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तेजी से सरयू नदी में विलीन हो रही उपजाऊ जमीन, कटान तेज
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सरयू नदी का जलस्तर तेजी से घट रहा है। ऐसे में तटवर्ती क्षेत्रों में कटान का खतरा काफी बढ़ा है। सरयू नदी इस समय खतरा बिंदु 69.90 मीटर से 50 सेमी नीचे बह रही है। बारिश प्रारंभ होने से पूर्व शासन ने कटान को रोकने के कई तरह के दावे किए थे, इसके लिए करोड़ों का धन भी आवंटित हुआ था। लेकिन विभागीय उदासीनता के चलते शासन के सभी दावों की हवा निकल चुकी है। सरयू नदी की तेज धारा में तटवर्ती क्षेत्रों की उपजाऊ जमीन नदी में विलीन हो रही है। बीबीपुर देवारा में खेती योग्य भूमि को नदी अपनी जद में लेना शुरू कर दिया है।
सरयू का जलस्तर 24 घंटे में 40 सेमी घटा है। बुधवार को 69.80 मीटर पर रहा जलस्तर बृहस्पतिवार को घट कर 69.40 मीटर पर पहुंच गया। नदी के घटते जल स्तर से कटान बढ़ गया है। जबकि शासन ने बरसात के पहले दोहरीघाट की सुरक्षा के स्थाई प्रबंध के लिए करोड़ों रुपये सिंचाई विभाग को मुहैया कराया था। लेकिन सिंचाई विभाग की उदासीनता के चलते खाकी बाबा की कुटी से शाही मस्जिद के बीच सरयू से कटान को रोकने के लिए जो कार्य होना था, वह नदी में बाढ़ के चलते अधूरा रह गया। इस समय जलस्तर में कमी आई है फिर भी सरयू नदी तटवर्ती इलाकों में तांडव मचाने के लिए उतावली है। नवली गांव के सामने तथा सरहरा के पास बन रहे घाघरा नदी में पुल के नीचे धीरे-धीरे कटान शुरू होने से लोगों में भय व्याप्त है। वहीं चिऊटीडांड गांव के पास भी नदी में बने ठोकर से लहरे टकराने से कटान का खतरा बढ़ गया है। गड़ौली नई बाजार मार्ग पर पानी चढ़ने से दर्जनों गांवों के ग्रामीणों को आने जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पतनई और बहादुरपुर के गांव के सिवान में घुसे बाढ़ के पानी से धान की फसल बर्बाद हो रही है। दूसरी तरफ सियरहीं ताल, फरसरा ताल, रामपुर धनौली ताल, हरधौली, नई बाजार, चक भगवान दास सहित आदि जगहों पर नदी में लगे रेगुलेटर बंद होने से खेतों में बारिश का भरा हुआ है। मौके पर तैनात सिंचाई विभाग के अवर अभियंता जेपी यादव ने बताया कि नदी जिस स्थान को काट रही है उस स्थान को बोल्डर से भरा जा रहा है।
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सरयू का जलस्तर 24 घंटे में 40 सेमी घटा है। बुधवार को 69.80 मीटर पर रहा जलस्तर बृहस्पतिवार को घट कर 69.40 मीटर पर पहुंच गया। नदी के घटते जल स्तर से कटान बढ़ गया है। जबकि शासन ने बरसात के पहले दोहरीघाट की सुरक्षा के स्थाई प्रबंध के लिए करोड़ों रुपये सिंचाई विभाग को मुहैया कराया था। लेकिन सिंचाई विभाग की उदासीनता के चलते खाकी बाबा की कुटी से शाही मस्जिद के बीच सरयू से कटान को रोकने के लिए जो कार्य होना था, वह नदी में बाढ़ के चलते अधूरा रह गया। इस समय जलस्तर में कमी आई है फिर भी सरयू नदी तटवर्ती इलाकों में तांडव मचाने के लिए उतावली है। नवली गांव के सामने तथा सरहरा के पास बन रहे घाघरा नदी में पुल के नीचे धीरे-धीरे कटान शुरू होने से लोगों में भय व्याप्त है। वहीं चिऊटीडांड गांव के पास भी नदी में बने ठोकर से लहरे टकराने से कटान का खतरा बढ़ गया है। गड़ौली नई बाजार मार्ग पर पानी चढ़ने से दर्जनों गांवों के ग्रामीणों को आने जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पतनई और बहादुरपुर के गांव के सिवान में घुसे बाढ़ के पानी से धान की फसल बर्बाद हो रही है। दूसरी तरफ सियरहीं ताल, फरसरा ताल, रामपुर धनौली ताल, हरधौली, नई बाजार, चक भगवान दास सहित आदि जगहों पर नदी में लगे रेगुलेटर बंद होने से खेतों में बारिश का भरा हुआ है। मौके पर तैनात सिंचाई विभाग के अवर अभियंता जेपी यादव ने बताया कि नदी जिस स्थान को काट रही है उस स्थान को बोल्डर से भरा जा रहा है।
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