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सर्द हवाओं के साथ हुई बूंदबांदी से बढ़ी ठंड

Wed, 29 Dec 2021 11:18 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 29 Dec 2021 11:18 PM IST
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Drizzle with cold winds increased cold
मऊ। बुधवार को तड़के सर्द हवाओं के साथ बूंदबांदी होने से ठंड बढ़ी तो लोगों के रोजमर्रा जिंदगी की रफ्तार धीमी पड़ गई। इस बीच आम जनजीवन पर मौसम के बदलाव का व्यापक असर नजर आया। लोग अपने घरों से देर से निकले। स्कूल जाने वाले बच्चों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा। रोडवेज तथा रेलवे स्टेशन पर प्रतीक्षारत यात्रियों को कांपते देखा गया। शीतलहर के प्रकोप के बाद भी जिले के विभिन्न इलाकों के सार्वजनिक स्थलों पर अलाव नहीं जलवाया जा सका था।
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मंगलवार की शाम शुरू हुई बारिश के बाद शीतलहर का कहर जारी रहने से लोगों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। बुधवार को तड़के सर्द हवा के साथ हुई बूंदाबांदी से ठंड बढ़ गई। सुबह लगभग सात बजे तक सन्नाटा की स्थिति रही। नाम मात्र वाहन चल रहे थे। दिन भर भगवान भाष्कर के न निकलने से जन-जीवन प्रभावित रहा। ठंड के कारण बाजारों में चहल पहल नजर नहीं आ रही थी। ठंड बढ़ने से बड़े, बूढ़े बच्चे घरों में कैद होकर रह गए। तापमान पर नजर डाला जाए तो अधिकतम 19 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस रहा। आर्द्रंता 93 प्रतिशत रही। आठ किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल रही थी। ठंड बढ़ जाने से ऊनी गर्म कपड़ों तथा हीटर की बिक्री बढ़ गई। दुकानों पर स्टाक लगाए बैठे दुकानदारों के चेहरे पर रौनक दिखाई दी। जबकि अन्य कारोबार सर्दी से प्रभावित नजर आ रहे हैं। शीतलहर का प्रकोप जारी रहने के बाद भी जिले के ग्रामीण इलाकों के सार्वजनिक स्थलों पर अलाव नहीं जलवाया जा सका था। जबकि प्रशासन की तरफ से अलाव जलवाने के लिए 50-50 हजार रुपया का बजट जारी किया गया है।
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ठंड के कहर से किसानों की बढ़ी दुश्वारियां
मधुबन। तहसील क्षेत्र में मंगलवार की रात हुई बारिश के बाद बुधवार को तड़के सर्द हवा के साथ हुई बूंदाबांदी से ठंड बढ़ गई। ठंड के कहर से किसानों को अपने धान को लेकर काफी दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। क्रय केंद्र पर ट्राली खड़ाकर इस ठंड के मौसम में कंपकपी को विवश हैं । वहीं बारिश के चलते ट्राली पर रखे धान के भी बर्बाद होने की आशंका सता रही है।क्षेत्र में स्थित क्रय केंद्रों पर टोकन सिस्टम लागू होने और प्रतिदिन सात सौ क्विंटल धान क्रय करने का लक्ष्य निर्धारित होने के बाद किसान धान लेकर क्रय केंद्र पर पहुंच जा रहे हैं । इसमें विपणन शाखा पर आलम यह है कि माह में दो बार खाद्यान्न की निकासी होने और पल्लेदारों की कमी के चलते दिनभर में तीन से चार सौ क्विंटल ही धान की खरीद हो पा रही है । इससे क्रय केंद्र पर किसानों की संख्या बढ़ती जा रही है। मंगलवार को भी दर्जनों ट्राली धान लादकर क्रय केंद्र पर खड़ा थी। ठंड के मौसम में किसान क्रय केंद्र पर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। वहीं धान के भी भीगकर खराब होने की आशंका सता रही है।
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