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सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट बनने की शुरू हुई कवायद, मिलेगी राहत
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मऊ। नगर क्षेत्र से निकलने वाले सैकड़ों टन कचरे के निस्तारण के लिए रैनी स्थित डंपिंग ग्राउंड पर सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाने की कवायद शुरू हो गई। नगर पालिका द्वारा 15 करोड़ रुपये की लागत से सालिड वेस्ट मैनेजमेंट बनाने के लिए कयावद शुरू कर दी गई है। इसके लिए बकायदा टेंडर कर कार्यदायी संस्था सीएनडीएस के खाते में अग्रिम तीन करोड़ रुपयेे भेज भी दी गई है।
उम्मीद है कि जल्द ही इस प्लांट के बनने से सड़क किनारे बिना बाउंड्रीबाल कराए डंप किए जा रहे सैकड़ों टन कचरे से उठने वाली भीषण दुर्गंध से राहत मिलेगी। नगर पालिका मऊ द्वारा नगर के 42 वार्डों से निकलने वाला करीब 120 टन कचरा प्रतिदिन नगर से सात किमी दूर रैनी में सड़क किनारे डंपिंग ग्राउंड के लिए चिह्नित जमीन में बिना बाउंड्रीबाल का निर्माण कराए ही किया जा रहा है।
नगर पालिका ने कचरा बरलाई-धवरियासाथ सड़क मार्ग किनारे होने से इस मार्ग किनारे स्थित रैनी, बसारतपुर, बैजापुर, कासिमपुर, पुराघाट, धवरियासाथ सहित दूसरे गांव के 20 हजार से अधिक ग्रामीणों के साथ राहगीरों तथा वाहन चालकों को इससे काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अमर उजाला द्वारा इस समस्या को लेकर पांच अक्तूबर को लापरवाही: नगर का सैकड़ों टन कचरा बना ग्रामीणों का सिर दर्द शीर्षक से प्रकाशित किया गया था। अमर उजाला में प्रकाशित खबर तथा लोगों के विरोध के चलते इस समस्या को दूर करने की कवायद नपा ने कुछ ही दिन बाद शुरू कर दी थी।
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नगर पालिका ईओ दिनेश कुमार ने बताया कि डंपिंग ग्राउंड पर सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की कवायद शुरू हो चुकी है। बोले कि करीब 15 करोड़ की लागत से यह प्लांट बनाया जाएगा। टेंडर की प्रक्रिया पूरा होने के बाद कार्यदायी संस्था सीएनडीएस के खाते में अग्रिम तीन करोड़ रूपये भेज भी दी गई है।
सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट में बनेगा खाद, बढ़ेगी नपा की आय
मऊ। नगर पालिका से निकलने वाले कूड़े-कचरे के निस्तारण के लिए बनाया जा रहा सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट नगर पालिका परिषद की आय भी बढ़ेगी। प्लांट में कचरे से कंपोस्ट खाद बनाने के साथ ही अलग-अलग कूड़े से निकलने वाले चीजों को बेचकर नगर पालिका अपनी आय बढ़ाएगी। गीले कूड़े से कंपोस्ट खाद, सूखे कूड़े से निकलने वाली प्लास्टिक व अन्य पदार्थों से सड़क बनाने में लगने वाला रॉ मटेरियल अलग किया जाएगा। इसके साथ ही लोहे और अन्य प्रकार के धातु को भी प्रथक पर बिक्री किया जाएगा।
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उम्मीद है कि जल्द ही इस प्लांट के बनने से सड़क किनारे बिना बाउंड्रीबाल कराए डंप किए जा रहे सैकड़ों टन कचरे से उठने वाली भीषण दुर्गंध से राहत मिलेगी। नगर पालिका मऊ द्वारा नगर के 42 वार्डों से निकलने वाला करीब 120 टन कचरा प्रतिदिन नगर से सात किमी दूर रैनी में सड़क किनारे डंपिंग ग्राउंड के लिए चिह्नित जमीन में बिना बाउंड्रीबाल का निर्माण कराए ही किया जा रहा है।
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नगर पालिका ने कचरा बरलाई-धवरियासाथ सड़क मार्ग किनारे होने से इस मार्ग किनारे स्थित रैनी, बसारतपुर, बैजापुर, कासिमपुर, पुराघाट, धवरियासाथ सहित दूसरे गांव के 20 हजार से अधिक ग्रामीणों के साथ राहगीरों तथा वाहन चालकों को इससे काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अमर उजाला द्वारा इस समस्या को लेकर पांच अक्तूबर को लापरवाही: नगर का सैकड़ों टन कचरा बना ग्रामीणों का सिर दर्द शीर्षक से प्रकाशित किया गया था। अमर उजाला में प्रकाशित खबर तथा लोगों के विरोध के चलते इस समस्या को दूर करने की कवायद नपा ने कुछ ही दिन बाद शुरू कर दी थी।
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नगर पालिका ईओ दिनेश कुमार ने बताया कि डंपिंग ग्राउंड पर सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की कवायद शुरू हो चुकी है। बोले कि करीब 15 करोड़ की लागत से यह प्लांट बनाया जाएगा। टेंडर की प्रक्रिया पूरा होने के बाद कार्यदायी संस्था सीएनडीएस के खाते में अग्रिम तीन करोड़ रूपये भेज भी दी गई है।
सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट में बनेगा खाद, बढ़ेगी नपा की आय
मऊ। नगर पालिका से निकलने वाले कूड़े-कचरे के निस्तारण के लिए बनाया जा रहा सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट नगर पालिका परिषद की आय भी बढ़ेगी। प्लांट में कचरे से कंपोस्ट खाद बनाने के साथ ही अलग-अलग कूड़े से निकलने वाले चीजों को बेचकर नगर पालिका अपनी आय बढ़ाएगी। गीले कूड़े से कंपोस्ट खाद, सूखे कूड़े से निकलने वाली प्लास्टिक व अन्य पदार्थों से सड़क बनाने में लगने वाला रॉ मटेरियल अलग किया जाएगा। इसके साथ ही लोहे और अन्य प्रकार के धातु को भी प्रथक पर बिक्री किया जाएगा।