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कहीं चार दिन तो कहीं एक सप्ताह का समय लग जा रहा
mau news
Updated Sat, 15 Jul 2017 11:28 PM IST
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ट्रांसफार्मर सही करते बिजली कर्मचारी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मऊ। जले ट्रांसफार्मर को नगर में 24 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 48 घंटे के अंदर बदले जाने के फरमान पर बिजली विभाग खरा नहीं उतर रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में जले ट्रांसफार्मर को बदले जाने के लिए तीन से चार दिन तो कहीं-कहीं एक-एक सप्ताह लग जा रहे हैं। शासन ने भले ही नई व्यवस्था शुरू की हो लेकिन अभी ट्रांसफार्मर बदले जाने को लेकर गांव के लोगों को ही जूझना पड़ता है।
जिले में विद्युत वितरण को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए विभिन्न क्षमता के कुल 6697 ट्रांसफार्मर लगे हुए हैं। यह ट्रांसफार्मर कहीं अधिक लोड तो कहीं फाल्ट आने के चलते प्रति माह सैकड़ों की संख्या में जलते रहते हैं। इस माह 13 जुलाई तक कुल 97 ट्रांसफार्मर जले हैं। जब कि जून महीने में विभिन्न क्षमता के 224 ट्रांसफार्मर जले थे। पिछले वर्ष जुलाई माह में 150 ट्रांसफार्मर जले थे। इस प्रकार देखा जाए तो हर माह 100 से 200 ट्रांसफार्मर जलते रहते हैं। इन ट्रांसफार्मरों की मरम्मत के लिए नगर में वर्कशाप भी स्थापित है। प्रदेश सरकार के नए फरमान के तहत नगर में जले ट्रांसफार्मर बदलने के लिए 24 घंटा तो ग्रामीण क्षेत्र के ट्रांसफार्मर को बदलने के लिए 48 घंटा का फरमान है। इसके लिए ऑनलाइन नंबर 1912 भी जारी किया गया है। बावजूद इसके अभी इस फरमान का पूरी तरह पालन नहीं किया जा रहा है। ट्रांसफार्मर जलने के बाद ग्रामीणों को ही परेशानी उठानी पड़ती है। यही नहीं सूचना देने के बाद उन्हें खुद ही ट्रांसफार्मर लेकर वर्कशाप आना पड़ता है। इसमें उन्हें कई दिन का वक्त भी लग जाता है, तब जाकर ट्रांसफार्मर बदले जाते हैं।
गालिबपुर के मुहम्मद शाहिद का कहना है कि उनके गांव का ट्रांसफार्मर पिछले चार दिनों पूर्व जल गया। विभागीय कर्मचारियों को सूचना देने के बाद जब वह नहीं सुने तो वर्कशाप को सूचना दी गई। दो दिन कागजात बनाने में लग गए। चौथे दिन वह खुद ट्रांसफार्मर लेकर वर्कशाप पहुंचे तो भी ट्रांसफार्मर ले जाने के लिए एक दिन का और वर्कशाप ने समय मांगा। यही हाल आए दिन अन्य जले ट्रांसफार्मरों को बदले जाने को लेकर हो रही है। इस संबंध में अधिशासी अभियंता मनीष अग्रवाल का कहना है कि जिले में जो भी जले ट्रांसफार्मर की शिकायत मिलती है उसे समयावधि के अंदर बदला जा रहा है। महज पांच ट्रांसफार्मर बदले जाने के लिए अभी शेष हैं।
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यह है नियम ट्रांसफार्मर बदले जाने का नियम
मऊ। प्रदेश सरकार ने नए नियम के तहत नगर में 24 घंटा एवं ग्रामीण क्षेत्र में 48 घंटा के अंदर ट्रांसफार्मर बदले जाने का नियम है। अधिशासी अभियंता मनीष अग्रवाल का कहना है कि इसके लिए जिस गांव या नगर का ट्रांसफार्मर जला है वहां के लोगों को बिजली विभाग द्वारा जारी टोलफ्री नंबर 1912 पर शिकायत दर्ज करानी होगी। शिकायत दर्ज कराने के बाद ही समय की गणना होगी। इसके बाद संबंधित जेई, एसडीओ, लाईन मैन मिलकर जले ट्रांसफार्मर का कागजात तैयार करेंगे और वर्कशाप खुद अपने खर्च से ट्रांसफार्मर भेजकर उनके बदले जान की व्यवस्था करेगा। अगर कहीं समय से ट्रांसफार्मर नहीं बदले जाने की बात है या कहीं किसी विभागीय व्यक्ति द्वारा पैसे की मांग की जा रही है तो इसकी शिकायत एसडीओ वर्कशाप के मोबाईल नंबर 9453047541 या हमारे नंबर पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। दोषी के विरुद्ध जांचकर कार्रवाई की जाएगी।
