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ग्यारहवीं के विद्यार्थियों को मिलेंगे सिर्फ आठ महीने

Sat, 03 Apr 2021 12:13 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 03 Apr 2021 12:13 AM IST
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Eleventh students will get only eight months
मऊ। अब सीबीएसई से संबद्ध विद्यालयों में नौवीं से 12वीं तक की कक्षाओं में छात्र-छात्राओं को नए शिक्षा सत्र 2021-22 से पूरा कोर्स पढ़ना होगा। ऐसे में दसवीं के रिजल्ट के बाद 11वीं के विद्यार्थियों को करीब आठ महीने ही मिलेंगे जिससे उन्हें कोर्स पूरा करने में परेशानी आ सकती है। कोविड-19 के चलते सीबीएसई ने सत्र 2020-21 के पाठ्यक्रम में 30 प्रतिशत की कटौती का फैसला वापस ले लिया है। ऐसे में पुन: बढ़ते कोरोना संक्रमण और स्कूलों के बंद होने से छात्रों के साथ शिक्षक भी असमंजस में हैं।
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जिले में सीबीएसई से संबद्ध 31 विद्यालय संचालित हैं। अप्रैल माह से शुरू नए शिक्षा सत्र में छात्र-छात्राओं को पूरा पाठ्यक्रम पढ़ना होगा। सीबीएसई ने कक्षा नौ से 12 कक्षा के पाठ्यक्रम को वेबसाइट पर अपलोड भी कर दिया है। इसके अलावा विद्यालयों को भी इसकी सूचना दे दी गई है। विद्यार्थी सीबीएसई की वेबसाइट पर जाकर सब्जेक्टवाइज सिलेबस देख सकते हैं। शिक्षकों की मानें तो नए शिक्षा सत्र में विद्यालय लगातार खुलते हैं तो छात्रों के कठिनाई नहीं होती। लेकिन जिस गति से कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है। गत वर्ष की तरह इस बार भी विद्यालय बंद हुए तो पाठ्यक्रम में 30 प्रतिशत कटौती करनी आवश्यक है। खास तौर पर 11वीं कक्षा में विशेष आवश्यकता है।
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दसवीं की परीक्षा चार मई से प्रस्तावित है। रिजल्ट 15 जुलाई तक प्रस्तावित है। ऐसे में कक्षा 11 में दाखिला 15 जुलाई के बाद ही होने की संभावना है। नए सत्र की परीक्षा फरवरी-मार्च 2022 में होने की संभावना है। ऐसे में छात्रों को पढ़ने के लिए मात्र आठ माह का समय मिल रहा है। इसमें भी त्योहारों का अवकाश भी शामिल हैं।
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शिक्षक बोले, विद्यालय लगातार खुले तो नहीं आएगी समस्या इस संबंध में अमृत पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्य डॉ. माया सिंह का कहना है कि स्थिति सामान्य है। नए शिक्षा सत्र में लगातार विद्यालय खुलते रहें तो विद्यार्थियों को पर्याप्त समय मिलेगा। पूरा पाठ्यक्रम पढ़ने से ही छात्र प्रतियोगी परीक्षा में सफल हो सकते हैं। इसी क्रम में चंद्रा पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य केसी पीटर का कहना था कि यदि विद्यालय लगातार खुलते रहे तो छात्रों को पाठ्यक्रम तैयार करने में समस्या नहीं आएगी। यदि पिछले वर्ष की तरह स्थिति आती है तो पाठ्यक्रम में 30 प्रतिशत कटौती होनी चाहिए।

सीबीएसई ने नया शिक्षा सत्र में पाठ्यक्रम में 30 प्रतिशत कटौती को वापस ले लिया है। छात्रों तथा शिक्षकों की समस्याओं को पत्र के माध्यम से सीबीएसई को भेजा जाएगा।
- पीएल जैसी, जिला कोआर्डिनेटर, सीबीएसई
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