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Mau News: गैर इरादतन हत्या के मामले में पांच को 10 वर्ष का सश्रम कारावास की सजा

Fri, 29 Mar 2024 10:56 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 29 Mar 2024 10:56 PM IST
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Five sentenced to 10 years rigorous imprisonment in case of culpable homicide
विशेष न्यायाधीश एससी/ एसटी एक्ट हर्ष अग्रवाल ने मारपीट के क्रॉस केस मामले में नामजद कुल 9 आरोपियों में एक पक्ष के पांच लोगों को गैरइरादतन हत्या के मामले में दोषी पाते हुए 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा के साथ ही कुल 5-5 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। वहीं दूसरे पक्ष के 4 लोगों को मारपीट, गाली व खतरनाक हथियार से चोट पहुंचाने के मामले में दोषी पाते हुए तीन-तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा का निर्णय सुनाया। मामला रानीपुर थाना क्षेत्र के फतेहपुर गांव का है।
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अभियोजन के अनुसार फतेहपुर गांव में दो पक्षों में पुरानी रंजिश को लेकर 20 सितंबर 2003 को मारपीट हुई। इसमें एक पक्ष के घायल सुरजन की मौत हो गई। इसमें रामवृक्ष पुत्र रघुनाथ की तहरीर पर एफआईआर दर्ज की गई। जिसमें सुदर्शन कहार, सुरेमन कहार, अनिल उर्फ डब्बू, दिनेश उर्फ झब्बू और बबलू कहार को आरोपी बनाया गया। वहीं दूसरे पक्ष के कमली देवी पत्नी सुदर्शन गोंड की तहरीर पर एफआईआर दर्ज की गई। जिसमें दुर्जन, रामवृक्ष, संग्राम और हरिलाल को नामजद किया गया। एक पक्ष के सुरजन, रामवृक्ष, संग्राम और दुर्जन को चोटें आईं। इलाज के दौरान सुरजन की मौत हो गई। वहीं दूसरे पक्ष के कमली देवी, सुदर्शन, दिनेश और अनिल को चोटें आई। पुलिस ने दोनों मामलोंं मे विवेचना के बाद आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए विशेष लोक अभियोजक सत्येंद्र नाथ राय और अखिलेश कुमार सिंह ने एक पक्ष से 12 और दूसरे पक्ष से 11 गवाहों को पेश कर अभियोजन का पक्ष रखा। बचाव पक्ष से एक दूसरे के क्रॉस केस का हवाला देते हुए झूठा फंसाए जाने का आरोप लगाया गया। विशेष न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद एक पक्ष के सुदर्शन कहार, सुरेमन कहार, अनिल उर्फ डब्बू, दिनेश उर्फ झब्बू और बबलू कहार को गैरइरादतन हत्या, मारपीट, बलवा और गाली देने के मामले में दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद सभी को गैर इरादतन हत्या के मामले में 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा के साथ ही 5-5 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। मारपीट के मामले में एक-एक वर्ष और गाली देने के मामले में दो-दो वर्ष की सजा का फैसला सुनाया।
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तथा बबलू को दंगा करने मे तीन वर्ष का सश्रम कारावास तथा शेष 4 को बलवा के मामले मे 2-2 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा का फैसला सुनाया। सभी आरोपियों को हत्या और एससी/ एसटी के मामले में दोषमुक्त कर दिया। वहीं दूसरे पक्ष के दुर्जन, रामवृक्ष, संग्राम और हरिलाल को मारपीट, गाली और खतरनाक हथियार से चोट पहुंचाने के मामले में दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद सभी को मारपीट के मामले मे 1-1 वर्ष, गाली देने के मामले में दो-दो वर्ष का सश्रम कारावास की सजा तथा खतरनाक हथियार से चोट पहुंचाने के मामले में 3-3 वर्ष का सश्रम कारावास की सजा का फैसला सुनाया।
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