरी डालने के लिए अनुकूल हो जाने से किसानों के चेहरे पर चमक दिखने लगी है। विशेषज्ञों की मानें तो धान की अगेती नर्सरी 10 मई से शुरू हो जाता है।
इस संबंध में कृषि विशेषज्ञ नेफोर्ड प्रभारी संतोष कुमार मिश्र का कहना है कि मौसम में बदलाव से तापमान में गिरावट आने से अगैती धान की नर्सरी डालने के लिए अनुकूल हो गया है। किसान धान की नर्सरी डाल सकते हैं। इस बीच मौसम एकाएक बदलने से बुखार, बदन दर्द, डायरिया सहित विभिन्न बीमारियों का प्रकोप बढ़ सकता है। इस संबंध में डॉ. ओपी सिंह ने बताया कि एकाएक मौसम बदलने से बीमारियों से ग्रसित होने का खतरा बढ़ सकता है। लोगों को ठंडी वस्तुुुओं का सेवन से परहेज करना चाहिए। मधुबन संवाददता के अनुसार तेज हवा चलने से क्षेत्र के कई गांवों में बिजली के खंभे गिर गए। इससे तार भी टूटे। इसका परिणाम हुआ कि क्षेत्र में आपूर्ति ठप हो गई। मंगलवार की देर शाम तक आपूर्ति बहाल नहीं हुई थी।
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कई दिनों से चल रही लू तथा भीषण गर्मी से जनजीवन बेहाल था। सोमवार की रात एकाएक मौसम ने करवट बदली। तेज हवा के साथ कई स्थानों पर बारिश तथा ओला पड़ने से लोगों को गर्मी से राहत मिली। वहीं तेज हवा चलने से पोल उखड़ने तथा फाल्ट से कई गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। मौसम ठंडा होने से गर्मी की बोई गई सब्जियों का उत्पादन बढ़ेगा। मौसम धान की अगैती नर्सरी डालने के लिए अनुकूल हो जाने से किसानों के चेहरे पर चमक दिखने लगी है। विशेषज्ञों की मानें तो धान की अगेती नर्सरी 10 मई से शुरू हो जाता है।
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इस संबंध में कृषि विशेषज्ञ नेफोर्ड प्रभारी संतोष कुमार मिश्र का कहना है कि मौसम में बदलाव से तापमान में गिरावट आने से अगैती धान की नर्सरी डालने के लिए अनुकूल हो गया है। किसान धान की नर्सरी डाल सकते हैं। इस बीच मौसम एकाएक बदलने से बुखार, बदन दर्द, डायरिया सहित विभिन्न बीमारियों का प्रकोप बढ़ सकता है। इस संबंध में डॉ. ओपी सिंह ने बताया कि एकाएक मौसम बदलने से बीमारियों से ग्रसित होने का खतरा बढ़ सकता है। लोगों को ठंडी वस्तुुुओं का सेवन से परहेज करना चाहिए। मधुबन संवाददता के अनुसार तेज हवा चलने से क्षेत्र के कई गांवों में बिजली के खंभे गिर गए। इससे तार भी टूटे। इसका परिणाम हुआ कि क्षेत्र में आपूर्ति ठप हो गई। मंगलवार की देर शाम तक आपूर्ति बहाल नहीं हुई थी।
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