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महोत्सव नहीं एक नए युग की शुरुआत

Sat, 21 Jul 2018 11:05 PM IST
mau
mau Updated Sat, 21 Jul 2018 11:05 PM IST
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Festival Not a New Age Begins
महाौसव में कइऱ्ई िजजिलाों से अाए लाोग - फोटो : mau
 बेसिक शिक्षा विभाग तथा आईसीटी इनोवेटर्स ग्रुप की तरफ से नगर के पालिका कम्युनिटी हाल में आयोजित बेसिक शिक्षा महोत्सव आईसीटीे प्रयोगशाला के रूप में नजर आया। महोत्सव में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए 50 से अधिक नवाचारी शिक्षकों ने अपने आईसीटी प्रयोगों का पॉवर प्वाइंट के माध्यम से प्रस्तुतिकरण किया। महोत्सव का उद्घघाटन मुख्य अतिथि मुख्य विकास अधिकारी आशुतोष द्विवेदी, संयुक्त निदेशक सर्व शिक्षा अभियान अजय कुमार सिंह, डीआईओस केसी भारती, बीएसए ओपी त्रिपाठी, आईसीटी इनोवेटर्स ग्रुप के सतीश सिंह सहित विभिन्न अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया।  
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 पहला प्रस्तुतिकरण बस्ती जनपद के आदर्श प्राथमिक विद्यालय मूड घाट के प्रधानाध्यापक डॉ.  सर्वेष्ट मिश्र ने अपने स्कूल में स्थापित स्मार्ट क्लास और आईसीटी के विविध क्षेत्रों मे किए गए कार्यों को प्रस्तुत कर  किया। मऊ से प्राथमिक विद्यालय कइयाँ के प्रधानाध्यापक अंजनी कुमार सिंह ने अभिनव प्रयोगों की प्रस्तुति दी। प्राथमिक विद्यालय रकौली के प्रधानाध्यापक सतीश कुमार सिंह ने अपने विद्यालय को स्मार्ट बनाने के तरीके और मैनपुरी के शिक्षक इशरत अली ने अपने स्कूल में आईसीटी गतिविधियों की प्रस्तुति दी। गोंडा के धौरहरा प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक रवि प्रताप सिंह ने बताया कि किस तरह उन्होंने अपने स्कूल को शत प्रतिशत आईसीटी गतिविधियों का केंद्र बनाया है।
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झांसी के विज्ञान शिक्षक डॉ खुर्शीद हसन ने विज्ञान में आईसीटी प्रयोग, ललितपुर के शिक्षक कृष्ण मुरारी उपाध्याय ने लीप विषय पर अपनी प्रस्तुतिकरण किया। मथुरा की डा. अनिता मुदगल ने कम शिक्षक होने पर आईसीटी के फायदे को बताया। विभिन्न स्कूलों के नन्हे मुन्ने बच्चों द्वारा कई मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने कहा कि शिक्षा में वह शक्ति है जो समाज की दशा और दिशा बदलती है। इसलिए शिक्षक को बड़ी सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ अपना बेहतर देने का प्रयास करना चाहिए।
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एससीआरटी उप्र  के पूर्व निदेशक महेंद्र सिंह ने चित्रकला के माध्यम से गणित की शिक्षा देने की बात कही। एनसीआरटी के प्रोफेसर ओपी सिंह ने कहा कि शिक्षक प्रशिक्षण में सीखने के प्रयोगों को वास्तविक कक्षाओं में लागू करना चाहिए।राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद के संयुक्त निदेशक अजय कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षकों द्वारा आईसीटी में प्रदेश के विभिन्न परिषदीय विद्यालयों में बहुत अच्छा काम हो रहा है। इस दौरान सजेंद्र सिंह, अरविंद सिंह, ज्ञान चंद कनौजिया, हरिहर यादव, धर्मराज चौहान, राणा बलवंत, नित्य प्रकाश , राजेश प्रकाश आदि उपस्थित रहे। संचालन अंजनी कुमार सिंह, अरविंद पांडेय, सुनील सिंह ने किया।      
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