{"_id":"1b58d0bcd08d5ee4a9ff106815f341e2","slug":"farmers-begin-hunger-strike-hindi-news-1","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसानों ने शुरू की भूख हड़ताल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसानों ने शुरू की भूख हड़ताल
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Thu, 24 Sep 2015 12:53 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
जिले को सूखाग्रस्त घोषित कराने की मांग को लेकर बुधवार को किसानों ने
कलेक्ट्रेट पर भूख हड़ताल शुरू किया। साथ ही डीएम को संबोधित ज्ञापन
अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा।
इस मौके पर किसान नेता राकेश सिंह ने कहा कि जून से अगस्त तक मऊ जिले में 258.87 मिमी बारिश हुई है जबकि वर्ष 2014 में जून से अगस्त तक 266.75 मिमी बारिश हुआ है।
जिसके चलते जिले को सूखाग्रस्त घोषित किया गया था। तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सयस चल रहा है। बारिश कम होने से जिले के तालाबों, पोखरों, नाला आदि में पानी ही नहीं है।
दोहरीघाट पंप कैनाल, शारदा सहायक खंड 32 के इंदारा रजवाहा या किसी भी नहर या माइनर में पानी ही नहीं है।जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार तीन घंटे भी बिजली नहीं मिल पा रही है।
भूगर्भ जलस्तर तेजी से नीचे खिसक रहा है। इससे पेयजल संकट गहराता जा रहा है। नलकूपों के जवाब देने से सिंचाई समस्या भी गहराती जा रही है। इसके बाद भी नहरों में पानी छोड़ा नहीं जा रहा है।
पर्याप्त बिजली नहीं दिया जा रहा है। सिंचाई के अभाव में धान की फसल पीली पड़ रही है। किसानों की लागत डूबने की संभावना प्रबल होती जा रही है।
जिले को सूखाग्रस्त अविलंब घोषित नहीं किया गया तो हम लोग आंदोलन तेज करने को बाध्य हो जाएंगे। अंत में किसानों का ऋण माफ करने, तीन माह की बिजली माफ करने, सूख रही फसलों का मुआवजा देने सहित जिलाधिकारी को संबोधित अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा।
इस अवसर पर रामनवल राही, क्षत्रपति सिंह, विजय प्रकाश भारती, भरत यादव, मुन्नी, हरीलाल चौहान, शिवशंकर, प्रेमप्रकाश तिवारी, जगरनाथ, शिवनाथ, नरेंद्र तिवारी आदि शामिल थे।
इस मौके पर किसान नेता राकेश सिंह ने कहा कि जून से अगस्त तक मऊ जिले में 258.87 मिमी बारिश हुई है जबकि वर्ष 2014 में जून से अगस्त तक 266.75 मिमी बारिश हुआ है।
जिसके चलते जिले को सूखाग्रस्त घोषित किया गया था। तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सयस चल रहा है। बारिश कम होने से जिले के तालाबों, पोखरों, नाला आदि में पानी ही नहीं है।
दोहरीघाट पंप कैनाल, शारदा सहायक खंड 32 के इंदारा रजवाहा या किसी भी नहर या माइनर में पानी ही नहीं है।जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार तीन घंटे भी बिजली नहीं मिल पा रही है।
भूगर्भ जलस्तर तेजी से नीचे खिसक रहा है। इससे पेयजल संकट गहराता जा रहा है। नलकूपों के जवाब देने से सिंचाई समस्या भी गहराती जा रही है। इसके बाद भी नहरों में पानी छोड़ा नहीं जा रहा है।
पर्याप्त बिजली नहीं दिया जा रहा है। सिंचाई के अभाव में धान की फसल पीली पड़ रही है। किसानों की लागत डूबने की संभावना प्रबल होती जा रही है।
जिले को सूखाग्रस्त अविलंब घोषित नहीं किया गया तो हम लोग आंदोलन तेज करने को बाध्य हो जाएंगे। अंत में किसानों का ऋण माफ करने, तीन माह की बिजली माफ करने, सूख रही फसलों का मुआवजा देने सहित जिलाधिकारी को संबोधित अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा।
इस अवसर पर रामनवल राही, क्षत्रपति सिंह, विजय प्रकाश भारती, भरत यादव, मुन्नी, हरीलाल चौहान, शिवशंकर, प्रेमप्रकाश तिवारी, जगरनाथ, शिवनाथ, नरेंद्र तिवारी आदि शामिल थे।