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नोटबंदी से परेशान हैं किसान
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Sat, 03 Dec 2016 10:28 PM IST
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बैंक के बाहर भ्ाीड़
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नोटबंदी का असर अभी भी बाजार पर है। ग्राहक से लेकर दूकानदार अभी तक इससे उबर नहीं पाए हैं। कारोबार पर अभी भी बिक्री प्रभावित है। छोटे से लेकर बड़े दुकानदार अभी परेशान नजर आ रहे हैं। नोटबंदी से सबसे ज्यादा परेशानी किसानों को हो रही है। कैश के लिए अभी भी लोगों की एटीएम और बैंकों पर लाइन लग रही है।
नोटबंदी के बाद ग्रामीण क्षेत्र हो शहर कैश को लेकर बड़ी समस्या उत्पन्न हुई है। अभी भी कई बैंकों में कैश न होने के चलते लोगों को किसी प्रकार अपना काम चलाना पड़ रहा है। शनिवार को भी ग्रामीण क्षेत्र से लेकर शहर के कुछ बैंकों में सुबह से ही कैश की कमी से बैंक और उनके उपभोक्ता जूझते रहे।
जिन्हें दस हजार की आवश्यकता थी उन्हें दो हजार पांच हजार रुपये देकर काम चलाया गया। एचडीएफसी, कारपोरेशन बैंक, बैंक आफ बड़ौदा, ग्रामीण बैंक, पंजाब, अेाबीसी के आलावा पोस्ट आफिस में भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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नोटबंदी के बाद अभी तक पूरे समय तक एटीएम चलाने व कैश बांटने में आगे रहने वाले प्राइवेट बैंक भी कैश या फुटकर नोटों की कमी से जूझ रहे हैं। शनिवार का दिन होने के चलते रविवार की बंदी को लेकर बैंकों पर ज्यादा भीड़ देखी गई। बाजार में गर्म कपड़ों का बाजार हो या इलेक्ट्रानिक के सामानों का बाजार लोगों के पास कैश की कमी के चलते अभी भी पूरी तरह उबर नहीं पा रहे हैं। बाजार में भीड़ तो रह रही है लेकिन लोग मन मसोसकर खरीददारी कर रहे हैं।
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नोटबंदी के बाद ग्रामीण क्षेत्र हो शहर कैश को लेकर बड़ी समस्या उत्पन्न हुई है। अभी भी कई बैंकों में कैश न होने के चलते लोगों को किसी प्रकार अपना काम चलाना पड़ रहा है। शनिवार को भी ग्रामीण क्षेत्र से लेकर शहर के कुछ बैंकों में सुबह से ही कैश की कमी से बैंक और उनके उपभोक्ता जूझते रहे।
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जिन्हें दस हजार की आवश्यकता थी उन्हें दो हजार पांच हजार रुपये देकर काम चलाया गया। एचडीएफसी, कारपोरेशन बैंक, बैंक आफ बड़ौदा, ग्रामीण बैंक, पंजाब, अेाबीसी के आलावा पोस्ट आफिस में भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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नोटबंदी के बाद अभी तक पूरे समय तक एटीएम चलाने व कैश बांटने में आगे रहने वाले प्राइवेट बैंक भी कैश या फुटकर नोटों की कमी से जूझ रहे हैं। शनिवार का दिन होने के चलते रविवार की बंदी को लेकर बैंकों पर ज्यादा भीड़ देखी गई। बाजार में गर्म कपड़ों का बाजार हो या इलेक्ट्रानिक के सामानों का बाजार लोगों के पास कैश की कमी के चलते अभी भी पूरी तरह उबर नहीं पा रहे हैं। बाजार में भीड़ तो रह रही है लेकिन लोग मन मसोसकर खरीददारी कर रहे हैं।