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शोपीस बनकर रह गया है जिला राजकीय पुस्तकालय
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मऊ। नगर के शिक्षा विभाग कालोनी में 65 लाख की लागत से बना राजकीय जिला पुस्तकालय शोपीस बनकर रह गया है। विभाग की तरफ से स्टाफ की तैनाती न होने की वजह से पुस्तकालय भवन में वर्षों से ताला लटका है। इस कारण यहां पर पुस्तकालय नहीं खुलता और युवाओं को इसका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है।
जिला मुख्यालय स्थित राजकीय जिला पुस्तकालय का अपना खुद का भवन न होने से नगर के इमिलिया स्थित राजकीय बालिका इंटर कालेज के भवन में संचालित हो रहा था। शासन से सेवा प्रदाता के माध्यम से लाइब्रेरियन, कंप्यूटर ऑपरेटर, चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी की तैनाती की गई थी। वर्ष 2016 में निदेशालय स्तर से सेवा प्रदाता की सेवाएं समाप्त कर दी गई। इसके बाद विभाग की तरफ से स्टाफ की तैनाती नहीं हो सकी।
विभाग की तरफ से नगर के शिक्षा विभाग कालोनी में करीब 65 लाख की लागत से राजकीय जिला पुस्कालय के भवन की स्थापना की गई। वर्ष 2018 भवन हैंडओवर भी हो गया। पुस्तकालय में विभिन्न प्रकार की पुस्तकें भी हैं। पुस्तकालय के संचालन के लिए लाइब्रेरियन, कंप्यूटर आपरेटर, चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी की तैनाती होनी है। स्टाफ की तैनाती न होने से राजकीय पुस्तकालय शो पीस बनकर रह गया है।
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इस संबंध में नगर के सहादतपुरा निवासी छात्र हरेंद्र यादव, सौरभ कुमार सिंह, संतोष शर्मा का कहना था कि तीन साल से जिला मुख्यालय का राजकीय जिला पुस्तकालय का लाभ नहीं मिल पा रहा है। पुस्तकालय का संचालन होता तो सिविल सर्विस, बैंकिंग, एसएससी, टीईटी आदि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में मदद मिलती। इसे अविलंब संचालन किया जाए। इस बाबत जिला विद्यालय निरीक्षक राजेंद्र प्रसाद का कहना था कि राजकीय जिला पुस्तकालय के लिए स्टाफ नियुक्त न होने के कारण समस्या आ रही है। इस मामले में निदेशालय को पत्र भेजा गया है।
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जिला मुख्यालय स्थित राजकीय जिला पुस्तकालय का अपना खुद का भवन न होने से नगर के इमिलिया स्थित राजकीय बालिका इंटर कालेज के भवन में संचालित हो रहा था। शासन से सेवा प्रदाता के माध्यम से लाइब्रेरियन, कंप्यूटर ऑपरेटर, चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी की तैनाती की गई थी। वर्ष 2016 में निदेशालय स्तर से सेवा प्रदाता की सेवाएं समाप्त कर दी गई। इसके बाद विभाग की तरफ से स्टाफ की तैनाती नहीं हो सकी।
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विभाग की तरफ से नगर के शिक्षा विभाग कालोनी में करीब 65 लाख की लागत से राजकीय जिला पुस्कालय के भवन की स्थापना की गई। वर्ष 2018 भवन हैंडओवर भी हो गया। पुस्तकालय में विभिन्न प्रकार की पुस्तकें भी हैं। पुस्तकालय के संचालन के लिए लाइब्रेरियन, कंप्यूटर आपरेटर, चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी की तैनाती होनी है। स्टाफ की तैनाती न होने से राजकीय पुस्तकालय शो पीस बनकर रह गया है।
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इस संबंध में नगर के सहादतपुरा निवासी छात्र हरेंद्र यादव, सौरभ कुमार सिंह, संतोष शर्मा का कहना था कि तीन साल से जिला मुख्यालय का राजकीय जिला पुस्तकालय का लाभ नहीं मिल पा रहा है। पुस्तकालय का संचालन होता तो सिविल सर्विस, बैंकिंग, एसएससी, टीईटी आदि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में मदद मिलती। इसे अविलंब संचालन किया जाए। इस बाबत जिला विद्यालय निरीक्षक राजेंद्र प्रसाद का कहना था कि राजकीय जिला पुस्तकालय के लिए स्टाफ नियुक्त न होने के कारण समस्या आ रही है। इस मामले में निदेशालय को पत्र भेजा गया है।