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Mau News: दरोगा को धमकी मामले में पूर्व ब्लॉक प्रमुख रमेश सिंह काका को छह महीने की सजा

Thu, 09 Apr 2026 12:28 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 09 Apr 2026 12:28 AM IST
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Former block chief Ramesh Singh Kaka sentenced to six months in jail for threatening a police inspector
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ. कृष्ण प्रताप सिंह ने उपनिरीक्षक को धमकी देने के मामले में परदहां ब्लॉक के पूर्व ब्लॉक प्रमुख रमेश सिंह काका को सुनवाई के बाद दोषी पाया।
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दोषी पाए जाने पर उसे छह महीने की सजा के साथ ही दस हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। अर्थदंड न देने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार वाराणसी में तैनात उपनिरीक्षक अनिल कुमार की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज हुई थी। वादी का कथन था कि जिला कारागार वाराणसी से सरायलखंसी थाना क्षेत्र के कैथवली गांव निवासी रमेश सिंह उर्फ काका पुत्र रामबृक्ष सिंह को 7 दिसंबर 2011 को मऊ दीवानी कचहरी में पेशी पर लाया गया था।
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कोर्ट के बाहर बंदी रमेश सिंह से मिलने काफी लोग आ गए। मोबाइल से बात कराने का प्रयास किया जा रहा था। पुलिसकर्मियों ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से जुटे बाहरी लोगों को हटाना शुरू किया।
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इसी दौरान रमेश सिंह ने कहा कि तुम दरोगा हो, अपनी औकात में रहो, मैं जो कर रहा हूं, मुझे करने दो, नहीं तो तुम्हें ठीक कर दूंगा। यह कहकर रमेश सिंह ने सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई।
पुलिस ने मामले की विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। न्यायालय में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए अभियोजन अधिकारी ने कुल पांच गवाह पेश किए। बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि उसे झूठा फंसाया गया है।
सीजेएम ने दोनों पक्षों के तर्क सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद रमेश सिंह काका को सरकारी कार्य में अवरोध के मामले में दोषमुक्त कर दिया, जबकि उपनिरीक्षक को धमकी देने के मामले में दोषी पाते हुए छह महीने की सजा और 10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। अर्थदंड न देने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

रमेश सिंह काका को पांचवें मामले में हुई सजा

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ. कृष्ण प्रताप सिंह ने परदहां ब्लॉक के पूर्व ब्लॉक प्रमुख रमेश सिंह काका को बुधवार को शहर कोतवाली के एक मामले में उपनिरीक्षक को धमकी देने के आरोप में छह माह की सजा सुनाई। यह पांचवां मामला है, जिसमें दोषी पाए जाने पर उन्हें सजा हुई है।इससे पूर्व सीजेएम ने जून 2025 में शहर कोतवाली के जालसाजी के मामले में चार वर्ष की सजा सुनाई थी। वहीं, सरायलखंसी थाना क्षेत्र के कुशमौर चौकी के पास उपनिरीक्षक भगत सिंह व अन्य पुलिसकर्मियों को धमकी देने के मामले में चार माह की सजा के साथ 3000 रुपये का अर्थदंड लगाया गया था। इसी तरह, शहर कोतवाली के एक अन्य मामले में वाराणसी कारागार से दीवानी कचहरी मऊ में पेशी पर आए रमेश सिंह काका ने सुरक्षा में तैनात उपनिरीक्षक राम बहादुर चौधरी का रिवॉल्वर छीनकर भागने का प्रयास किया और सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की। इस मामले में उन्हें छह माह की सजा के साथ 5000 रुपये का अर्थदंड लगाया गया था। वहीं, सरायलखंसी थाना क्षेत्र के कुशमौर में स्थित गन्ना बीज अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिकों को धमकी देने के मामले में भी उन्हें छह माह की सजा सुनाई गई थी।



जिले में 67 प्राथमिकी दर्ज हैं
जिले में रमेश सिंह काका के खिलाफ 67 प्राथमिकी दर्ज हैं। इनमें सबसे अधिक 40 मामले सरायलखंसी थाना में, जबकि 20 मामले शहर कोतवाली में दर्ज हैं। इसके अलावा रानीपुर थाना में दो, मुहम्मदाबाद गोहाना में एक, मधुबन में एक और चिरैयाकोट में एक मामला दर्ज है। अन्य जिलों में भी उनके खिलाफ मुकदमे पंजीकृत हैं।
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