मऊ। जिले के परिषदीय विद्यालयों में अब हर शनिवार बच्चों के लिए मस्ती की पाठशाला लगेगी। इसके तहत खेल, कहानी, चित्रकला, संगीत, समूह चर्चा और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को सीखने का अवसर मिलेगा। हर महीने के अंतिम शनिवार को बाल मनोविज्ञान आधारित विशेष कार्यक्रम कराए जाएंगे। पढ़ाई में कमजोर बच्चों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं चलाई जाएंगी। जिले में 1208 परिषदीय विद्यालयों में 1.30 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। नए शैक्षिक कैलेंडर के अनुसार प्रत्येक शनिवार को विद्यार्थियों के लिए मनोरंजक और शैक्षिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। जबकि हर महीने के अंतिम शनिवार को बाल मनोविज्ञान आधारित विशेष कार्यक्रम कराए जाएंगे। विभाग की तरफ से 50 प्रतिशत से कम अंक पाने वाले विद्यार्थियों के लिए विशेष अतिरिक्त कक्षाओं की व्यवस्था की जाएगी। इन कक्षाओं में बच्चों की बुनियादी अवधारणाओं को मजबूत करने पर फोकस रहेगा, ताकि कमजोर छात्र भी मुख्यधारा के साथ आगे बढ़ सकें। शिक्षक बच्चों की व्यक्तिगत समस्याओं, पढ़ाई में आने वाली कठिनाइयों और भावनात्मक मुद्दों पर चर्चा करेंगे। वहीं विद्यालयों में हर सप्ताह रीडिंग डे मनाया जाएगा। इस दिन बच्चों को पुस्तकालय में समय देकर विभिन्न प्रकार की किताबें पढ़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा। विभागीय अधिकारियों की मानें तो नई व्यवस्था से बच्चों की भाषा क्षमता, कल्पनाशक्ति और मानसिक विकास में मदद मिलेगी। इस बाबत नगर शिक्षा अधिकारी रजित लाल रत्नाकर का कहना है कि नए शैक्षिक कैलेंडर का उद्देश्य बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ाना और उनकी रचनात्मक क्षमता को विकसित करना है। सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को दिशा निर्देश जारी किया गया है।