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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   Drinking water crisis as heat started

गर्मी शुरू होते ही गहराने लगा पेयजल संकट

Tue, 04 Apr 2017 11:21 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/मऊ
अमर उजाला ब्यूरो/मऊ Updated Tue, 04 Apr 2017 11:21 PM IST
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जैसे जैसे सूरज की तपिश बढ़ती जा रही है मधुबन कस्बे एवं आसपास के इलाकों में पीने के पानी का संकट गहराने लगा है। पानी के लिए लगे हैंडपंप अब जवाब  देने लगे हैं। लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। हालांकि अधिकांश लोग सबमर्सिबल पंप लगाकर अपना काम चला रहे हैं।लेकिन आने वाले दिनों में और भी पानी का संकट गहराने की आशंका बढ़ती जा रही है।
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 मधुबन कस्बे में रोडवेज के अगल-बगल लगभग सैकड़ों परिवार ऐसे है जिन्हें बढ़ती  गर्मी में पानी का संकट झेलना पड़ रहा है।पानी का सतह धीरे धीरे काफी नीचे  चला गया है। पानी के लिए लगे हैंडपंप कई बार चलाने पर थोड़ा थोड़ा पानी दे  रहे हैं। हैंडपंप चलाने में लोगों के पसीने आ जा रहे हैं। खासकर रोडवेज के  पास बसे सैकड़ों परिवार इस समस्या से जूझते नजर आ रहे हैं। इसमें से अधिकांश  लोग आज भी जलनिगम के पानी के भरोसे हैं। जिस दिन जलनिगम के पानी की सप्लाई  नहीं होती है उस दिन लोगों को नहाने के अलावा अन्य कार्यों के लिए काफी  दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।ऐसे में लोगों को उम्मीद है कि स्थानीय  प्रशासन पानी की किल्लत को देखते हुए जरूरी कदम उठाएं। बृजेश जायसवाल ने कहा कि गत वर्ष हल्की बरसात होने के कारण जल का स्तर  काफी नीचे जाने की वजह से पानी मिलने में समस्या आ रही है। समस्या से निपटने  के लिए और ज्यादा हैंडपंप लगाने और जलनिगम की सुविधा को बेहतर बनाने की  जरूरत है।  इसी क्रम में पारस गुप्ता ने कहा कि हर साल पानी का स्तर घटता जा रहा है। अभी तो कुछ  रसूखदार लोग सबमर्सिबल पंप लगा लिए हैं तो उन्हें पानी भरपूर मिल जा रहा है  लेकिन जिनके यहां हैंडपंप ही सहारा है उन्हें काफी दिक्कतों का सामना  करना पड़ रहा है।
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महाप्रसाद गुप्ता ने कहा कि यह क्षेत्र भौगोलिक दृष्टि से थोड़ा ऊंचाई पर  स्थित है इसलिए पानी का लेबल हर साल नीचे चला जाता है इसका स्थायी समाधान  खोजने की जरूरत है। विवेक गुप्ता ने कहा कि कस्बे के आसपास पानी इकट्ठा होंनेे के सारे सिस्टम पोखरी नहर  आदि के पट जाने से भी पानी की जबरदस्त किल्लत होती है। कस्बे के आसपास की पोखरियो को फिर से खोदवाने और उनके सुंदरीकरण की जरूरत है।
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