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Mau News: स्टैंड के बाद भी इमरजेंसी से लेकर ओपीडी कक्ष के बाहर तक खड़े हो रहे वाहन

Sat, 28 Mar 2026 12:20 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 28 Mar 2026 12:20 AM IST
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Even after the stand, vehicles are parked from the emergency to outside the OPD room.
जिला अस्पताल में सड़क के दोनों तरफ खड़े वाहन। संवाद
जिला अस्पताल में इमरजेंसी के ठीक बगल में वाहन स्टैंड होने के बाद भी आने वाले मरीजों के साथ उनके तीमारदार और अन्य लोग आपातकाल से लेकर ओपीडी भवन, ट्रामा विंग, ब्लड बैंक सहित अनेक स्थानों पर अपने दोपहिया और चारपहिया वाहन खड़े कर रहे हैं।
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अस्पताल के ठीक सामने निजी मॉल में काम करने वाले कर्मचारी भी जिला अस्पताल परिसर को अपना वाहन स्टैंड बना लिए हैं। जिला अस्पताल की इमरजेंसी और ओपीडी की ओर जाने वाले मार्ग के दोनों तरफ एक पटरी पर ऐसे ही वाहनों का जमावड़ा लगा रहता है।
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जिला अस्पताल में जनपद की 24 लाख की आबादी के उपचार की जिम्मेदारी है। सुबह आठ बजे अस्पताल खुलने के बाद दूर-दराज क्षेत्रों से मरीजों का आवागमन शुरू हो जाता है। आंकड़ों के मुताबिक जिला अस्पताल में रोजाना करीब एक हजार से अधिक मरीज उपचार के लिए आते हैं।
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आने वाले मरीज अपने तीमारदारों के साथ दोपहिया और चारपहिया वाहनों से आते हैं। ओपीडी और आपातकाल में आने वाले लोग अक्सर अपने वाहनों को परिसर में अपनी सहूलियत के अनुसार खड़ा कर देते हैं।
बीते समय में अस्पताल के कर्मी भूतल के अंदर भी अपने वाहनों को खड़ा कर देते थे। इमरजेंसी से ओपीडी जाने वाले भवन के प्रवेश द्वार पर अस्पताल प्रशासन की ओर से एक फीट की सात एंगल लगाकर वाहनों को अंदर ले जाने पर रोक लगा दी गई।
कर्मियों की मांग पर इमरजेंसी के पास एक नि:शुल्क वाहन स्टैंड भी बना दिया गया, लेकिन स्टैंड होने के बाद भी मरीज और तीमारदार अपने वाहन वहां खड़ा नहीं करते हैं। सड़क के दोनों ओर दोपहिया और चारपहिया वाहनों के खड़े होने से कभी-कभार एंबुलेंस को आने-जाने में परेशानी होती है।

स्टैंड में कम जगह और देखरेख का अभाव
जिला अस्पताल में इमरजेंसी के पास दोपहिया और चारपहिया वाहनों का स्टैंड तो बना दिया गया है, लेकिन कोई शुल्क तय नहीं होने से उसकी देखरेख करने वाला भी कोई नहीं है। दूसरी बड़ी समस्या स्टैंड में जगह कम होना है। लगभग 200 दोपहिया और करीब 20 चारपहिया वाहनों की क्षमता वाले इस स्टैंड में सुबह दस बजे के बाद वाहन खड़ा करना टेढ़ी खीर बन जाता है।



अस्पताल में वाहन स्टैंड बना हुआ है, लेकिन अक्सर लोग अपने वाहनों को बाहर ही खड़ा कर देते हैं। अभी स्टैंड की क्षमता कम है, लेकिन एक दूसरा गेट लगाकर इसे बढ़ाया जाएगा। फिलहाल अस्पताल में कोई शुल्क वाला स्टैंड नहीं है। -डॉ. धनंजय कुमार, सीएमएस, जिला अस्पताल
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