फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   Digital Arrest in mau talked to victim pretending to be policeman duped twice

Digital Arrest: ‘तुम्हारी भतीजी मिल गई है दस हजार भेज दो’, पीड़ित से पुलिस बनकर की बातचीत; दो बार ठग लिए

Thu, 12 Sep 2024 06:12 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मऊ।
अमर उजाला नेटवर्क, मऊ। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Thu, 12 Sep 2024 06:12 PM IST
सार

Mau News: साइबर ठगों ने रुपये ऐंठने का नया पैंतरा अपनाया है। वह बाहर पढ़ रहे बच्चों की जानकारी जुटा कर उनके परिजनों को फोन कर बच्चों को झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर रुपये ऐंठ रहे रहे हैं। बीते छह महीने में 14 मामले सामने आए हैं। एसपी ने सुझाव दिया कि डिजिटल अरेस्ट करने वाले जब भी कॉल करें तो पैनिक होने के बजाए संयमित रहे। जब बच्चों को हिरासत में लेने की कॉल आए तो पहले बच्चे या उसके साथियों को कॉल करके सुनिश्चित करें कि क्या मामला है?

विज्ञापन
Digital Arrest in mau talked to victim pretending to be policeman duped twice
मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक इलामारन जी.। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मऊ में बुधवार को डिजीटल अरेस्ट का एक मामला पुलिस अधीक्षक इलामारन जी. के पास पहुंचा। पीड़ित व्यक्ति ने बताया कि उसे गत दिनों एसपी कार्यालय मऊ से फोन किया गया था, जहां उसकी गायब भतीजी के प्रयागराज में मिलने की बात कहकर उसे यहां लाने के नाम पर उससे दो बार में तीस हजार रुपये का भुगतान कराया गया है। लेकिन कई दिन बीतने के बाद भी न तो उसकी भतीजी उसे मिली न ही अब उस पुलिसकर्मी का फोन मिल रहा है।

विज्ञापन


एसपी इलामारन जी. ने बताया कि पीड़ित घोसी कोतवाली क्षेत्र के विक्कमपुर बीजपुर का निवासी है। उसकी भतीजी बीते 23 जूलाई 2024 से गुमशुदा है। इस मामले में पीड़ित की भाभी की तहरीर पर एक युवक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर पुलिस किशोरी की तलाश में जुटी है।

विज्ञापन

हैरान करने वाला है शातिर अंदाज
पीड़ित ने बताया है कि इस घटना के कुछ दिन बाद ही उसे एक फोन आया, जिसने खुद को एसपी मऊ कार्यालय से होना बताकर उसकी गायब बेटी के प्रयागराज से बरामद होने की बात कही। साथ ही उसे प्रयागराज से मऊ लाने में दस हजार रुपये का खर्च होने की बात कही। जिस पर पीड़ित ने अपनी भतीजी को जल्द से जल्द घर लाने की उम्मीद में संबंधित फर्जी साइबर अपराधी के खाते में दस हजार रुपये का भुगतान कर दिया गया। 



तीस मिनट बाद दोबारा कॉल करके भेजी गई राशि अपर्याप्त बताकर बीस हजार की मांग फिर की गई, जब पीड़ित व्यक्ति ने आनाकानी की तो उसकी भतीजी न मिलने की बात कही गई, जिसके बाद सहमकर उसने दोबारा पुलिसकर्मी के खाते में यह राशि भेज दी।

तीस हजार की राशि भेजने के 24 घंटे बाद अपनी भतीजी के न आने पर उसने घोसी पुलिस को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद उसे पता चला कि वह डिजीटल अरेस्ट का शिकार हुआ है। एसपी ने बताया कि ठगों ने आनलाइन दर्ज हुए मुकदमे के बारे में जानकारी कर पीड़ित परिवार के जज्बातों का सहारा लेकर उन्हें अपना शिकार बनाया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed