दुबारी। घाघरा सोमवार को उफान पर आ गई। ऐसे में मधुबन तहसील क्षेत्र के देवारा इलाके के छह से अधिक गांव टापू में तब्दील हो गए हैं। गांव का आसपास के अन्य गांवों से संपर्क कट गया है। गांवों के संपर्क मार्गों पर भी पानी हिलोरे ले रहा। लोग जान जोखिम में डालकर किसी तरह आ-जा रहे हैं। सैकड़ों एकड़ फसल डूब जाने से पशुओं के चारे के लिए परेशानी खड़ी हो गई है। जलजमाव से मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है। उधर, इतना होते हुए भी न तो प्रशासन ने पर्याप्त नाव की व्यवस्था की है और न ही राहत सामग्री उपलब्ध करा सका है। मधुबन तहसील के हाहा नाला पर नदी के जलस्तर में सोमवार को पांच सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। नदी का जलस्तर 65.25 मीटर रहा। जबकि रविवार को 65.20 मीटर रहा। नदी के जलस्तर में पांच सेमी की वृद्धि होने से मधुबन तहसील क्षेत्र के देवारा इलाके के चक्की मूसाडोही, भगत का पुरा, विनटोलिया, नई बस्ती, जरलहवा, बइरकंटा, विशुन का पुरा गांव नदी के घेरे में आ गए हैं। गांव जाने वाले सभी संपर्क मार्ग पानी आ जाने से अन्य गांवों से संपर्क कट गया है। सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो गई है। पशुओं के चारे के लिए लोगों को जान जोखिम में डालकर आना जाना पड़ रहा है। अभी तक प्रशासन की तरफ से नाव की व्यवस्था तक नहीं की जा सकी है। देवारा क्षेत्र के जयराम यादव, गोरख चंद, शिवमंगल बिंद ने बताया कि प्रशासन की तरफ से न तो नावों की व्यवस्था की जा सकी है, और न ही राहत प्रदान की जा सकी है। उमाकांत यादव, रामजीत साहनी, हरिंद्र यादव का कहना है कि कई दिनों से गांवों में जलजमाव होने से दुर्गंध उठ रही है। मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। लेकिन अभी तक दवाओं का छिड़काव तक नहीं किया जा सका है।