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Mau News: बिना फाग लाइट के सड़काें पर दौड़ रहीं पचास फीसदी रोडवेज बसें

Wed, 15 Nov 2023 10:44 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 15 Nov 2023 10:44 PM IST
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Fifty percent of roadways buses running on the roads without fog lights
मऊ। ठंड का मौसम शुरू हो गया है। तड़के और रात के समय धुंध भी छाने लगी है। ऐसे में रोडवेज की बसों में असुविधाओं के चलते यात्रियों के लिए सफर करना मुश्किल हो गया है। कई बसों के शीशे गायब हैं, तो किसी का वाइपर खराब पड़ा है। अधिकांश बसों में फॉग लाइट नहीं है। जिसके चलते हादसों का खतरा रहता है। इसके अलावा मऊ डिपो परिसर में स्वच्छता में ही लक्ष्मी वास करती है का स्लोगन तो दीवारों पर लिखा है, लेकिन इसका अनुपालन होता नजर नहीं आ रहा है। रोडवेज परिसर के प्लेटफार्म पर गंदगी रहती है। साफ सफाई भगवान भरोसे हो रही है। इससे बीमारियों के फैलने का खतरा बना रहता है। सब कुछ जानकर आला अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
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मऊ डिपो तथा दोहरीघाट डिपो में कुल 84 रोडवेज बसों का संचालन हाेता है। शासन की तरफ से यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने का आदेश बेअसर साबित हो रहा है। नवंबर माह का 15 दिन बीत गया, लेकिन ठंड शुरू होने के बाद भी परिवहन निगम की तरफ से यात्री सुविधाओं को चुस्त दुरुस्त करने का काम कागज पर चल रहा है। सुबह और रात में धुंध भी छाने लगी है। रोडवेज परिसर से संचालित कई बसों के साइड के शीशे नहीं है। जिससे रोडवेज बस में सफर करने वाले यात्रियों को ठंडी हवा का सामना करना पड़ रहा है। तो कई बसों के मुख्य शीशे के आगे लगे वाइपर खराब पड़े हैं। अधिकांश बसों में फाग लाइट नहीं लगी है। ऐेसे में धुंध के समय चलने वाले चालकों को परेशानी हो रही है। बस चलाते समय लाइट की कमी के चलते भी स्पष्ट दिखाई नहीं देता। इन असुविधाओं के चलते जहां सफर मुश्किल है, वहीं हादसों का खतरा भी बना हुआ है। जिससे चालक, परिचालक के साथ यात्री भी परेशान हैं।
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रोडवेज के प्लेटफार्म पर नहीं होता है बसों का ठहराव
मऊ। मऊ डिपो परिसर में विभिन्न रूटों की रोडवेज बसों के लिए प्लेटफार्म बने हैं, लेकिन बसों का ठहराव इधर उधर तथा सड़क पर होता है। इससे यात्रियों को बसों को ढूंढ़ने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। अधिकारियों का तर्क है कि जगह की कमी के चलते प्लेटफार्म पर बसों का ठहराव नहीं हो पाता है।
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डिपो परिसर में है अव्यवस्था का बोलबाला
मऊ। मऊ डिपो परिसर में यात्रियों की सुविधा के लिए एसी यात्री प्रतीक्षालय, शौचालय, दिव्यांग शौचालय बना तो है, लेकिन हमेशा ताला बंद रहने से यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। यही नहीं प्लेटफार्म पर गंदगी का अंबार लगा रहता है। इससे गंदगी के बीच यात्रियों को तमाम समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। यात्रियों की तरफ से शिकायत की जा रही है, लेकिन आश्वासन के सिवाय कुछ भी हासिल नहीं हो सका है। विभागीय लापरवाही की स्थिति यह है कि वित्तीय वर्ष का सात माह बीत गया, अभी तक सफाई व्यवस्था के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं की जा सकी है।

कैंटीन में लटक रहा ताला, यात्री परेशान
मऊ। मऊ डिपो कैंपस में कैंटीन तो खोली गई है। लेकिन हमेशा ताला लटकने से यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। इससे यात्रियों को खाने पीने के लिए बाजार में जाना पड़ रहा है। यात्रियों को अधिक दाम देने के बाद भी गुणवत्तापरक खाद्य सामग्री नहीं मिल पा रही है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार कैंटीन संचालक को नोटिस जारी की गई है।

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यात्रियों को बेहतर सुविधा देने का प्रयास जारी है। डिपो कैंपस में जगह की कमी के चलते रोडवेज बसें प्लेटफार्म पर खड़ी नहीं हो पाती है। फाग लाइट लगाने का काम चल रहा है। सफाई के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। कैंटीन संचालक को नोटिस जारी किया गया है। एसी यात्री प्रतीक्षालय, दिव्यांग शौचालय यात्रियों के आग्रह पर खुलवाया जाता है।

हरिशंकर पांडेय, एआरएम मऊ डिपो।
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