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जिले में विद्युत वितरण को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए विभिन्न क्षमता के कुल 6697 ट्रांसफार्मर लगे हुए हैं। यह ट्रांसफार्मर कहीं अधिक लोड तो कहीं फाल्ट आने के चलते प्रति माह सैकड़ों की संख्या में जलते रहते हैं। इस माह 13 जुलाई तक कुल 97 ट्रांसफार्मर जले हैं। जब कि जून महीने में विभिन्न क्षमता के 224 ट्रांसफार्मर जले थे। पिछले वर्ष जुलाई माह में 150 ट्रांसफार्मर जले थे। इस प्रकार देखा जाए तो हर माह 100 से 200 ट्रांसफार्मर जलते रहते हैं। इन ट्रांसफार्मरों की मरम्मत के लिए नगर में वर्कशाप भी स्थापित है। प्रदेश सरकार के नए फरमान के तहत नगर में जले ट्रांसफार्मर बदलने के लिए 24 घंटा तो ग्रामीण क्षेत्र के ट्रांसफार्मर को बदलने के लिए 48 घंटा का फरमान है। इसके लिए ऑनलाइन नंबर 1912 भी जारी किया गया है। बावजूद इसके अभी इस फरमान का पूरी तरह पालन नहीं किया जा रहा है। ट्रांसफार्मर जलने के बाद ग्रामीणों को ही परेशानी उठानी पड़ती है। यही नहीं सूचना देने के बाद उन्हें खुद ही ट्रांसफार्मर लेकर वर्कशाप आना पड़ता है। इसमें उन्हें कई दिन का वक्त भी लग जाता है, तब जाकर ट्रांसफार्मर बदले जाते हैं।
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गालिबपुर के मुहम्मद शाहिद का कहना है कि उनके गांव का ट्रांसफार्मर पिछले चार दिनों पूर्व जल गया। विभागीय कर्मचारियों को सूचना देने के बाद जब वह नहीं सुने तो वर्कशाप को सूचना दी गई। दो दिन कागजात बनाने में लग गए। चौथे दिन वह खुद ट्रांसफार्मर लेकर वर्कशाप पहुंचे तो भी ट्रांसफार्मर ले जाने के लिए एक दिन का और वर्कशाप ने समय मांगा। यही हाल आए दिन अन्य जले ट्रांसफार्मरों को बदले जाने को लेकर हो रही है। इस संबंध में अधिशासी अभियंता मनीष अग्रवाल का कहना है कि जिले में जो भी जले ट्रांसफार्मर की शिकायत मिलती है उसे समयावधि के अंदर बदला जा रहा है। महज पांच ट्रांसफार्मर बदले जाने के लिए अभी शेष हैं।
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यह है नियम ट्रांसफार्मर बदले जाने का नियम
मऊ। प्रदेश सरकार ने नए नियम के तहत नगर में 24 घंटा एवं ग्रामीण क्षेत्र में 48 घंटा के अंदर ट्रांसफार्मर बदले जाने का नियम है। अधिशासी अभियंता मनीष अग्रवाल का कहना है कि इसके लिए जिस गांव या नगर का ट्रांसफार्मर जला है वहां के लोगों को बिजली विभाग द्वारा जारी टोलफ्री नंबर 1912 पर शिकायत दर्ज करानी होगी। शिकायत दर्ज कराने के बाद ही समय की गणना होगी। इसके बाद संबंधित जेई, एसडीओ, लाईन मैन मिलकर जले ट्रांसफार्मर का कागजात तैयार करेंगे और वर्कशाप खुद अपने खर्च से ट्रांसफार्मर भेजकर उनके बदले जान की व्यवस्था करेगा। अगर कहीं समय से ट्रांसफार्मर नहीं बदले जाने की बात है या कहीं किसी विभागीय व्यक्ति द्वारा पैसे की मांग की जा रही है तो इसकी शिकायत एसडीओ वर्कशाप के मोबाईल नंबर 9453047541 या हमारे नंबर पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। दोषी के विरुद्ध जांचकर कार्रवाई की जाएगी।