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राहत राशि पाने को भटक रहे किसान
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Fri, 15 Jul 2016 12:25 AM IST
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लगातार कई वर्षों से सूखे की मार से जूझ रहे अन्नदाताओं को सूूखा राहत पाने के लिए अधिकारियों के कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है। राहत राशि के लिए धरना प्रदर्शन के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। सबसे अधिक वे किसान हैं जिनका सारा रिकार्ड तहसील में जमा होने के बावजूद गलत विवरण कंप्यूटर पर दर्ज होने के कारण लाभ्ा से वंचित हो गए। तहसील क्षेत्र के लगभग 650 से अधिक किसानों के खाते की फीडिंग गलत होने से लाभ पाने से वंचित किसान स्थानीय अधिकारियों से गुहार लगाकर थक चुके हैं।
धान की फसल का मुआवजा देने के लिए सरकार की ओर से तहसील प्रशासन को 12 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की गई थी। महीनों तक धन भेजने व आवश्यक कागजात जमा होने का कार्य होता रहा। लेकिन सैकड़ों लोगों ने गलत फीडिंग किए जाने व खाते में धन न आने की शिकायत की। लेकिन बाद में खाता दुरुस्त किए जाने का आश्वासन देकर उन्हें टाल दिया गया। अब ऐसे किसान जिनकी फीडिंग गलत होने के कारण धन नहीं मिला वो अब महीनों से तहसील का चक्कर लगा रहे हैं।
अन्नूपार गांव निवासी शिवबचन यादव ने आरोप लगाया कि बैंक के खाते का गलत नंबर फीड करने से उन्हें धनराशि नहीं मिली। इसी प्रकार पिरूआ के गोपाल प्रसाद, कादीपुर के शंभू, कमालपुर के राजेश ने भी आरोप लगाया कि तहसील कर्मियों की गलत फीडिंग से हम लोग राहत राशि से वंचित रह गए है। दर्जनों बार शिकायत के बावजूद भी अभी तक कोई कार्यवाई नहीं हुई है। समस्या को लेकर भारतीय किसान सभा के तत्वावधान में किसानों ने तहसील परिसर में धरना देकर विरोध जताया। गलती सुधारने की मांग की था।
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उपजिलाधिकारी डॉ. आरडी पांडेय ने बताया कि कुछ गलत फीडिंग होने के बाद उसे सुधारकर धन संबंधित लाभार्थी के खाते में भेजने का प्रयास किया गया लाभ पाने से वंचित किसानों की सूची बनाई गयी है। धन उपलब्ध होते ही उनके खाते में धन भेजने की व्यवस्था की जाएगी।
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धान की फसल का मुआवजा देने के लिए सरकार की ओर से तहसील प्रशासन को 12 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की गई थी। महीनों तक धन भेजने व आवश्यक कागजात जमा होने का कार्य होता रहा। लेकिन सैकड़ों लोगों ने गलत फीडिंग किए जाने व खाते में धन न आने की शिकायत की। लेकिन बाद में खाता दुरुस्त किए जाने का आश्वासन देकर उन्हें टाल दिया गया। अब ऐसे किसान जिनकी फीडिंग गलत होने के कारण धन नहीं मिला वो अब महीनों से तहसील का चक्कर लगा रहे हैं।
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अन्नूपार गांव निवासी शिवबचन यादव ने आरोप लगाया कि बैंक के खाते का गलत नंबर फीड करने से उन्हें धनराशि नहीं मिली। इसी प्रकार पिरूआ के गोपाल प्रसाद, कादीपुर के शंभू, कमालपुर के राजेश ने भी आरोप लगाया कि तहसील कर्मियों की गलत फीडिंग से हम लोग राहत राशि से वंचित रह गए है। दर्जनों बार शिकायत के बावजूद भी अभी तक कोई कार्यवाई नहीं हुई है। समस्या को लेकर भारतीय किसान सभा के तत्वावधान में किसानों ने तहसील परिसर में धरना देकर विरोध जताया। गलती सुधारने की मांग की था।
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उपजिलाधिकारी डॉ. आरडी पांडेय ने बताया कि कुछ गलत फीडिंग होने के बाद उसे सुधारकर धन संबंधित लाभार्थी के खाते में भेजने का प्रयास किया गया लाभ पाने से वंचित किसानों की सूची बनाई गयी है। धन उपलब्ध होते ही उनके खाते में धन भेजने की व्यवस्था की जाएगी।