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ईवीएम निगरानी में गए थे, पुलिस ने पीटा

Tue, 21 May 2019 11:12 PM IST
mau Published by: पवन सिंह Updated Tue, 21 May 2019 11:12 PM IST
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EVMs went under surveillance, police beaten
सब्जी मंडी में बने स्ट्रांग रुम के बाहर गठबंधन के लोगों पर लाठीचार्ज के बाद सुलह समझौता के पूर्व विधायक सुधाकर सिंह, डीएम और एसपी। - फोटो : mau
शहर कोतवाली क्षेत्र के मंडी परिषद में बने स्ट्रांगरूम में रखी ईवीएम को बदलने की अफवाह पर सोमवार की रात निगरानी करने के लिए गए गठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं की पुलिस ने पिटाई कर दी। पांच लोगों को हिरासत में ले लिया गया। बाद में घोसी के पूर्व विधायक सुधाकर सिंह के हस्तक्षेप पर अधिकारियों संग हुई वार्ता में नेताओं ने अपनी गलती स्वीकार की। इसके बाद भोर में पुलिस हिरासत में लिए गए लोगों को छोड़ दिया। डीएम ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि मामले का तस्करा कोतवाली की जीडी में दर्ज है। ताकि कभी भी जरूरत पड़ने पर धरना देने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जा सके।
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 बताते चले कि सोमवार की रात चंदौली जिले में ईवीएम बदलने की अफवाह गाजीपुर होते हुए मऊ तक पहुंची। रात को साढे़ दस बजे गठबंधन के नेता और सैकड़ों कार्यकर्ता ख़्वाजा जहांपुर स्थित मंडी समिति पर पहुंचे और गेट के सामने कुर्सी लगा कर बैठ गए। थोड़ी देर बाद पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र बहादुर फोर्स से साथ वहां पहुंचे। फोर्स ने पांच लोगों को हिरासत में ले लिया तथा नेताओं कार्यकर्ताओं पर डंडे बरसाने लगे जिससे वहां अफरातफरी मच गई। बाद में मौके पर पहुंचे जिलाधिकारी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी के निर्देश पर कुर्सी लगाकर बैठने वालों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने छापेमारी शुरू कर दी, पर कोई पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा।
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उधर रात एक बजे गठबंधन के नेता घोसी के पूर्व विधायक सुधाकर सिंह के नेतृत्व में बलिया मोड़ पहुंचे। नेताओं और अधिकारियों के बीच घंटे भर चली वार्ता में नेताओं ने अपनी गलती मानी। पूर्व विधायक सुधाकर सिंह के कहने पर हिरासत में लिए गए सभी कार्यकर्ताओं को छोड़ दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि  गठबंधन के आवेदन पर उन्होंने पहले से ही दो कार्यकर्ताओं को स्ट्रांगरुम के पास ईवीएम की निगरानी करने का आदेश जारी किया है। इसके बाद भी भारी संख्या में नेताओं के मंडी परिषद तक आने का उद्देश्य सिर्फ कानून व्यवस्था को प्रभावित करना ही था। जबकि उधर जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से निगरानी के लिए अब आठ लोगों को अनुमति दे दी गई।
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