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दर्जनभर गांवों में बिजली संकट
अमर उजाला ब्यूरो/मऊ
Updated Thu, 22 Jun 2017 11:13 PM IST
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सेमरी जमालपुर बिजली उपकेंद्र पर खराब पड़ा ट्रांसफार्मर
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घोसी विकास खंड क्षेत्र का सेमरी जमालपुर का 33/11 विद्युत उपकेंद्र का आठ एमवीए का ट्रांसफार्मर तीन महीने में ही जलने से विद्युत आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है। एक ही ट्रांसफार्मर से सभी फीडरों को चलाया जा रहा है। 24 घंटे में मात्र दो घंटे ही बिजली मिल पा रही है। कम बिजली मिलने से जहां कृषि कार्य पर असर पड़ रहा है। वहीं गर्मी व उमस के बीच एक-एक पल बिताना मुश्किल हो रहा है। विभागीय लापरवाही की स्थिति यह है कि ट्रांसफार्मर जले एक हफ्ता हो गया लेकिन नया ट्रांसफार्मर नहीं लगाया जा सका है। शिकायत के बाद भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा सका है।
सेमरीजमालपुर स्थित विद्युत उपकेंद्र से क्षेत्र के मझवारा, पवनी, इंदारा, मलेरीकोट सहित दर्जनभर गांवों को विद्युत आपूर्ति की जाती है। विद्युत उपकेंद्र में आठ एमवीए और पांच एमवीए का ट्रांसफार्मर लगा है। तकनीकी खामी के चलते आठ एमवीए का ट्रांसफार्मर फुंकने के बाद दर्जनों गांवों में बिजली संकट संकट गहराता ही जा रहा है। तीन माह पूर्व नया आठ एमवीए का ट्रांसफार्मर लगा था, लेकिन एक बार फिर जल गया। ग्रामीणों की मानें तो विभाग की ओर से कम क्षमता का ट्रांसफार्मर लगाने से ओवरलोड के चलते ट्रांसफार्मर जल जा रहा है।
क्षेत्र के दयाशंकर पांडेय का कहना है कि सेमरीजमालपुर का विद्युत उपकेंद्र में दशकों पूर्व लगे विद्युत उपकरण और मशीनें जर्जर हैं। विभागीय अधिकारियों के मनमाने रवैए के चलते मशीनें तथा विद्युत उपकरणों का रख रखाव सही ढंग से नहीं हो पा रहा है। सुशील राय का कहना है कि धान की नर्सरी रोपाई योग्य हो गई है, लेकिन पीक आवर में दो घंटे भी बिजली नहीं मिल पा रही है। श्रवण कुुमार, घूरा गुप्ता का कहना है कि विभागीय अधिकारियों के लापरवाही का खामियाजा हम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को अविलंब बहाल नहीं किया गया तो लोगों का गुस्सा फूट सकता है। इस बाबत विद्युत वितरण खंड तृतीय के उप खंड अधिकारी एसपी मिश्रा का कहना है कि प्रक्रिया चल रही है। ट्रांसफार्मर मिलते ही बदल दिया जाएगा।
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सेमरीजमालपुर स्थित विद्युत उपकेंद्र से क्षेत्र के मझवारा, पवनी, इंदारा, मलेरीकोट सहित दर्जनभर गांवों को विद्युत आपूर्ति की जाती है। विद्युत उपकेंद्र में आठ एमवीए और पांच एमवीए का ट्रांसफार्मर लगा है। तकनीकी खामी के चलते आठ एमवीए का ट्रांसफार्मर फुंकने के बाद दर्जनों गांवों में बिजली संकट संकट गहराता ही जा रहा है। तीन माह पूर्व नया आठ एमवीए का ट्रांसफार्मर लगा था, लेकिन एक बार फिर जल गया। ग्रामीणों की मानें तो विभाग की ओर से कम क्षमता का ट्रांसफार्मर लगाने से ओवरलोड के चलते ट्रांसफार्मर जल जा रहा है।
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क्षेत्र के दयाशंकर पांडेय का कहना है कि सेमरीजमालपुर का विद्युत उपकेंद्र में दशकों पूर्व लगे विद्युत उपकरण और मशीनें जर्जर हैं। विभागीय अधिकारियों के मनमाने रवैए के चलते मशीनें तथा विद्युत उपकरणों का रख रखाव सही ढंग से नहीं हो पा रहा है। सुशील राय का कहना है कि धान की नर्सरी रोपाई योग्य हो गई है, लेकिन पीक आवर में दो घंटे भी बिजली नहीं मिल पा रही है। श्रवण कुुमार, घूरा गुप्ता का कहना है कि विभागीय अधिकारियों के लापरवाही का खामियाजा हम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को अविलंब बहाल नहीं किया गया तो लोगों का गुस्सा फूट सकता है। इस बाबत विद्युत वितरण खंड तृतीय के उप खंड अधिकारी एसपी मिश्रा का कहना है कि प्रक्रिया चल रही है। ट्रांसफार्मर मिलते ही बदल दिया जाएगा।
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