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Mau News: 24 साल बाद भी विशेषज्ञ डॉक्टरों का इंतजार, रेफरल सेंटर बनकर रह गया मुहम्मदाबाद गोहना सीएचसी
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मुहम्मदाबाद गोहना। स्थानीय कस्बे में 30 बेड का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र साल 2002 में क्षेत्रवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के वादे के साथ बना था। 24 साल और करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी इस अस्पताल की तस्वीर नहीं बदली। शासन से स्वीकृत सर्जन, महिला रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ और निश्चेतना विशेषज्ञ सहित 6 विशेषज्ञ पद आज भी खाली पड़े हैं। स्वास्थ्य विभाग के दावों के उलट यहां आज भी सिर्फ एमबीबीएस और संविदा चिकित्सकों के भरोसे ही ओपीडी और आपातकालीन सेवाएं चल रही हैं। अस्पताल में एक्सरे मशीन और पैथोलॉजी लैब स्थापित है, लेकिन रेडियोलॉजिस्ट और पैथोलॉजिस्ट की तैनाती न होने से ये दोनों इकाइयां लैब सहायकों के सहारे चल रही है।
प्रसव में जटिलता, सर्जरी, बच्चों की गंभीर बीमारी या सड़क दुर्घटना के मरीजों को यहां प्राथमिक उपचार के बाद सीधे मऊ या आजमगढ़ जिला अस्पताल भेज दिया जाता है। आपात समय में समय पर इलाज न मिलने से मरीजों और तीमारदारों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है। सालों से सीएचसी रेफरल सेंटर बना हुआ है। गरीब मरीजों को महंगे निजी अस्पतालों में इलाज कराने को मजबूर होना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां की चिकित्सा व्यवस्था प्रशासनिक लापरवाही के घेरे में बंद है। हर निरीक्षण में सिर्फ आश्वासन मिलता है। तैनाती के नाम पर फाइलें आगे नहीं बढ़तीं। जब भवन, उपकरण और पद सब मौजूद हैं तो फिर विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती में 24 साल का विलंब का कारण क्या है। जब तक विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती नहीं होगी, तब तक मुहम्मदाबाद गोहना का यह स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र की जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पा रहा हैं।
जनता की मांग को देखते हुए कई बार शासन को विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती के लिए पत्र भेजा गया। बीच-बीच में कई बार सर्जन, बाल रोग विशेषज्ञ और अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती हुई थी। बाद में चिकित्सक स्थानांतरण कराकर चले गए। डॉ रामबदन, अधीक्षक, सीएचसी मुहम्मदाबाद गोहना
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प्रसव में जटिलता, सर्जरी, बच्चों की गंभीर बीमारी या सड़क दुर्घटना के मरीजों को यहां प्राथमिक उपचार के बाद सीधे मऊ या आजमगढ़ जिला अस्पताल भेज दिया जाता है। आपात समय में समय पर इलाज न मिलने से मरीजों और तीमारदारों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है। सालों से सीएचसी रेफरल सेंटर बना हुआ है। गरीब मरीजों को महंगे निजी अस्पतालों में इलाज कराने को मजबूर होना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां की चिकित्सा व्यवस्था प्रशासनिक लापरवाही के घेरे में बंद है। हर निरीक्षण में सिर्फ आश्वासन मिलता है। तैनाती के नाम पर फाइलें आगे नहीं बढ़तीं। जब भवन, उपकरण और पद सब मौजूद हैं तो फिर विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती में 24 साल का विलंब का कारण क्या है। जब तक विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती नहीं होगी, तब तक मुहम्मदाबाद गोहना का यह स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र की जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पा रहा हैं।
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जनता की मांग को देखते हुए कई बार शासन को विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती के लिए पत्र भेजा गया। बीच-बीच में कई बार सर्जन, बाल रोग विशेषज्ञ और अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती हुई थी। बाद में चिकित्सक स्थानांतरण कराकर चले गए। डॉ रामबदन, अधीक्षक, सीएचसी मुहम्मदाबाद गोहना
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