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ज्ञानिक ढंग से खेती कर समर्थ बनें किसान

Fri, 05 Mar 2021 11:34 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 05 Mar 2021 11:34 PM IST
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Farmers should be able to do farming in a scientific way
राष्ट्रीय कृषि विकास योजनान्तर्गत उद्यान विभाग द्वारा राजकीय अलंकृत उद्यान चन्द्रभानपुर में द - फोटो : MAU
मऊ। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत उद्यान विभाग की ओर से राजकीय अलंकृत उद्यान चंद्रभानपुर के परिसर में दो दिवसीय औद्यानिक गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी का शुभारंभ जिलाधिकारी अमित सिंह बंसल ने किया। इस दौरान कृषि वैज्ञानिकों ने कहा कि वैज्ञानिक तकनीक से खेती कर किसान समर्थ बन सकते हैं।
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गोष्ठी में जिला उद्यान अधिकारी सुभाष कुमार कहा कि वर्तमान में जायद मौसम की लतावर्गीय सब्जियों पर आठ हजार रुपये प्रति एकड़ अनुदान की व्यवस्था है। उप कृषि निदेशक एसपी श्रीवास्तव ने कृषि विभाग की योजनाएं बताईं। कृषि विज्ञान केंद्र पिलखी के वैज्ञानिक डॉ. वीके सिंह ने औद्यानिक फसलों तथा वर्मी कंपोस्ट निर्माण की प्रक्रिया बताई। वैज्ञानिक डॉ. अजीत वत्स ने फसल को रोग से बचाने के उपाय बताए। आम में लगने वाले रोगों के बारे में भी बताया। केंद्र के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. एसएन चौहान ने कृषि मशीनीकरण के बारे में जानकारी दी। जिलाधिकारी अमित सिंह बंसल ने कहा कि खेती को लाभप्रद बनाने के लिए व्यवसायिक खेती करने की जरूरत है। उन्होंने स्प्रिंकलर, रेनगन पशुपालन, मुर्गी पालन को अपनाने की सलाह दी। प्रगतिशील किसान मनीष राय ने केला की खेती तथा राइपेनिंग यूनिट के बारे में जानकारी दी। मशरूम के प्रगतिशील किसान ज्योतिष सिंह ने खेती के अनुभव तथा लाभ के बारे में बताया गया। महिला प्रगतिशील किसान मीना शुक्ला नेकाले गेंहूं की खेती, एप्पल बेर, सतावर की खेती के बारे में विस्तार से बताया। गोष्ठी में स्प्रिंकलर तथा रेनगन का लाइव मॉडल भी प्रस्तुत किया गया। जिलाधिकारी ने कैलाश सिंह, बलराम सिंह, जयप्रकाश सिंह, रामाश्रय तथा हरेंद्र नाथ मौर्य को जायद सब्जी का मिनी किट वितरित किया गया। इस अवसर पर उद्यान विभाग के निरीक्षक सतिराज यादव, हरिश्चंद्र प्रसाद, मिथिलेश कुमार सिंह, चंद्रभान, जितेंद्र, सुनील कुमार आदि शामिल रहे। गोष्ठी के दौरान कृषि विभाग, उद्यान, पशुपालन, वन, मत्स्य, गना, इफको, भूमि संरक्षण आदि विभागों की तरफ से स्टाल लगाए गए।
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